महिला टीचर ने बैंक मैनेजर पर लगाया भ्रष्ट्राचार का गंभीर आरोप

-पीड़ित शिक्षिका ने एसडीएम से की शिकायत
-एसडीएम ने बैंक प्रबंधक से मांगा स्पष्टीकरण

By: Ajay Chaturvedi

Published: 24 Jun 2020, 05:40 PM IST

सीधी. एक तरफ जहां सरकार ने आम नागरिकों व कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए होम लोन योजना का प्रावधान किया है, ताकि आसानी से लोगों के खुद के आशियाने का सापना पूरा हो सके। वो बैंक से कर्ज लेकर ही सही अपना घर बना सकें। लेकिन इसके ठीक उलट बैंक अधिकारी लोगों को केवल बैंक का चक्कर लगवा रहे हैं। इतना ही नहीं कई बैंक अधिकारियों पर रिश्वतखोरी का आरोप भी लगने लगा है। ऐसा ही एक मामला सीधी के इलाहाबाद बैंक (वर्तमान में इंडियन बैंक) शाखा मझौली में सामने आया है। आरोप है कि इस बैंक में 6 माह पूर्व होम लोन लेने आई श्यामलता सिंह पेंड्राम सहायक शिक्षिका शासकीय प्राथमिक शाला ताला से बैंक प्रबंधक ने होम लोन पास कराने के नाम पर सुविधा शुल्क की मांग की।

पीड़ित शिक्षिका

पीडि़त शिक्षिका ने आरोप लगाया है कि शाखा प्रबंधक 6 महीने तक एक-एक कर सभी दस्तावेज मंगाते रहे। इस प्रक्रिया में 50 हजार रुपये खर्च हुए सो हुए पर सारे कागजात दिखाने व जमा करने के बाद शाखा प्रबंधक ने लोन स्वीकृति के नाम पर 50 हजार रुपये सुविधा शुल्क की मांग कर दी। आरोप है कि अपने घर के लिए शिक्षिका ने वह भी दे दिया। अब जब सब कुछ हो गया तो 19 जून 2020 को शाखा प्रबंधक ने फिर से शिक्षिका को बैंक में बुलाकर कहा कि वरिष्ठ अधिकारी आपके लोन प्रकरण में 10 प्रतिशत एडवांस कमीशन की मांग कर रहे हैं। शिक्षिका ने जब यह मांग अस्वीकर कर दी तो शाखा प्रबंधक ने 2 कोरे कागज में शिक्षिका से हस्ताक्षर करने को कहा। इस पर शिक्षिका ने सवाल उठाया तो शाखा प्रबंधक ने कहा कि आपका प्रकरण स्वीकृत हो गया है, जिसमें आपके हस्ताक्षर की जरूरत पड़ेगी, यह कह कर हस्ताक्षर ले लिए गए और दस्तावेज की फाइल वापस कर दी गई। शिक्षिका का आरोप है कि जो दस्तावेज वापस किए गए हैं उसमें कई कागजात गायब हैं। दूसरे यह भी बताया गया कि अभी आपका प्रकरण अस्वीकृत कर दिया गया है। इसमें कुछ समय लगेगा जिसकी सूचना समय पर दी जाएगी।

अब शिक्षिका ने आशंका व्यक्त की है कि 6 माह तक उसके दस्तावेज रखे गए फिर कोरे कागज पर हस्ताक्षर कराए गए। ऐसे में कहीं कूट रचित ढंग से उसके नाम से शाखा प्रबंधक लोन स्वीकृत कर खुद ही न राशि आहरित कर लें। शिक्षिका ने इस पूरे प्रकरण की जांच की मांग की है।

उपखंड अधिकारी से की शिकायत
पीडि़त शिक्षिका ने उपखंड अधिकारी मझौली के न्यायालय में उपरोक्त बिंदुओं को लेकर शिकायत पत्र प्रस्तुत करते हुए न्याय की गुहार लगाई है। वहीं इस बारे में शाखा प्रबंधक रणजीत कुमार से मीडिया द्वारा जानकारी चाही गई तो उन्होंने झल्लाते हुए सारे आरोपों को निराधार बताया।

"शाखा प्रबंधक ने छह माह तक अनावश्यक रूप से परेशान किया। उनके स्तर से ठगी की गई और कोरे कागज पर हस्ताक्षर भी कराए गए हैं। आधे अधूरे दस्तावेज वापस किए गए हैं। ऐसे में मैं मानसिक रूप से काफी परेशान और निराश हूं। शाखा प्रबंधक के खिलाफ शीघ्र कार्रवाई होनी चाहिए, जिसके लिए मैंने एसडीएम मझौली के पास लिखित शिकायत भी की है।-श्यामलता सिंह पेंड्राम, पीडि़त शिक्षिका

"होम लोन के संबंध में एक शिकायत आई है, जिसके लिए शाखा प्रबंधक से स्पष्टीकरण मांगा गया है, जवाब आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।"-एके सिंह, उपखंड अधिकारी राजस्व मझौली

-By Manoj Pandey

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