गोद में मासूम बच्चे, सिर पर सामान का बोझ लेकर इलाहाबाद से पैदल यात्रा करते हुए अमिलिया पहुंचे 76 महिला पुरूष श्रमिक

इलाहाबाद उत्तर प्रदेश से चार दिन में पूरी की पैदल यात्रा, अमिलिया पुलिस ने कराया स्वास्थ परीक्षण, समाजसेवी ने की नास्ते की व्यवस्था

By: Manoj Pandey

Updated: 05 May 2020, 11:00 PM IST

सीधी/अमिलिया। उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद में मजदूरी करने गए सीधी जिले के विभिन्न गांवों के करीब ७६ श्रमिक लॉकडाउन में काम बंद होने के बाद शनिवार की रात करीब 10.30 बजे पैदल ही अमिलिया पहुंचे। सूचना मिलने पर अमिलिया पुलिस द्वारा सभी श्रमिकों को रोककर उनका स्वास्थ परीक्षण कराया गया।
श्रमिकों के इस जत्थे में बड़ी संख्या में महिला व बच्चे भी शामिल थे। 76 श्रमिकों का यह जत्था २५ सायकल लिए हुआ था, जिसमें वह अपने जरूरी आवश्यक सामग्री लोड किए हुए थे, वहीं महिलाएं गोद में दुधमुहे बच्चों को लेने के साथ ही सिर पर सामग्रियों का भी बोझ लादे हुए चार दिनों तक लगातार सफर कर अमिलिया पहुंचे थे। ये श्रमिक बहरी, नेबूहा, कुबरी के साथ ही कुछ ङ्क्षसगरौली जिले के चितरंगी निवासी थे। श्रमिकों के जत्थे के अमिलिया पहुंचने पर थाना प्रभारी दीपक सिंह बघेल को जानकारी हुई तो अमिलिया थाना प्रभारी अपने स्टाफ को लेकर पहुंचे तथा तत्काल स्वास्थ्य विभाग के डॉ.स्वतंत्र पटेल को सूचित किए और डॉक्टर के द्वारा भी 76 लोगों नाम व पता लिखकर टेंपरेचर चेक करवा कर घर में रहने की सलाह दी। इस दौरान स्थानीय समाजसेवी सुरेश कुमार गुप्ता व जगदीश प्रसाद गुप्ता अमिलिया की ओर से सभी लोगों को नमकीन बिस्किट और अन्य नास्ता सामग्री उपलब्ध कराया गया। रविवार की सुबह करीब 6 बजे सभी दिहाड़ी मजदूर अमिलिया से पैदल ही अपने घर की ओर रवाना हो गए। श्रमिकों ने बताया कि सरकार केवल घोंषणाएं करती हैं, हमारे लिए न तो यूपी सरकार द्वारा कोई मदद की गई और मप्र सरकार द्वारा, हमें नौनिहाल बच्चों के साथ इलाहाबाद से पैदल सीधी तक आना पड़ा। किसी प्रकार की मदद की बात तो दूर रास्ते में हमें कहीं पुलिस का डंडा तो कहीं गाली खानी पड़ी।

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