तीन घंटे तक घर में खोदी कब्र, फांसी के फंदे से उतारकर प्रेमी को दफनाया, सपने में आकर वो बोला- ठीक से तुम...

खुलासे के बाद लोग हैं हैरान, अब कब्र खोदकर निकाला जाएगा शव

By: Muneshwar Kumar

Updated: 18 Feb 2020, 03:57 PM IST

सीधी/सतना/ रॉन्ग नंबर से दो साल पहले शुरू हुई बात प्यार में बदल गया। उसके बाद दोनों अपने घर से भाग गए। प्रेमिका सीधी की तो प्रेमी सतना जिले का रहने वाला था। बातचीत और मुलाकात के दौरान प्रेमी ने अपना नाम कुछ और बताया था। भागकर दोनों हैदराबाद पहुंचे, वहां पहुंचकर उसने लड़की को अपना असली नाम बताया। फिर भी लड़की उसके साथ रहने को राजी हो गई। कुछ दिन बाद युवक सीधी स्थित गांव में लड़की के घर पहुंच गया और यहां रहने लगा। उसके बाद की कहानी बेहद ही दिलचस्प और रोंगटे खड़े कर देने वाला है।

दरअसल, सतना जिले के रामनगर स्थित मिरगौती गांव में रहने वाले इंसाफ मोहम्मद (26) की दो साल पहले 2017 में फोन पर रॉन्ग नंबर से सीधी जिले के कुसमी थाना अंतर्गत कमछ करौंटी गांव में रहने वाली ज्ञानू सिंह गौड़ से बात हुई। दोनों अक्सर बातें करने लगे और फिर एक दिन इंसाफ ने ज्ञानू को कटनी बुलाया। ज्ञानू भी प्रेम-प्रसंग में थी, एेसे में वह कटनी चली गई। दोनों मिले और एक साथ हैदराबाद चले गए।

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जा रहा हूं हैदराबाद
यहां इंसाफ घरवालों को हैदराबाद जाने का कहकर गया था। सूत्र बताते हैं कि हैदराबाद पहुंचने पर इंसाफ ने ज्ञानू को बता दिया था कि वह मुस्लिम समुदाय से है। इस बात से ज्ञानू को परहेज नहीं था और वह साथ रहने लगी। कुछ दिन वहां रहने के बाद दोनों सीधी स्थित कमछ करौंटी लौट आए। यहां इंसाफ ने खुद को राजू सिंह सोंटिया बताया। उसने कुछ दिन रहने के बाद राजू सिंह सोंटिया पुत्र विनय सिंह सोंटिया के नाम से आधार कार्ड भी बनवा लिया।

मैं मरूं तो दफना देना
युवती ने पुलिस को बताया कि इंसाफ उसे कहता था कि जब मैं मरूं तो दफना देना। 6 दिसंबर को दोनों के बीच विवाद हुआ। रात के वक्त मारपीट भी हुई। इस दौरान ज्ञानू की मां ने दोनों को समझाते हुए शांत करा दिया। ज्ञानू ने पुलिस को बताया कि अगली सुबह वह लकड़ी लेने गई और उसकी मां मवेशी लेकर निकल गई थी। जब घर लौटी तो देखा कि इंसाफ फांसी के फंदे पर लटका है।

तीन घंटे में खोदी कब्र
पूछताछ के दौरान यह बात सामने आई है कि ज्ञानू ने खुद ही फांसी का फंदा काटा और इंसाफ को जमीन पर लेटा दिया। इसके बाद उसने अपने ही घर में रात 11 बजे से दो बजे तक कब्र खोदी और इंसाफ को दफना दिया। करीब पांच दिन बाद जब गंध आने लगी तो बाहर से मिट्टी लाकर डाली और ऊपर से कोदो का पैरा जमा दिया। कुछ दिन बीते तो ज्ञानू को सपने में इंसाफ दिखने लगा।

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मेरा कफन-दफन ठीक से नहीं हुआ
ज्ञानू के अनुसार इंसाफ लगातार उसके सपने में आने लगा। साथ ही वह कहता था कि उसका कफन-दफन ठीक से नहीं हुआ है। उसकी बातों से ज्ञानू परेशान होने लगी। लेकिन किसी को वह इस बात की जानकारी नहीं देती थी। ज्ञानू के मुताबिक इंसाफ उससे सपने में यह कहता था कि मेरे घरवालों को इस बात की जानकारी तुम जाकर दो। बार-बार सपनों से परेशान ज्ञानू किसी तरह मिरगौती स्थित इंसाफ के घर पहुंची।

पुलिस की नजर में घर
15 फरवरी को जब ज्ञानू ने मिरगौती आकर इंसाफ की मौत के बारे में उसके घर वालों को बताया तो सभी भड़क गए। गांववालों ने ज्ञानू को घेर लिया था। इस बीच एक महिला ने पुलिस को खबर दी। डायल 100 की टीम पहुंची, मामला उलझा देख टीआई दिलीप पुरी को जानकारी दी गई। इसके बाद ज्ञानू को सुरक्षित रामनगर थाना लाया गया। इंसाफ के परिवार को भी बुलाया और फिर मामले के बारे में कुसमी थाना पुलिस को खबर दी गई। यहां से ज्ञानू और इंसाफ के परिवार को कुसमी रवाना कर दिया गया।

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