न्यायालय का फैसला:मारपीट के प्रकरण में 9 आरोपियों को 2-2 साल का कठोर कारावास

जमीनी विवाद को लेकर की गई थी मारपीट

By: Manoj Pandey

Updated: 03 Jan 2020, 02:14 PM IST

सीधी। जमीनी विवाद के प्रकरण में मारपीट कर उपहति कारित करने वाले 9 आरोपियों को जिला न्यायालय के तृतीय अतिरिक्त न्यायाधीश द्वारा दो-दो वर्ष के कठोर कारावास व छ:-छ: सौ रूपए के अर्थदंड से दंडित किया गया है।
जिला अभियोजन अधिकारी कार्यालय सीधी के मीडिया सेल प्रभारी सहायक जिला अभियोजन अधिकारी सीनू वर्मा द्वारा बताया गया कि थाना कमर्जी के अपराध क्रमांक 176/16 मप्र शासन विरूद्ध उमेश पटेल वगैरह 9 के प्रकरण में प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश के तृतीय अतिरिक्त न्यायाधीश सीधी द्वारा विचारण उपरांत सभी अभियुक्तगणों को जमीनी विवाद के कारण टांगी एवं लाठी डंडों से मारपीट कर उपहति कारित करने के आरोप मे 2-2 वर्ष का सश्रम कारवास एवं 600-600 रूपए जुर्माने की राशि से दंडित करने का निर्णय पारित किया गया। प्रकरण के तथ्य संक्षेप में इस प्रकार हैं कि गत 30 जुलाई 2016 को फरियादी बुद्धसेन भुजवा की अभियुक्त विधायक पटेल से जमीन की फसल पर से गाली गलौंज हो गई थी उसी विवाद पर दिनांक 31 जुलाई 2016 को सुबह ९ बजे के लगभग ग्राम डेरा में तालाब के पास शासन की भूमि जिस पर बुद्धसेन बगैरह का कब्जा था पर अभियुक्तगण उमेश पटेल, रामशरण पटेल, रामभिलाख पटेल, राधिका प्रसाद पटेल, विधायक उर्फ पूर्णेंद्र पटेल, रामाश्रय पटेल, रामकरण पटेल एवं भैयालाल पटेल मवेशी लेकर आए एवं बुद्धसेन के अरहर के खेत में मवेशी डालकर चराने लगे। बुद्धसेन की पत्नी के द्वारा मना करने पर उसके साथ गाली-गलौंज किया गया एवं जान से मारने की धमकी दी। बुद्धसेन के वहां पहुंचने पर विधायक पटेल द्वारा उसके सिर पर टांगी मारी गई। बीच बचाव करने आए बुद्धसेन के भाई सतई एवं छोटेलाल को भी सभी आरोपीगणों ने जान से मारने की नियत से टांगी एवं लाठी-डंडो से प्रहार किया, जिससे उनके सिर पर चोंटे आई और वो वही गिर गए। बुद्धसेन जान बचाकर घर के भीतर घुस गया तो अभियुक्तगण द्वारा घर में घुस कर फरियादी एवं उसकी पत्नी से मारपीट की। उक्त घटना की शिकायत थाना कमर्जी में दर्ज कराई गई। पुलिस द्वारा विवेचना उपरांत अभियुक्तगण के विरूद्ध भादवि की धारा 147, 148, 294, 452, 506(२) एवं 307/149 के अंतर्गत अभियोग पत्र न्यायालय सीधी के समक्ष प्रस्तुत किया गया। जिसमें शासन की ओर से सहायक जिला अभियोजन अधिकारी प्रशांत कुमार पांडेय द्वारा विचारण के दौरान सशक्त पैरवी करते हुए सभी आरोपीगणों को धारा 325, 323,148 एवं 452 भादवि में दोषी प्रमाणित कराया। अभियोजन साक्षीगण की उपस्थिति सुनिश्चित कराए जाने में कोर्ट मोहर्रिर आरक्षक बृजेश पनिका द्वारा सहयोग प्रदान किया गया। विचारण पश्चात् सभी 9 अभियुक्तगणों को संदेह से परे दोषसिद्ध प्रमाणित कराया गया, जिसके आधार पर सभी अभियुक्तगणों को न्यायालय द्वारा कुल २-२ वर्ष का सश्रम कारावास एवं 600-600 रूपए जुर्माने से दंडित किया गया।

Manoj Pandey
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