फर्जीवाड़ा: सस्ते दाम पर गैस कनेक्शन देने की बात कहकर ग्राहकों से की गई ठगी

फर्जीवाड़ा: सस्ते दाम पर गैस कनेक्शन देने की बात कहकर ग्राहकों से की गई ठगी

Suresh Kumar Mishra | Publish: Feb, 23 2016 11:38:00 PM (IST) Sidhi, Madhya Pradesh, India

दो हजार लोगों से वसूले 14 लाख, प्रधानमंत्री की योजना बताकर लगाई चपत, एक माह बाद कनेक्शन देने का दावा


सीधी
शहर में संचालित प्रताप गैस एजेंसी पर सस्ते दाम पर गैस कनेक्शन देने के नाम पर लोगों से रुपए ऐंठने का आरोप है। लोगों ने बताया कि एजेंसी ने कमीशन पर बिचौलिए नियुक्त किए हैं। ये बिचौलिए प्रधानमंत्री की योजना बताकर लोगों को झांसे में डालकर रुपए ऐंठ रहे हैं। मामले को लेकर आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने विरोध भी जताया था, जिसके बाद अब एजेंसी ने अपना फर्जी करोबार समेटना शुरू कर दिया है।

मालूम हो कि प्रताप गैस एजेंसी संचालक ने बिचौलियों के माध्यम से आम लोगों को सूचना दी कि प्रधानमंत्री ने सभी को सस्ते दाम पर गैस कनेक्शन देने की योजना लागू की है। इसमें 700 रुपए जमा करने पर कनेक्शन के साथ गैस सिलेंडर और चूल्हा  मिलेंगे।

इस फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ, जब लोगों को पता चला कि अन्य एजेंसी में प्रधानमंत्री की स्कीम लागू नहीं है। उसके बाद विरोध के स्वर उठने लगे। बताया गया कि बिचौलियों ने प्रति उपभोक्ता 700 से ज्यादा राशि की वसूली की है।

अब 50 रुपए महीने जमा कराने की बात
बताया गया कि एजेंसी संचालक कह रहा है कि जिन लोगों ने 700 रुपए जमा किए हैं, उन्हें कनेक्शन दिया जाएगा। बदले में 50 रुपए प्रति माह जमा किए जाएंगे। ऐसे में यह बात समझ से परे है कि जब इस तरह की योजना कहीं है ही नहीं, तो फिर यह एजेंसी सस्ते दाम पर कनेक्शन कैसे दे सकती है।

बंद हो गई योजना!
योजना का सच जानने पत्रिका की टीम ग्राहक बनकर गैस एजेंसी पहुंची। पूछताछ में एजेंसी के कर्मचारियों ने बताया कि करीब दो हजार लोगों से राशि ली गई है। अब योजना बंद कर दी गई है। इस तरह अगर दो हजार लोगों से 700 रुपए लिए गए तो एजेंसी शहर के लोगों को 14 लाख की चपत लगा चुकी है। अब एजेंसी संचालक कह रहा है कि एक हजार लोगों को एक माह बाद तथा उसके बाद अगली कड़ी में बचे एक हजार लोगों को कनेक्शन दिया जाएगा।

कलेक्टर ने मांगे योजना के कागजात
सूत्रों की मानें तो कलेक्टर विशेष गढ़पाले के पास मामला पहुंचने पर उन्होंने एजेंसी संचालक से दस्तावेज की मांग की है। किस योजना के तहत पैसे जमा कराए गए, उसका ब्यौरा मांगा गया है। अभी तक संचालक ने योजना के दस्तावेज कलेक्टर को उपलब्ध नहीं कराए हैं। इस बीच एजेंसी संचालक लोगों से कह रहा है कि अब योजना बंद हो चुकी है।

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