दहेज प्रताडऩा: विवाहिता को अस्पताल में गंभीर हालत में छोड़ गए ससुराल पक्ष के लोग, आगे फिर क्या हुआ पढ़ें पूरी खबर

पिता ने लगाया आग से जलाकर मारने का आरोप

By: Anil singh kushwah

Updated: 19 Jan 2019, 07:11 PM IST

सीधी. गंभीर रूप से झुलसी नवविवाहिता को ससुराल पक्ष के लोग जिला अस्पताल में छोड़कर भाग गए। मायके पक्ष के लोगों ने बेटी को दहेज के लिए जलाने का आरोप लगाया है। पुलिस सहायता केंद्र में बयान भी दर्ज कराए हैं। वहीं प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे रीवा रेफर कर दिया है। सतना जिले के रामनगर थाना अंतर्गत हिनौती निवासी इंद्रभान तिवारी ने बताया, बेटी खुशबू (28) का विवाह 6 वर्ष पूर्व चुरहट थाना के कुबरी गांव में प्रकाश मिश्रा से किया था। विवाह के दौरान हैसियत के अनुसार, तीन लाख नकदी, सोने के जेवरात व बाइक सहित अन्य सामग्री दी थी।

शादी के दो वर्ष बाद ही करने लगे प्रताडि़त
शादी के 2 वर्ष बाद ही ससुर यदुनाथ मिश्रा, सास सुशीला मिश्रा, जेठ, जेठानी, ननद व पति उसे दहेज के लिए प्रताडि़त करने लगे। वे रुपए व गाड़ी की मांग कर रहे थे। बेटी के लिए उनके सामने कई बार गिड़गिड़ाया भी, लेकिन वे मानने को तैयार नहीं हुए। यहां तक कि ससुराल पक्ष से बात करने के लिए वे कुबरी गांव भी आना चाहते थे। लेकिन इसके लिए भी तरह-तरह की धमकी दी जा रही थी। आरोप है कि दहेज के लिए ही ससुराल पक्ष के लोगों ने बेटी खुशबू को मिट्टी का तेल डालकर जलाया है। यही वजह है कि गंभीर हालत में उसे जिला अस्पताल में छोड़कर भाग गए हैं।

इधर, पति की मौत के बाद खाता खुलवाने भटक पीडि़ता
स्टेट बैंक मझौली शाखा के प्रबंधक पर मनमानी का आरोप है। अनामिका सिंह ने बताया कि जनवरी 2017 में पति दीपेंद्र सिंह की सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। क्लेम न्यायालय मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण ब्यौहारी में किया था। जहां से नाम 11 लाख 24 हजार 284 रुपए का चेक 2 जनवरी को अनामिका सिंह, धनराजू सिंह व नबालिग बच्चों के नाम स्टेट बैंक का चेक जारी किया गया था। परिवार के लोगों के साथ मझौली शाखा में खाता खुलवाने के लिए कई बार गए।

प्रबंधक पर मनमानी का आरोप
चेक व न्यायालयीन आदेश की फोटोकॉपी भी प्रस्तुत की, लेकिन बैंक मैनेजर कई दिन तक भटकाने के बाद 17 जनवरी को खाता खोलने से इनकार कर दिया। इससे न सिर्फ हमें परेशानी हुई, बल्कि बैंक को भी नुकसान होगा। क्योंकि 11 लाख 24 हजार 284 रुपए में से 6 लाख रुपए नबालिग बच्चों के नाम एफडी के तौर पर 16 वर्ष तक के लिए बैंक में जमा करने का आदेश है। पीडि़त परिवार ने मझौली एसडीएम को आवेदन देकर बैंक प्रबंधक पर अमानवीय व्यवहार के लिए कार्रवाई करने की मांग की है।

Anil singh kushwah Desk
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned