जिले में बेखौफ अतिक्रमण से संकुचित हो रहा सूखा नाला, प्रशासन की नहीं पड़ रही नजर

लगातार शिकायतों के बाद भी नहीं की जा रही कार्रवाई

By: Anil singh kushwah

Published: 07 Jan 2019, 01:17 AM IST

सीधी. शहर के बीचोंबीच प्रवाहित होने वाले सूखा नाले का अस्तित्व खतरे में है। लगातार अतिक्रमणकारियों की गिद्ध नजर से नाला संकुचित होता जा रहा है। पिछले पांच वर्ष में जिस तरह सूखा नाले पर अतिक्रमण किया गया है यदि यही हालात रहे तो आगामी पांच वर्ष नाले का अस्तित्व ही नहीं रहेगा। शहरी क्षेत्र से प्रवाहित होने वाले सूखा नाले की भूमि पर लोगों ने अतिक्रमण कर निर्माण कार्य करा लिए हैं। जानकार बताते हैं कि सूखा नाले का एक बड़ा क्षेत्र था पर पिछले पांच वर्ष में नाले की भूमि पर सैकड़ों निर्माण कार्य करा लिए गए।

कार्रवाई से गुरेज
नाले पर अतिक्रमण को लेकर लोगों द्वारा लगातार शिकायतें की जाती रही हैं। शिकायतकर्ता लगातार शिकायत कर अब थक चुके हैं, लेकिन स्थानीय प्रशासन द्वारा अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध कोई कार्रवाई न होने से जहां शिकायतकर्ताओं के हौंसले पस्त हैं, वहीं अतिक्रमणकारियों के हौंसले बुलंद होते जा रहे हैं। शायद इसी का परिणाम है कि अतिक्रमण का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है।

मिनी स्मार्टसिटी के तहत होना है सौंदर्यीकरण
सूखा नाले के सौंदर्यीकरण की मांग शहरवासियों द्वारा विगत कई वर्षों से की जाती रही है। नगर पालिका परिषद द्वारा कई बार सूखा नाले के सौंदर्यीकरण का मास्टर प्लान तैयार कर वरिष्ठ कार्यालय भेजा भी गया पर सब ठंडे बस्ते में ही पड़ा रहा। मिनी स्मार्ट सिटी का जिला प्रशासन द्वारा मास्टर प्लान बनाया गया तो उसमें प्राथमिकता सूखा नाले के सौंदर्यीकरण की थी। सौंदर्यीकरण के तहत सूखा नाले के किनारे सड़क मार्ग का निर्माण एवं चौपाटी निर्माण के साथ पौधरोपण करना है।

सर्वाधिक अतिक्रमण आजाद नगर बस्ती में
वैसे तो शहर से प्रवाहित होने वाले सूखा नाले का शहरी क्षेत्र पूरी तरह से अतिक्रमण की चपेट में है, लेकिन सर्वाधिक अतिक्रमण शहर के आजाद नगर मोहल्ले में किया गया है। यहां कई स्थाई मकान बनाकर अतिक्रमण कर लिया गया है। अतिक्रमण का खेल जारी है।

Anil singh kushwah Desk
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