जिले के प्रमुख धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थल घोघरा देवी मंदिर उपेक्षा का शिकार

लगातार मांग के बाद भी पर्यटन विकास निगम द्वारा नहीं किए गए विकास कार्य, बीरबल की जन्म स्थली व चंडी देवी मंदिर की है प्रसिद्धि, सीधी जिला सहित प्रदेश के अन्य जिलों से पहुंचते हैं भक्त, नहीं हैं कोई इंतजाम, मंदिर परिषर में शौंचालय तक की नहीं है व्यवस्था

सीधी। जिले के प्रमुख धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों में शुमार घोघरा चंडीदेवी मंंदिर प्रशासनिक उपेक्षा का शिकार बना हुआ है। मप्र पर्यटन विकास निगम को कई बार प्रस्ताव भेजे जाने के बाद भी उक्त धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थल का विकास कार्य नहीं किया जा रहा है, जबकि घोघरा सम्राट अकबर के नौ रत्नों में शामिल बीरबल की जन्म स्थली के रूप में जाना जाता है। ऐसा माना जाता है कि बीरबल को घोघरा की चंडी देवी के प्रताप से ही सम्राट अकबर के नौ रत्नों में शामिल होने का अवसर मिला था, बीरबल के कहानी किस्से आज भी चर्चा में बने रहते हैं, लेकिन उनकी जन्म स्थली को विकसित करने के संबंध में प्रशासन बेपरवाह बना हुआ है।
बताते चलें कि जिला मुख्यालय से करीब 25 किमी दूर सिहावल विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत गहिरा में घोघरा देवी मंदिर स्थित है, जहां चंडी देवी की पौराणिक मूर्ति स्थापित है, यहां मान्यता है कि सच्ची आस्था के साथ जो भी मन्नत मांगता है उसकी मनोकामना पूरी होती है। अकबर के नौ रत्नों में शामिल बीरबल की जन्म स्थली घोघरा को ही माना जाता है, उनके पूर्वज भी चंडी देवी की पूजा करते थे, बीरबल (महेश दुबे) को चंडी देवी के प्रताप से अकबर के नौ रत्नों में शामिल होने का अवसर मिला। इस तरह घोघरा धार्मिक एवं ऐतिहासिक दोनो रूप में विख्यात है।
नहीं हुए विकास कार्य-
धार्मिक एवं ऐतिहासिक रूप में विख्यात घोघरा चंडी देवी मंदिर प्रशासनिक उपेक्षा का शिकार बना हुआ है, यहां ग्राम पंचायत के माध्यम से कुछ कार्य तो कराए गए हैं, जिसमें सीढ़ी, श्रद्धालुओं के छांव के लिए शेड के साथ ही मंदिर के पीछे के परिसर का समतलीकरण कराया जा रहा है, इसके साथ ही मंदिर परिसर में ही एक मंगल भवन का भी निर्माण कराया गया है। लेकिन शौंचालय, नदी से मंदिर तक सीढ़ी, श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था के साथ कचरा बॉक्स आदि की दरकार बनी हुई है।
इन कार्यों की मांग-
स्थानीय ग्रामीणों सहित मंदिर के पुजारियों द्वारा बताया गया कि प्रसिद्ध धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थल होने के बाद भी घोघरा देवी मंदिर विकास कार्यों से अछूता है, यहां सीधी जिले सहित प्रदेश भर से श्रद्धालु आते हैं, लेकिन यहां श्रद्धालुओं के लिए शौंचालय तक की व्यवस्था नहीं है। इसके साथ ही मंदिर के नीचे से बहने वाली रेही नदी से मंदिर तक सीढिय़ों का निर्माण अति आवश्यक है, इसके साथ ही मंदिर परिसर में कूड़ादान रखवाए जाने तथा श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था कराए जाने की मांग की जा रही है।
पूर्व नेता प्रतिपक्ष के पत्र पर पर्यटन मंत्री ने विभाग को लिखा पत्र-
गत दिवस पूर्व नेता प्रतिपक्ष मप्र विधानसभा अजय ङ्क्षसह राहुल के साथ सीधी प्रवास पर आए मंत्री नर्मदा विकास प्राधिकरण एवं पर्यटन विभाग सुरेन्द्र सिंह बाघेल के समक्ष कांग्रेस के युवा नेता विकास सिंह चौहान पिंकू ने पर्यटन विकास निगम के माध्यम से घोघरा देवी मंदिर परिसर मे विकास कार्य कराए जाने की मांग की, जिस पर पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह राहुल द्वारा पर्यटन मंत्री को उक्त मांगो संबंधी पत्र सौंपा गया, जिसे मंत्री द्वारा मूलत: प्रबंध संचालक मप्र राज्य पर्यटन विकास निगम को प्रेषित करते हुए उक्त प्रस्ताव के तहत घोघरा देवी मंदिर में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
पुजारियों ने सुनाई समस्या-
........धाॢमक एवं ऐतिहासिक रूप से प्रसिद्ध होने के बाद भी आज तक घोघरा देवी मंदिर में मूलभूम सुविधाएं मुहैया नहीं हो पाई हैं, जिससे यहां श्रद्धालुओं को परेशानी होती है।
पंडित संदीप शर्मा, पुजारी
........घोघरा देवी मंदिर परिसर को विकसित किए जाने एवं मूलभूत सुविधाओं को लेकर कई बार स्थानीय लोगों एवं हम पुजारियों द्वारा मांग की गई, लेकिन यहां आज भी मूलभूत सुविधाओं की दरकार है।
पंडित सुनील तिवारी, पुजारी
..........घोघरा देवी मंदिर में देशभर से श्रद्धालु आते हैं, लेकिन यहां शौंचालय, ठहरने एवं पेयजल आदि की समुचित व्यवस्था न होने से श्रद्धालुओं को काफी परेशानी हो रही है, प्रशासन व नेताओं को ध्यान देने की आवश्यकता है।
पंडित व्यास कुमारी तिवारी, पुजारी
.........इतना बड़ा धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थल होने के बावजूद यहां विकास कार्य नहीं कराए जा रहे हैं, जो कुछ कार्य किए गए हैं ग्राम पंचायत के माध्यम से कराए गए हैं, यहां पर्यटन विकास निगम से कार्य होने चाहिए।
पंडित चंदन प्रसाद तिवारी, सहायक पुजारी
मिला है प्रस्ताव-
घोघरा देवी मंदिर में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने को लेकर पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह राहुल का एक प्रस्ताव मंत्री नर्मदा विकास प्राधिकरण एवं पर्यटन विभाग सुरेन्द्र सिंह बाघेल के माध्यम से प्राप्त हुआ है, संबंधित स्थल पर एक टीम भेजी जाएगी, जिसके प्रतिवेदन के आधार पर कार्य कराए जाएंगे।
धर्मेंद्र सिंह परिहार, मप्र पर्यटन विकास निगम

Manoj Pandey Bureau Incharge
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