अयोध्या फैसले को लेकर एलर्ट रही पुलिस, चौकन्ना रहा प्रशासन

चप्पे-चप्पे पर तैनात रही पुलिस, दौड़ती रही पुलिस मोबाइल टीम, कलेक्टर, एसपी और एएसपी भ्रमण कर लेते रहे व्यवस्थाओं का जायजा, फैसले के बाद जिले में रहा शांति का माहौल

सीधी। आयोध्या मामले में उच्चतम न्यायालय के फैसले को देखते हुए जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। कानून व्यवस्था बनाए रखने हेतु जिला दंडाधिकारी द्वारा सभी सेक्टरों में कार्यपालिक दंडाधिकारियों तथा पुलिस अधिकारियों की संयुक्त तैनातगी की गई थी, जो दिन भर पेट्रोलिंग कर कानून व्यवस्था की मानीटरिंग करते नजर आए। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी रवींद्र कुमार चौधरी, पुलिस अधीक्षक आरएस बेलवंशी तथा एएसपी अंजुलता पटले सतत् रूप से कानून व्यवस्था की मॉनीटरिंग करते रहे तथा भ्रमण कर कानून व्यवस्था का जायजा लिया। पूरे जिले में शांति व्यवस्था बनी रही। जिले में स्थिति सामान्य है।
जिले में कानून व्यवस्था बनाये रखने हेतु जिला एवं पुलिस प्रशासन द्वारा पूर्व से ही तैयारियां शुरू की गई थी। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कार्यपालिक दंडाधिकारियों तथा पुलिस अधिकारियों द्वारा विभिन्न समुदायों के लोगों के साथ बैठकर जिले में अमन चैन कायम रखने के लिए आपसी सौहार्द एवं भाई चारे का वातावरण बनाए रखने की अपील की गई थी, जिसका लोगों पर व्यापक असर देखने को मिला। इसके साथ ही जिला प्रशासन द्वारा कानून व्यवस्था बनाए रखने हेतु सीधी जिले की राजस्व सीमा में निषेधाज्ञा लागू की गई थी। सोशल मीडिया में बिना जानकारी के समाचारों का आदान प्रदान नहीं करने, आपसी सौहार्द एवं भाईचारे को ठेस पहुंचाने वाले चैटिंग नही करने, लोगों को संयम बरतने आदि के संबंध में सलाह जारी की गई है। साथ ही सोशल मीडिया की मानीटरिंग की व्यवस्था तथा निषेधाज्ञा आदेश भी जारी किए गए थे। लोगों में सुरक्षा का विश्वास बनाने हेतु प्रमुख जगहों में कार्यपालिक दंडाधिकारियों एवं पुलिस अधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से फ्लैग मार्च निकाले गए, इसके अतिरिक्त प्रात: काल से प्रमुख जगहो में पुलिस तैनात की गई थी। कार्यपालिक दंडाधिकारी तथा पुलिस द्वारा प्रात: 6 बजे से ही पेट्रोलिंग करना प्रारंभ कर दिया गया था। सार्वजनिक स्थानों बस स्टैंड, धार्मिक स्थानों सहित प्रमुख स्थलों पर भी पुलिस की कड़ी चौकसी देखी गई।
बंद रहे स्कूल कॉलेज-
आयोध्या मामले के फैसले को देखते हुए शिक्षण संस्थानों स्कूल एवं महाविद्यालयों में प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार अवकाश घोषित किया गया था। सामान्य दिनों की तरह आज भी जन जीवन सामान्य रहा। लोग आसानी से अपने काम काज के लिए रोजाना की तरह निकले। सभी समाज के लोगों ने आयोध्या मामले में उच्चतम न्यायालय द्वारा दिए गए निर्णय का सम्मान करने तथा लोगों से आपसी भाई चारा बनाये रखने की अपील की है।
कलेक्टर ने की शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील-
कलेक्टर रवींद्र कुमार चौधरी ने लोगों से शांति व्यवस्था बनाये रखने की अपील की है। उन्होने कहा कि सीधी जिले का इतिहास गौरवपूर्ण रहा है, जिलावासी सदैव आपसी भाई चारे के साथ रहते हंै। इस परंपरा को हमें हर स्थिति में बनाये रखना चाहिए। सभी लोग एक दूसरे की मदद करें तथा दूसरों को आघात या ठेस पहुंचाने वाली बातें नही करें। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म में या किसी अन्य गु्रप में कोई ऐसी न्यूज, खबर, संदेश, फ ॉरवर्ड संदेश या सचित्र संदेश को फ ॉरवर्ड न करें जिसके सत्यता के बारे में आप शत-प्रतिशत सुनिश्चित न हों। खास कर धार्मिक, राजनीतिक, सामाजिक तरह के घृणा या नफरत फैलाने वाले संदेशों का आप सब भी खुल के विरोध करें और अपने आस पास के लोगों को भी ऐसा करने से रोकंे।
सांप्रदायिक सौहार्द कायम रखने कार्यपालिक मजिष्ट्रेट के ड्यूटी आदेश जारी-
अपर जिला मजिस्ट्रेट डीपी वर्मन ने आदेश जारी कर आयोध्या प्रकरण के संबंध में उच्चतम न्यायालय के संविधान पीठ द्वारा फैसले के दृष्टिगत जिले में कानून व्यवस्था एवं सांप्रदायिक सौहार्द कायम रखने की दृष्टि से अधिकारियों-कार्यपालिक मजिस्ट्रेट नियुक्त किया जाकर उनकी ड्यूटी लगाई है। जारी आदेशानुसार तहसीलदार एवं कार्यपालिक मजिस्ट्रेट गोपदबनास तथा थाना प्रभारी थाना कोतवाली सीधी की ड्यूटी कोतवाली सीधी में, तहसीलदार एवं कार्यपालिक मजिस्ट्रेट सिहावल तथा थाना प्रभारी थाना अमिलिया की ड्यूटी अमिलिया में, तहसीलदार एवं कार्यपालिक मजिस्ट्रेट बहरी तथा थाना प्रभारी थाना बहरी की ड्यूटी बहरी में, तहसीलदार एवं कार्यपालिक मजिस्ट्रेट मझौली तथा थाना प्रभारी थाना मझौली की ड्यूटी मझौली में, तहसीलदार एवं कार्यपालिक मजिस्ट्रेट कुसमी तथा थाना प्रभारी थाना कुसमी की ड्यूटी कुसमी में, तहसीलदार एवं कार्यपालिक मजिस्ट्रेट चुरहट तथा थाना प्रभारी थाना चुरहट की ड्यूटी चुरहट में, नायब तहसीलदार एवं कार्यपालिक मजिस्ट्रेट सिहावल तथा थाना प्रभारी थाना कमर्जी की ड्यूटी कमर्जी में, नायब तहसीलदार एवं कार्यपालिक मजिस्ट्रेट मझौली तथा चौकी प्रभारी चौकी मड़वास की ड्यूटी चौकी मड़वास में, नायब तहसीलदार एवं कार्यपालिक मजिस्ट्रेट गोपद बनास तथा थाना प्रभारी थाना जमोड़ी की ड्यूटी जमोड़ी में, तहसीलदार एवं कार्यपालिक मजिस्ट्रेट रामपुर नैकिन तथा थाना प्रभारी थाना रामपुर नैकिन की ड्यूटी रामपुर नैकिन में और नायब तहसीलदार एवं कार्यपालिक मजिस्ट्रेट कुसमी तथा थाना प्रभारी थाना भुइमाड़ की ड्यूटी भुइमाड़ में लगाई गई है। इसके साथ ही सभी उपखंड मजिस्ट्रेट अपने-अपने क्षेत्र के प्रभारी होंगे तथा कानून व्यवस्था हेतु सभी अधिकारियों एवं कार्यपालिक मजिस्ट्रेट से समन्वय बनाए रखेंगें।
मैदानी स्तर पर सकारात्मक एवं नकारात्मक गतिविधियों की निगरानी रखने के निर्देश-
अपर जिला मजिस्ट्रेट डीपी वर्मन ने सभी विभाग प्रमुखों एवं कार्यालय प्रमुखों को निर्देशित किया है कि आयोध्या प्रकरण के संबंध में उच्चतम न्यायालय के संविधान पीठ द्वारा फैसले के दृष्टिगत जिले में कानून व्यवस्था एवं सांप्रदायिक सौहार्द कायम रखने की दृष्टि से अपने अधीनस्थ समस्त अधिकारियों, कर्मचारियों एवं मैदानी कर्मचारियों को निर्देशित करें कि आगामी आदेश तक मुख्यालय में ही रहें तथा क्षेत्रीय एवं ग्रामीण अंचलों में ग्रामीण जनों के मध्य होने वाली समस्त प्रकार की सकारात्मक एवं नकारात्मक गतिविधियों की जानकारी अपने विभागीय अधिकारियों को देंगें तथा वे सभी अपने विभाग प्रमुख को जानकारी देंगें। सभी विभाग प्रमुखों को समस्त गतिविधियों की जानकारी अपर जिला मजिस्ट्रेट डीपी वर्मन को देने के निर्देश दिए गए हैं। सभी विभाग अपने अधीनस्थ समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों का मोबाइल नंबर अवश्य रखेंगे तथा उनके सम्पर्क में रहेंगे। किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को इस अवधि में अवकाश न दिया जाएगा।
जिला कार्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित-
अपर जिला मजिस्ट्रेट डीपी वर्मन ने आदेश जारी कर सांप्रदायिक सौहार्द एवं कानून व्यवस्था को दृष्टिगत रखते हुए जिला कार्यालय कंट्रोल रूम (प्रबंधक लोक सेवा कक्ष) में प्राप्त शिकायतों के संचालन एवं संधारण हेतु अधिकारी और कर्मचारियों की ड्यूटी आगामी आदेश तक के लिए लगाई है। उल्लेखनीय है कि आयोध्या प्रकरण के संबंध में उच्चतम न्यायालय के संविधान पीठ द्वारा ९ नवंबर को फैसला सुनाया गया है जिस कारण विभिन्न समुदायों के मध्य विवाद की स्थिति निर्मित हो सकती है जिससे लोक जीवन, लोक सुरक्षा एवं लोक संपत्ति को खतरा उत्पन्न हो सकता है। ऐसी अप्रिय स्थिति निर्मित न हो तथा स्थिति नियंत्रण में रहे, इसके लिए जिला स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है।
अयोध्या फैसले पर वरिष्ठजनों की प्रतिक्रिया-
........राममंदिर पर सर्वोच्च न्यायालय का फैसला हमें सहज स्वीकार करना चाहिए, भारत देश गंगा जमुनी तहजीब की एक नायाब मिशाल है, इसे बनाए रखना हम सबकी नैतिक जिम्मेदारी है।
कमलेश्वर पटेल, मंत्री पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग
........सर्वोच्च न्यायालय के द्वारा श्रीराम जन्मभूमि के संबंध में लिया गया निर्णय अभिनंदनीय है, मैं इस फैसले का सीधी संसदीय क्षेत्र के निवासियों की ओर से स्वागत करती हूं।
रीती पाठक, सांसद सीधी
..........बेहद अच्छा और स्वागत योग्य निर्णय है, वर्षों से धार्मिक विवाद की जड़ को देश की सर्वोच्च न्यायालय ने समाप्त कर दिया। मैं इस निर्णय का तहे दिल से स्वागत करता हूं।
सरदार अजीत ङ्क्षसह, संविदाकार
...........सर्वोच्च न्यायालय का जो निर्णय आया है, वह सम्मान योग्य है, और उसका सभी को सम्मान करना चाहिए। मैं इस निर्णय से पूरी तरह से संतुष्ट हूं, और देश की सर्वोच्च न्यायालय का सम्मान करता हूं।
एड.दिलावर अली खान, अध्यक्ष जिला मुस्लिम एजुकेशनल सोसायटी
..........श्रीराम जन्मभूमि पर सर्वसम्मति से आये सर्वोच्च न्यायालय का फैसला ऐतिहासिक, दुर्लभ और स्वागत योग्य है। मैं सभी समुदायों और धर्म के लोगों से अपील करता हूँ कि हम इस निर्णय को सहजता से स्वीकारते हुए शांति और सौहार्द बनाए रखें।
सुरेंद्रमणि दुबे, भाजपा नेता एवं समाजसेवी

Manoj Pandey
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