समर्थन मूल्य पर धान बेचकर भुगतान के लिए भटक रहे किसान

समर्थन मूल्य पर धान बेचकर भुगतान के लिए भटक रहे किसान

Sonelal Kushwaha | Publish: Jan, 14 2018 07:46:01 AM (IST) Sidhi, Madhya Pradesh, India

मप्र के सीधी जिले में पंजीयन व तौल में गड़बड़ी के बाद अब भुगतान में देरी

सीधी. समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानों की परेशानियां थमने का नाम नहीं ले रहीं। पहले पंजीयन व तौल में गड़बड़ी के बाद अब वे भुगतान में हो रही लेटलतीफी को लेकर परेशान हैं। स्थिति ये है कि उपज बेचने के बाद ज्यादातर किसान करीब डेढ़ महीने से कीमत पाने के लिए बैंक व अफसरों के चक्कर काट रहे हैं। अधिकांश केंद्रों में 4 दिसंबर से लेकर अब तकका भुगतान अटका हुआ है।
वर्तमान में ६ हजार किसानों को 60 करोड़ से ज्यादा की राशि का भुगतान होना है, लेकिन भोपाल से राशि न आने व बैंक तथा समिति प्रबंधकों की लापरवाही से करीब 20 करोड़ का भुगतान लंबित है। जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए 20 केंद्र बनाए गए हैं। जिसमें किसानो के द्वारा तीन लाख क्विंटल से ज्यादा धान की बिक्री कर दी गई है। अभी खरीदी तीन दिन और होगी, लेकिन भुगतान के लिए किसानों को भटकना पड़़ रहा है।

बघोर केंद्र में बड़ी समस्या

सेवा सहकारी समिति खरीदी केंद्र बघोर में भुगतान को लेकर सबसे ज्यादा समस्या सामने आ रही है। आलम यह है कि जिन किसानो के द्वारा ४ दिसंबर को धान की विक्री की गई थी, उनका आज दिनांक तक भुगतान नहीं हो पाया है। किसान शंकर्षन द्विवेदी निवासी बघोर, उमा शंकर मिश्रा निवासी मेढ़ौली, तेजबहादुर सिंह निवासी मेढ़ौली ने बताया कि महीनों से भुगतान के लिए समिति व बैंक के चक्कर लगा रहे हैं।

दूसरे बैंक में खाता तो भुगतान में विलंब

बताया गया, भुगतान में विलंब की दूसरी वजह दूसरी बैंक का खाता क्रमांक भी है। कई किसानों ने पंजीयन कराते समय सहकारी बैंक के अलावा अन्य बैंक शाखाओं का खाता नंबर पंजीकृत करा दिया था। जिन्हें अब भुगतान के लिए भटकना पड़ रहा है। समिति प्रबंधकों ने बैंक को सूची प्रस्तुत कर दी है, लेकिन बैंक प्रबंधन आरटीजीएस के लिए जिला सहकारी बैंक कार्यालय लिस्ट नहीं भेज पा रहा। जो भुगतान में विलंब का कारण बन रही है।

लंबे इंतजार के बाद मिला चार करोड़

जिला सहकारी केंद्रीय बैंक में राज्य शासन से धान खरीदी का भुगतान करने के लिए राशि नहीं मिल पा रही है। विभागीय सूत्रों की बात माने तो जिले मे धान खरीदी का भुगतान करने के लिए ६० करोड़ रूपए की आवश्यकता है किंतु राज्य शासन की ओर से महज ४० करोड़ का ही बजट मिल पाया है, जिससे किसानो का भुगतान लटका हुआ है।

सात दिन के अंदर भुगतान के हैं निर्देश

राज्य शासन ने समर्थन मूल्य पर धान खरीदी से सात दिन के अंदर भुगतान के निर्देश दिए हैं। लेकिन जिले में इस निर्देश का पालन करना तो दूर डेढ़ माह बाद भी भुगतान नहीं हो पा रहा है।

अभी तक जिले में धान खरीदी के बाद भुगतान मे विलंब या लापरवाही की शिकायतें नहीं आई हैं। बात मेरे संज्ञान में आई है तो मैं तत्काल खरीदी केंद्र प्रभारी पर कार्रवाई करूंगा।
ज्ञानेंद्र पांडेय, सीईओ,

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