नियम की अनदेखी पर स्कूलों को नोटिस देकर भूला सीधी प्रशासन

अमानक स्तर पर जिले में चल रही 190 निजी स्कूलें, नोटिस के बाद सिर्फ 13 स्कूल संचालको ने की मानकों की पूर्ति, आरटीई नियमों का किया जा रहा है उल्लंघन

By: op pathak

Published: 07 Jun 2018, 10:58 PM IST

सीधी. मापदंडों को दरकिनार कर जिले में संचालित निजी स्कूलों को नोटिस जारी कर प्रशासन भूल गया। अब तक एक भी निजी स्कूल की मान्यता निरस्त नहीं की गई, जबकि शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी नोटिस में स्पष्ट किया गया था कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर उनकी मान्यता निरस्त कर दी जाएगी। संतोषजनक जवाब तो दूर ज्यादातर स्कूलों ने नोटिस का जवाब ही नहीं दिया।
दरअसल, शहर से गांव तक नियमों को दरकिनार कर निजी स्कूल खोल दिए गए हैं। बीआरसीसी ने बिना मौका मुआयना किए ही इनके संचालन की अनुशंशा जारी कर दी, जिस आधार पर जिला शिक्षा अधिकारी ने मान्यता जारी कर दी है। हाल ही में किए एग परीक्षण में जिले की १९० स्कूलों मापदंडों को दरकिनार कर संचालित मिले। जिला शिक्षा अधिकारी ने इनके संचालकों को नोटिस जारी कर एक माह में मानक पूर्ण करने की मोहलत दी थी। लेकिन इस दौरान महज 13 विद्यालयों के ने ही मानक पूर्ण कर प्रमाण-पत्र प्रस्तुत किए। शेष विद्यालयों के संचालकों ने डीईओ की नोटिस पर ध्यान नहीं दिया।

इन मानकों की नहीं की जा रही है पूर्ति

शिक्षा अधिकारी अधिनियम के तहत दस बाई दस के कमरे में सिर्फ 25 छात्रों को बिठाकर ही शिक्षा दी जा सकती है। किंतु आलम यह है कि एक छोटे से कमरे में 50 से ज्यादा छात्र-छात्राओं को ठूंसकर बैठाया जा रहा है। वहीं शौचालय, खेल का मैदान, प्रयोगशाला, पुस्तकालय सहित अन्य सुविधाएं निजी स्कूलों मे नहीं है। फिर भी स्कूले संचालित कर छात्रों के भविष्य से खिलवाड किया जा रहा है।

अप्रशिक्षित शिक्षक दे रहे शिक्षा

शिक्षा अधिकार अधिनियम के तहत निजी स्कूलों में डीएड या बीएड डिप्लोमाधारी शिक्षक ही शैक्षणिक नियुक्त करने के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन ज्यादातर निजी स्कूलों में अप्रशिक्षित शिक्षक ही शिक्षा देते हैं। कुछ स्कूल संचालकों ने दूसरे की डिग्री शिक्षा विभाग को सौंपी गई है। जिसकी निगरानी भी शिक्षा विभाग नहीं कर पा रहा है।

 

दो माह पूर्व जारी की थी नोटिस
मानकों की पूर्ति न करने वाली 190 स्कूल संचालकों को दो माह पूर्व नोटिस जारी किए गए थे, एक माह का समय दिया था कि वे मापदंड पूरे कर प्रमाण-पत्र प्रस्तुत कर दें, लेकिन दो माह से ज्यादा का समय बीतने के बाद महज 13 स्कूलों के संचालकों ने ही मानकों की पूर्ति कर प्रमाण-पत्र डीइओ के समक्ष प्रस्तुत किए हैं।

मान्यता वापस ले ली जाएगी

कुछ स्कूल संचालकों ने नोटिस जारी होने के बाद मापदंडों की पूर्ति कर प्रमाण-पत्र प्रस्तुत कर दिया है। जिन स्कूल संचालकों ने मानकों की पूर्ति नहीं की है। बीआरसी व बीईओ की बैठक बुलाई है। उनकी मान्यता वापस ले ली जाएगी।
पारसनाथ शुक्ला, डीइओ

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