न शव वाहन..न सहायता..रिक्शे में शव रखकर सोन नदी में बहाने निकला परिवार

'गरीब की कौन सुनता है साहब'

By: Hitendra Sharma

Updated: 29 Jun 2020, 04:19 PM IST

सीधी। सरकार लाख दावे करे पर जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है। मानवता को शर्मसार करने का मामला सीधी जिले में सामने आया है, जहां शव वाहन न मिलने पर रिक्शे ठेला के सहारे मृतक का शव ले जाने को मजबूर होना पड़ा। यही नहीं मृतक परिजनों की गरीबी का आलम कुछ इस कदर था कि शव को दाह संस्कार करने के बजाय सोन नदी में प्रवाहित करना पड़ा। जवकि सरकार ये दावा करती है कि मध्य प्रदेश में जन्म से लेकर मृत्यु तक की योजनाएं हैं। सोचने वाली बात यह है जब शासन प्रशासन की मदद इतनी आसानी से मिल जाती है तो फिर आखिर इस परिवार को हिंदू रीति रिवाज से अंतिम संस्कार को छोड़कर जल दाह क्यों करना पड़ा ?

मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सीधी जिला मुख्यालय का ही है जहां कोटहा निवासी कोल परिवार की एक महिला लंबे समय से बीमारी थी, सुबह जब महिला की मौत हो गई तो परिजनों ने अस्पताल प्रशासन से सहायता की गुहार लगाई उसके बाद पीड़ित परिवार ने नगर पालिका से मदद मांगी लेकिन जब कहीं से मदद नहीं मिल सकी तो मजबूरन एक रिक्शे ठेले में मृतिका के शव को लेकर जिला मुख्यालय से 12 किलोमीटर दूर सोन नदी में प्रवाहित कर दिया। मृतिका के परिजनों में नगरीय प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए बताया कि नगर पालिका से शव वाहन की मांग की गई थी लेकिन नहीं मिल सका है गरीबी है पैसे हैं नहीं इसलिए सोन नदी में प्रवाहित करना पड़ा। परिवार की गरीबी कुछ इस कदर थी वह मृतिका के शव को हिंदू रीति रिवाज के हिसाब से दाह संस्कार करने में सक्षम नहीं थे। । आखिर इस मामले में लापरवाही करने वाले जिम्मेदारों पर कार्रवाई कब होगी ?

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