पांच वाहन होने के बाद भी अमला नहीं कर पा रहा काले मृगों की सुरक्षा

पांच वाहन होने के बाद भी अमला नहीं कर पा रहा काले मृगों की सुरक्षा, एक निजी तो चार शासकीय वाहन है अमले के पास , अधिकारी शासकीय कार्य की जगह वाहन का निजी कामों मे कर रहे उपयोग

By: op pathak

Published: 06 Jan 2020, 01:31 PM IST

सीधी। बगदरा अभ्यारण्य क्षेत्र मे काले मृगों के संरक्षण के लिए संसाधन उपलब्ध कराने मे शासन के द्वारा कोई कोताही नहीं बरती जा रही है, बल्कि पर्याप्त अमले के साथ भ्रमण के लिए वाहन सुविधा भी उपलब्ध कराने मे कोई कमी नहीं बरती गई है। रेंजर तो दूर डिप्टी रेंजरो को भी एक-एक शासकीय वाहन की सुविधा मुहैया कराई गई है। इसके बाद भी रेंजर व डिप्टी रेंजरों के द्वारा बगदरा अभ्यारण्य क्षेत्र मे भ्रमण कर काले मृगों का संरक्षण की दिशा मे कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है। बल्कि शासकीय वाहन का दुरूपयोग करते हुए निजी कामों मे उपयोग कर रहे हैं वहीं फर्जी लाग बुक संधारित कर डीजल खपाने का भी खेल जमकर खेला जा रहा है।
ये पांच वाहन विभाग के पास मौजूद-
शासन के द्वारा बगदरा अभ्यारण्य के अधिकारियों के लिए पांच वाहन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। जिसमें से चार शासकीय वाहन होने के बाद भी एक निजी वाहन का अधिग्रहण किया गया है। जिसमें एमपी ०२ एभी ४६६०, एमपी ०२ एभी २४६२, एमपी ०२ एभी ३१८७ व एक नया कैंपर वाहन अभी हाल ही मे उपलब्ध कराया गया है। इसके बाद भी रेंजर राजीव रंजन के द्वारा एक निजी वाहन किराए पर अधिग्रहित किए हैं, जिसका उपयोग अपने निजी कामों के लिए कर रहे हैं।
ये कर रहे वाहन का उपयोग-
उपलब्ध वाहनों को रेंजर व डिप्टी रेंजरो के द्वारा उपयोग किया जा रहा है। जिसमें नया कैंपर व एक अधिग्रहित की गई जीप रेंजर राजीव रंजन के हिस्से मे शामिल है, जबकि एमपी ०२ एभी ४६६० डिप्टी रेंजर लालदेव सिंह, एमपी ०२ एभी २४६२ को डिप्टी रेंजर शिवनंदन पटेल व एमपी ०२ एभी ३१८७ डिप्टी रेंजर ललुआ प्रसाद साकेत के नाम पर एलाट की गई है। वाहन सुविधा मुहैया होने के बाद भी उक्त अधिकारियों के द्वारा अभ्यारण्य क्षेत्र मे भ्रमण या निरीक्षण करना उचित नहीं समझा जा रहा है बल्कि सिहावल विकासखंड मुख्यालय या जिला मुख्यालय सीधी मे जमे रहते हैं।

op pathak Reporting
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