संकट के साथी...,संकट के बीच घर-घर जाकर पेंशन बांट रहे बैंक मित्र

बुजुर्ग ग्रामीणों के लिए वरदान बने बैंक मित्र, खतरों से खेलकर जान जोखिम में डालकर कर रहे लोगो की सेवा

By: Manoj Pandey

Published: 18 Apr 2020, 10:10 PM IST

सीधी। कोरोना वायरस (कोविड-19) के संक्रमण से बचाव हेतु देश भर में घोषित किए गए लॉक डाउन के दौरान लोग घरों में कैद हो कर रह गए हैं। गांव के बुजुर्ग, निराश्रित, दिव्यांग सहित अन्य प्रकार की शासन के माध्यम से निर्धारित पेंशन पाने वाले लोग लॉक डाउन के दौरान बैंकों व कियोस्क सेंटरों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। जबकि शासन के विभिन्न योजनाओं के माध्यम से प्राप्त होने वाली सहायता राशि यानि पेंशन से ऐसे लोगों को काफी कुछ गुजारा चल जाता है। साथ ऐसे बुजुर्ग व जरूरतमंद जिनके बैंक खातों में पैसा है और लॉक डाउन के कारण वह बैंक व कियोस्क सेंटर तक नहीं पहुंच पा रहे हैं, उनके घरों में पहुंचकर उनके खाते से राशि निकालकर उन्हें उपलब्ध कराने वाले यूनियन बैंक के बैंक मित्र ऐसे लोगों के लिए वरदान सावित हो रहे हैं। हितग्राही के मात्र एक फोन की सूचना या फिर ग्राम पंचायत के सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक आदि के माध्यम से सूचना मिलने पर अपने जान की परवाह किए बगैर ये बैंक मित्र सुरक्षा ऐतिहात के साथ हितग्राही के घर तक पहुंच कर उनके खाते से राशि आहरित कर उन्हें उपलब्ध कराते हुए ये बैंक मित्र रियल हीरो बन गए हैं। आज हम ऐसे ही संकट के साथियों की कहानी लेकर आए हैं जो ग्रामीणों के बीच रियल हीरो बने हुए हैं।
आशीष कुमार सेन-
........रामपुर नैकिन विकासखंड अंतर्गत झगरी में कार्यरत यूबीआई बैंक मित्र आशीष कुमार सेन पूरी तत्परता के साथ झगरी पंचायत के ग्रामीणों के सेवा में जुटे हुए हैं। किसी भी हितग्राही को बैंक खाते से राशि की आवश्यकता होने पर सूचना मिलते ही वह संबंधित हितग्राही के घर पर पहुंचकर राशि उपलब्ध कराते हैं।
सुशील कोल-
.........रामपुर नैकिन विकासखंड अंतर्गत अगडाल में कार्यरत यूबीआई बैंक मित्र सुशील कोल अगडाल पंचायत के लोगों के लिए इस संकट की घड़ी में वरदान सावित हो रहे हैं। गांव के कई ऐसे दिव्यांग, निराश्रित व बुजुर्ग हैं जो खाते में शासन के माध्यम से प्राप्त पेंशन की राशि लेने लॉक डाउन में बैंक तक नहीं पहुंच रहे हैं, उन्हें वह घर में जाकर राशि उपलब्ध करा रहे हैं।
विकास गुुप्ता-
........रामपुर नैकिन विकासखंड अंतर्गत पोस्ता में कार्यरत यूबीआई के बैंक मित्र विकास गुप्ता कहते हैं, लॉक डाउन के दौरान बैंक से राशि निकालकर हितग्राहियों तक पहुंचाना चुनौतीपूर्ण कार्य है, लेकिन इस संकट के समय में लोगों की सेवा ही सच्ची सेवा है, हम सौभाग्यशाली हैं कि हमे यह मदद करने का मौका मिला है।
श्रीपति शर्मा-
........रामपुर नैकिन विकासखंड अंतर्गत शिकारगंज में कार्यरत यूबीआई के बैंक मित्र श्रीपति शर्मा द्वारा भी सूचना मिलने पर तत्काल संबंधित उपभोक्ता के घर पर पहुंचकर उनके खाते से राशि आहरित कर उपभोक्ता को उपलब्ध कराई जा रही है। उनका कहना है कि यूबीआई की बैंक मित्र योजना का असली लाभ इस संकट के समय ही मिला है।
विनीत कुमार अग्रिहोत्री-
..........रामपुर नैकिन विकासखंड अंतर्गत ममदर में कार्यरत यूबीआई के बैंक मित्र विनीत कुमार अग्निहोत्री कहते हैं कि गांव के कई ऐसे लोग हैं जिनका गुजारा शासन की योजना के माध्यम से प्राप्त पेंशन से ही होता है। इस समय उन्हे पेंशन राशि की सख्त आवश्यकता है। जो हम उनके घर में उपलब्ध कराते हैं तो हमें खुशी मिलती है।
प्रदीप कुशवाहा-
..........रामपुर नैकिन विकासखंड अंतर्गत पडख़ुरी में कार्यरत यूबीआई के बैंक मित्र प्रदीप कुशवाहा कहते हैं कि घर से बाहर निकलने व गांव में घर-घर जाकर उपभोक्ताओं को राशि उपलब्ध कराने में खतरा तो हमे भी है, पर पूरी सावधानी और एतिहात के साथ हम काम कर रहे हैं। बुुजुर्गो व जरूरतमंदों की सेवा इस समय में सबसे बड़ी सेवा है।
श्याम कार्तिक साहू-
..........कुसमी विकासखंड अंतर्गत भुईमाड़ मे मध्यांचल ग्रामीण बैेंक के कियोस्क संचालक एवं बैंक मित्र श्याम कार्तिक साहू भुुईमाड़ गांव सहित आस-पास के गांव में घर घर जाकर ग्रामीणों को उनके खाते से राशि आहरित कर उपलब्ध करा रहे हैं। ग्रामीण उनके इस कार्य की काफी सराहना कर रहे हैं। विषम परिस्थितियों में सेवा दे रहे बैंक मित्र श्याम कार्तिक साहू को क्षेत्र के ग्रामीणों व उपभोक्ताओं ने सलाम किया है।

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