कोरोना संकट में भी बीमार जिला अस्पताल, 3 डॉक्टरों के बल पर चल रहा ट्रामा सेंटर

-अस्पताल में पहले से ही कम थे डॉक्टर अब जो थे उनका भी तबादला

By: Ajay Chaturvedi

Published: 24 May 2020, 05:13 PM IST

सीधी. कोविड-19 जैसी वैश्विक महामारी में भी चिकित्सा सुविधा इस कदर दम तोड़ रही है जिसकी कल्पना नहीं की जा सकती। आलम यह कि महज 3 डॉक्टरों के बल पर ट्रामा सेंटर चल रहा है तो जिला अस्पताल का हाल है कि वहां विशेषज्ञ डक्टर ही नहीं है। जो थे उनका भी तबादला किया जा रहा है।

ये हाल है मध्य प्रदेश के सीधी जिले का। यहां जिला अस्पातल में काफी दिनों से चिकित्सकों का अभाव है। विशेषज्ञ डॉक्टर हैं ही नहीं। अब जो थे उनका भी तबादला कर दिया। ऐसे में वहां आने वाले मरीजों का परीक्षण कौन करेगा, इसका संकट पैदा हो गया है। अस्पताल की स्वास्थ्य सेवा पूरी तरह से बेपटरी हो चली है।

बताया जा रहा है कि अस्पताल का रंग-रोगन तो कर दिया गया है लेकिन जिसके लिए ये अस्पताल है वही उपेक्षित है। आलम यह कि दूर दराज गांव-देहात से आने वाले मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। कई बार तो ऐसा भी हुआ कि समय से इलाज न मिल पाने के कारण मरीज की मौत हो गई।

ऐसे में पूर्व कलेक्टर ने रोगी कल्याण समिति की बैठक में निर्णय लिया कि गंभीर मरीज के आने पर रीवा से विशेषज्ञ डॉक्टर बुलाए जाएं। रोगी कल्याण मद से ही डॉक्टर को अतिरिक्त भुगतान किया जाएगा। लेकिन अब तक ऐसी सुविधा किसी मरीज को नहीं मिल पाई है। प्रबंधन का तर्क है कि रीवां का डॉक्टर यहां आना ही नहीं चाहता।

31 में से सिर्फ 8 डॉक्टर
हाल ये है कि जिला चिकित्सालय में प्रथम श्रेणी यानी विशेषज्ञ डॉक्टर के पद रिक्त पड़े हैं। चिकित्सालय में प्रथम श्रेणी के डॉक्टर के 31 पद के सापेक्ष मात्र 8 चिकित्सक कार्यरत हैं। ऐसे में 23 पद रिक्त हैं। एक विशेषज्ञ डॉ एसबी खरे का पिछले दिनों तबादला कर दिया गया। वह अब रीवा चले गए। इससे एक और डॉक्टर की कमी हो गई। सब कुछ जानते हुए भी रिक्त पदों पर भर्ती का कोई इंतजाम नहीं किया जा रहा।

ट्राम सेंटर में मात्र 3 डॉक्टर
उधर ट्राम सेंटर का हाल यह है कि यहां केवल तीन डॉक्टर हैं। वैसे यहां के लिए 13 पद सृजित हैं। लेकिन 10 पद रिक्त हैं जिन्हें भरने का प्रयास नहीं हो रहा।

Ajay Chaturvedi
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