कोरोना से बचावः कलेक्टर ने जारी किया हेल्प लाइन नंबर

-साढ़े सात लाख लोगों का सर्वे, सात सौ होम क्वारंटीन

By: Ajay Chaturvedi

Updated: 01 Aug 2020, 03:38 PM IST

सीधी. जिले में कोरोना से बचाव के उपाय काफी तेज कर दिए गए हैं। इसी के तहत किल कोरोना अभियान भी तेज हो गया है। इस अभियान के तहत अब तक साढ़े सात लाख लोगो का सर्वे किया गया है जिसमें से तकरीबन सात सौ लोगों को होम क्वारंटीन किया गया है।

कलेक्टर रवींद्र कुमार चौधरी ने सभी नागरिकों से अपील की है कि कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिए आवश्यक सावधानी बरतें तथा शासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करें। सभी अपने घरों पर ही रहें, बहुत जरूरी हो तभी घर से बाहर निकलें। घर से बाहर निकलने पर मास्क जरूर लगाए रखें। सार्वजनिक स्थानों पर अन्य व्यक्तियों से दो गज की दूरी बनाए रखें, नियमित अंतराल पर हाथों को साबुन पानी से धोएं या सैनिटाइज करते रहें। गंदे हाथों से नाक, मुंह या आंखों को न छुए।

उन्होंने कहा कि जिले में लगातार कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ रही है। खास तौर पर दिल्ली, मुंबई व इंदौर जैसे स्थानों से आने वालों से संक्रमण फैलने की आशंका लगातार बनी है। उन्होंने किसी अन्य राज्य या जिलों से आने वालों को हिदायत दी कि बाहर से आने वाले सभी व्यक्ति अपनी जानकारी प्रशासन से साझा करें। 14 दिन के लिए होम क्वारंटाइन रहें तथा अन्य व्यक्तियों, यहां तक कि घर वालों के भी सीधे संपर्क में न आए। सर्दी, खांसी या बुखार की समस्या होने पर नजदीकी फीवर क्लीनिक में जांच कराएं।

कलेक्टर ने कहा कि सेहत संबंधी किसी तरह की जानकारी तत्काल जिला स्तरीय कंट्रोल रूम नंबर- 07822-297521 पर उपलब्ध कराएं, जिले में 11 फीवर क्लीनिक संचालित हैं। जिला अस्पताल सीधी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामपुर नैकिन, सेमरिया, सिहावल, मझौली, कुसमी एवं चुरहट तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अमिलिया, बरिगवां, बिठौली एवं अमरपुर में जांच की सुविधा उपलब्ध है।

इस बीच मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ बीएल मिश्रा ने बताया कि जिले में एक जुलाई से किल कोरोना अभियान जारी रहा है। अभियान में 1 से 8 जुलाई तक कुल एक लाख 44 हजार 383 घरों के कुल 7 लाख 47 हजार 556 सदस्यों का सर्वे किया गया है। सर्वे में 695 व्यक्ति सर्दी-खांसी से पीड़ित पाए गए, उनको विकासखण्ड वार 11 फीवर क्लीनिक में रेफर कर होम क्वारंटाइन किया गया। सर्वे में 1468 लोगों को बुखार होना पाया गया जिनकी रैपिड डाइग्नोसिस किट के द्वारा जांच की गई। जांच में 15 व्यक्ति मलेरिया से पीड़ित मिले हैं। उन्हे यथा स्थल पर ही क्लोरोक्वीन, प्राइमाक्वीन की दवा प्रदान की गई।

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