कांग्रेस का वचन पत्र: भुमका-मूसामूड़ी के किसानों की अधिग्रहित जमीन होगी वापस, CG के इस फैसले से MP में जगी उम्मीद

कांग्रेस का वचन पत्र: भुमका-मूसामूड़ी के किसानों की अधिग्रहित जमीन होगी वापस, CG के इस फैसले से MP में जगी उम्मीद
Congress Vachan Patra Acquired Land from farmer will be returned in MP

Suresh Kumar Mishra | Publish: Dec, 29 2018 04:40:32 PM (IST) Sidhi, Sidhi, Madhya Pradesh, India

छत्तीसगढ़ के बाद मध्यप्रदेश सरकार के निर्णय का इंतजार

सीधी। मझौली क्षेत्र के मूसामूड़ी व भुमका गांव के किसानों को पॉवर प्लांट के लिए अधिग्रहीत भूमि वापस मिलने की आस बंधने लगी है। कांग्रेस ने अपने वचन (घोषणा) पत्र में भी इस मुद्दे को शामिल किया था। जिसमें उल्लेख किया था कि 5 वर्ष पहले जो कृषि भूमि औद्योगिक उपयोग के लिए अधिग्रहित की गई थीं और उन पर उद्योग स्थापित नहीं किए गए, ऐसी भूमियां किसानों को वापस कर दी जाएंगी। छत्तीसगढ़ सरकार ने हाल ही में एक आदेश जारी कर टाटा इस्पात संयंत्र के लिए अधिग्रहित भूमि किसानों को वापस करने का निर्णय लिया है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा जारी आदेश में बताया गया कि टाटा इस्पात संयंत्र के लिए आदिवासी बाहुल्य बस्तर जिलेे के लोहंडीगुणा क्षेत्र में वर्ष 2008 में जिन किसानों की भूमि अधिग्रहित की गई थी, उन्हें उनकी जमीन वापस की जाएगी। इसके पीछे तर्क दिया गया कि अधिग्रहण से पांच साल के भीतर संयंत्र स्थापित नहीं किया गया है। मुख्यमंत्री बघेल के इस निर्णय के बाद मप्र के किसानों में भी उम्मीद बढ़ गई है कि ऐसी भूमियां यहां भी वापस की जाएंगी।

34 दिन किया गया था क्रमिक अनशन
फर्जी ग्रामसभा के आधार पर अधिग्रहीत भूमि व निर्धारित समय सीमा में कंपनी द्वारा प्लांट स्थापित न करने के बाद किसानों ने भूमि वापसी के लिए संघर्ष शुरू कर दिया था। इसके लिए उन्होंने टोंकों, रोको, ठोंको क्रांतिकारी मोर्चा के संयोजक उमेश तिवारी के नेतृत्व में कई बार आंदोलन प्रदर्शन भी किया। वर्ष 2017 में तो लगातार 34 दिन तक क्रमिक अनशन किया गया था, तब भी किसानों को राहत नहीं दी गई।

1200 एकड़ भूमि का अधिग्रहण
मेसर्स आर्यन पॉवर प्लांट के लिए शासन द्वारा भुमका एवं मूसामूड़ी गांव में करीब 1200 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया गया है, जिसमें 500 किसान परिवार प्रभावित हैं। इनमें से करीब पचास फीसदी किसानों द्वारा मुआवजा राशि लेने से भी इंकार कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री को लिखा पत्र
आर्यन पॉवर प्लांट के लिए शासन द्वारा अधिग्रहीत की गई भूमि किसानों को वापस दिलाने के लिए टोंको,रोंको,ठोंको क्रांतिकारी मोर्चा के संयोजक उमेश तिवारी ने मुख्यमंत्री कमलनाथ को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने कांग्रेस को वचन-पत्र में किया गया वादा याद दिलते हुए कहा कि जिले के आदिवासी बाहुल्य भुमका एवं मूसामूड़ी गांव में आर्यन पॉवर कंपनी के लिए अधिग्रहित की गई भूमि किसानों को वापस की जाए। उनके मुताबिक, दोनों गांव मझौली तहसील में स्थित हैं।

वर्ष 2009 में भू-अर्जन की कार्रवाई
आर्यन पावर कंपनी के लिए भू-अर्जन की कार्रवाई वर्ष 2009 में की गई थी, अधिग्रहण प्रक्रिया भी फर्जी ग्राम सभा के आधार पर की गई थी। जिसके विरोध में किसानों ने आंदोलन शुरू किया तो तत्कालीन कलेक्टर ने ग्रामसभा को काल्पनिक बताते हुए राज्य सरकार को प्रतिवेदन भेजकर भू-अर्जन प्रक्रिया निरस्त कराने की बात कही थी। लेकिन अब तक ऐसा नहीं हो सका। जबकि, किसान समय-समय पर इसके लिए आंदोलन करते रहते हैं। तत्कालीन कलेक्टर ने भी मप्र शासन को चार बार स्मरण पत्र लिखा था।

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