ताक पर NGT के निर्देश, वाहन धुलाई से दूषित हो रहे प्राकृतिक जलाशय

ताक पर NGT के निर्देश, वाहन धुलाई से दूषित हो रहे प्राकृतिक जलाशय

suresh mishra | Publish: Dec, 08 2017 12:48:29 PM (IST) Sidhi, Madhya Pradesh, India

एनजीटी से प्रतिबंधात्मक आदेश जारी होने के बाद भी नगर पालिका प्रशासन ने इस पर सख्ती नहीं दिखा पा रही।

सीधी। शहर के प्राकृतिक जल श्रोत कपड़ों एवं वाहनों की धुलाई से दूषित हो रहे हैं। एनजीटी से प्रतिबंधात्मक आदेश जारी होने के बाद भी नगर पालिका प्रशासन ने इस पर सख्ती नहीं दिखा पा रही। जिससे लोग बेखौफ होकर यहां कपड़े और वाहनों की धुलाई करते हैं। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूूनल (एनजीटी) ने प्राकृतिक जल स्रोतों की सुरक्षा की दृष्टि से यहां कचरा फेंकने और कपड़े-वाहन धोने पर रोक लगाने के निर्देश दिए थे।

दिसंबर 2016 में मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. एके श्रीवास्तव ने नगर पालिका के सीएमओ मकबूल खान को इस संबंध में निर्देश जारी किया था।

नदी-नालों में न धोने के निर्देश

उन्होंने कहा था कि नगर में संचालित अस्पतालों, नर्सिंग होम के संक्रमित कपड़े और बेडशीट की धुलाई नदी-नालों में न धोने के निर्देश दिए थे। वाहनों की धुलाई भी प्रतिबंधित किया था। लेकिन शहर में इस आदेश का खुला उल्लंघन किया जा रहा है। नदी-नालों व तालाबों में खुलेआम वाहनों व कपड़ों की धुलाई की जाती है। इससे यह प्रतीत होता है कि सीएमओ ने ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश को तवज्जो नहीं दिया जा रहा है।

जलाशयों में धुलाई
गोपालदास बांध में सिंचाई विभाग के रेस्ट हाउस के पास वर्ष भर वाहनों की धुलाई वाहन संचालकों द्वारा की जाती है। बांध में कपड़े धोने से लोग परहेज नहीं करते। इससे बांध का पानी दूषित होता है। इसके साथ ही शहर से प्रवाहित होने वाले सूखा नाले में भी वाहनों की धुलाई खुले तौर पर जारी है। पडऱा मार्ग में शिवमंदिर के पास अक्सर वाहनों की धुलाई करते वाहन चालक मिल जाते हैं।

व्यस्ततम मार्ग पर डिवाइडर लगाना भूले
अस्पताल तिराहे से मानस भवन तक बनी पीसीसी सड़क में 6 महीने बाद भी प्रशासन ने डिवाइडर नहीं लगवाए, जिससे हादसों का खतरा बना हुआ है। सड़क मार्ग में डिवाइडर न होने से यहां आए दिन जाम की स्थिति बनती है। और हादसों की संख्या भी तेजी से बढ़ी है। डिवाइडर के लिए खाली जगह पर कहीं मिट्टी भरवा दी गई है तो कहीं उसे खाली छोड़ दिया गया है, जिसमें वाहन जाकर फंस जाते हैं।

वाहन चालकों को भी घंटों मशक्कत

इससे सड़क पर जाम लग जाने से अन्य वाहन चालकों को भी घंटों मशक्कत करनी पड़ती है। वहीं डिवाइडर के अभाव में लोग गलत दिशा में वाहन लेकर घुस जाते हैं जिससे यातायात प्रभावित होता है। दुर्घटनाएं भी होती हैं। लेकिन नगर पालिका प्रशासन के अधिकारी अनजान बने हुए हैं। बुद्धजीवियों ने उनका ध्यान आकृष्ट कराते हुए इस मार्ग पर अतिशीघ्र डिवाइडर लगवाने की मांग की है, ताकि सड़क हादसों में अंकुश लग सके।

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