MP के इस अस्पताल में बिजली से बचत कर रहे चिकित्सक, हकीकत जानकर रह जाएंगे हैरान

MP के इस अस्पताल में बिजली से बचत कर रहे चिकित्सक, हकीकत जानकर रह जाएंगे हैरान

Sonelal Kushwaha | Publish: Oct, 14 2018 03:39:37 AM (IST) Sidhi, MP, India

सीधी जिले के सेमरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में एवरेज बिलिंग, हर साल सरकार को 8 से 10 लाख की चपत

सीधी (संजय पांडेय). आम उपभोक्ताओं के लिए सख्ती दिखाने वाली बिजली कंपनी स्वास्थ्य विभाग पर मेहरबान बनी हुई है। यहां कंपनी के सारे नियम-कायदे नजर अंदाज किए जा रहे हैं। मामला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सेमरिया का है। विभागीय सूत्रों की मानें तो यहां अस्पताल के नाम से मीटर लगा है, वो भी पिछले करीब दो साल से बंद है। लिहाजा, हर महीने एवरेज बिलिंग की जा रही है। जबकि, अस्पताल के मीटर से ही स्वास्थ्य विभाग की स्टाफ कॉलोनी भी रोशन हो रही है। केवल बिजली ही नहीं चिकित्सकों के आवास पर लगे एसी, फ्रीज, टीवी, कूलर व पंखों के साथ ही हीटर भी चलते हैं। इतना ही नहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सेमरिया का मोटर पंप व डॉक्टर कॉलोनी की पेयजल सप्लाई के लिए सबमर्सिबल पंप भी इसी से चलता है। लेकिन विद्युत कंपनी के अफसर न तो बंद मीटर बदलने की जहमत उठाई न ही चिकित्सकों के आवासों में अलग मीटर लगाए जा रहे। ऐसे में सरकारी खजाने को हर साल ८ से १० लाख रुपए की चपत लग रही है।

लंबे समय से चल रहा खेल
सेमरिया अस्पताल में बिजली के दुरुपयोग का खेल लंबे समय से चल रहा है। विभागीय सूत्रों की मानें तो दो वर्ष से यहां एवरेज बिलिंग की जा रही है। जो कि औसतन हर महीने ६० से ७० हजार होती है। जबकि, इस कनेक्शन से सीएचसी के उपकरण, सबमर्सिबल पंप व कॉलोनी स्थित चिकित्सकों के आवास में भी कनेक्शन दिया गया है। यहां एसी, फ्रिज व टीवी, हीटर, आरओ सहित अन्य उपकरणों के साथ ही पेयजल सप्लाई का मोटर पंप भी चल रहा है।

कर्मचारी कर रहे भुगतान
बताया गया, सेमरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में पदस्थ डॉक्टरों के घर की बिजली तो अस्पताल के कनेक्शन से जोड़ दी गई है, लेकिन वहीं पास ही बने कर्मचारियों के सरकारी क्वार्टरों में अलग-अलग बिजली कनेक्शन व मीटर लगाए गए हैं। जिनका बिल भुगतान भी हर महीने कर्मचारी ही करते हैं।

विद्युत का हो रहा दुरुपयोग
बताया गया, शासकीय खर्च पर चिकित्सकों के आवासों का बिजली कनेक्शन चलने से बड़ी मात्रा में बिजली का दुरुपयोग भी हो रहा है, क्योंकि विद्युत का भुगतान सीएचसी के खाते में चला जाता है। यदि चिकित्सकों को स्वयं बिजली बिल का भुगतान करना होता तो बिजली भी सीमित मात्रा में खर्च की जाती।

ये है नियम
विभागीय सूत्र बताते हैं कि सीएचसी के बिजली कनेक्शन से चिकित्सकों के आवास का बिजली कनेक्शन नहीं जोड़ा जा सकता। चिकित्सकों के शासकीय आवासों में अलग से बिजली कनेक्शन व मीटर लगा होना चाहिए। इसके विद्युत बिल का भुगतान चिकित्सकों को ही करना होता है, लेकिन यहां मनमानी का खेल चल रहा है।

जांच की जाएगी
बात सही है, अस्पताल का मीटर बंद है। एवरेज बिल भेजा जा रहा है। मीटर बदलवाने की पहल विभाग ने नहीं की, जिससे मामला ठंडे बस्ते में है। वहीं डॉक्टर्स कॉलोनी के कनेक्शन अलग हैं या नहीं जांच की जाएगी। अनियमितता मिलने पर सख्त कार्रवाई करेंगे।
आरएल मिश्रा, जेई, विद्युत कंपनी

सब मीटर अलग हैं
सीएचसी में एक्स-रे सहित अन्य कुछ अन्य उपकरणों के मीटर अलग हैं। विद्युत कंपनी द्वारा मीटर न बदले जाने से एवरेज बिल दिया जा रहा है, वहीं डॉक्टर कॉलोनी के आवासों में भी अलग-अलग मीटर लगे हुए हैं, जो भी ऐसी जानकारी दे रहा है गलत है।
डॉ. अतुल तिवारी, बीएमओ

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