कड़ाके की ठंड में कंपकंपा रहे मरीज, स्टाफ के खाली कमरों में भी जलते रहते हैं रूम हीटर

कुछ मरीज घर से हीटर ले जाकर कर रहे उपयोग, कर्मचारी हीटर में, पतले कंबल में कंपकपाते रात गुजार रहे मरीज, जिला अस्पताल सीधी का मामला

By: Manoj Pandey

Published: 03 Jan 2020, 02:00 PM IST

सीधी। पिछले करीब एक सप्ताह से शहर सहित जिले भर में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इन दिनों सुबह एवं शाम को शहर का न्यूनतम तापमान ३ से ५ डिग्री सेल्यिस के आस-पास रहता है। ऐसी स्थिति में जिला अस्पताल सहित अन्य सरकारी अस्पतालों में मरीजों को ठंड से बचने के लिए हीटर नहीं लगाए हैं, जिसके चलते मेटरनिटी वार्ड में भर्ती नवजात शिशु और प्रसूताएं ठंड से ठिठुर रहे हैं। प्रसूताओं को ओढऩे के लिए एक-एक कंबल दिया गया है। ये पर्याप्त नहीं होने से परिजन घरों से रजाई ला रहे हैं। वहीं कुछ लोग घर से हीटर ले जाकर भी वार्ड में लगा रहे हैं, लेकिन गरीब वर्ग के लोग अस्पताल के वार्ड में इस कड़ाके की ठंड में ठिठुरते नजर आ रहे हैं। सबसे अहम बात तो यह है कि जिला अस्पताल के चिकित्सक व नर्स सहित अन्य स्टाफ के कमरों में दिन रात रूम हीटर चालू रहता है, कई बार तो ऐसा होता है कि घंटो स्टाफ के कक्ष में कोई नहीं रहता फिर भी रूम हीटर चालू रहता है, जिससे यह प्रतीत होता है कि अस्पताल प्रबंधन स्वयं को ठंड से बचाव के लिए तो चिंतित है, लेकिन प्रसूताओं व मरीजों को लेकर वह बेपरवाह हैं।
ठंड से नवजात शिशुओं को निमोनिया होने का खतरा बना हुआ है। 300 बेड वाले जिला अस्पताल की बात करें, तो यहां मेटरनिटी वार्ड में 50 बेड हैं। रोज औसतन 10 डिलेवरी होती हैं। प्रसूताओं को 3 दिन तक अस्पताल में भर्ती रखा जाता है। अब भी यहां बड़ी संख्या में प्रसूताएं भर्ती है। इन्हें ठंड से बचाने के लिए अस्पताल प्रबंधन को यहां हीटर लगाने की व्यवस्था करनी थी, लेकिन नहीं लगा। खामियाजा प्रसूताओं को भुगतना पड़ रहा है। नवजात बच्चे को ठंड से बचाने के लिए गोद में छिपाए रहती हैं।

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