जांच दल के पहुंचने के पहले ही गिर गए दुकानों के शटर

विभागीय अमले पर उठ रहे सवाल, शुद्ध के लिए युद्ध अभियान में कृषि आदान गुण नियंत्रण हेतु विशेष सघन अभियान के तहत की जा रही जांच

By: Manoj Pandey

Published: 27 Nov 2019, 08:46 PM IST

सीधी/मझौली। किसानो को रबी सीजन में गुणवत्ता युक्त खाद बीज उपलब्ध कराने के लिए 15 से 30 नवंबर तक चलाए जा रहे प्रदेश व्यापी विशेष सघन गुण नियंत्रण अभियान अंतर्गत जिले में संचालित खाद बीज की दुकानों की जांच हेतु गठित विशेष दल द्वारा की जा रही है। लेकिन समस्या यह है कि जांच दल के पहुंचने से पहले ही खाद-बीज की दुकानों के संचालकों को दल के आने की जानकारी हो जाती है, जिससे दुकान संचालक अपनी दुकानों के शटर गिराकर नदारद हो जाते हैं।
कुछ ऐसा ही नजारा सोमवार को मझौली विकासखंड मुख्यालय में देखने को मिला। प्रदेश व्यापी विशेष सघन गुण नियंत्रण अभियान अंतर्गत सोमवार को जब दुकानों की जांच करने विशेष दल पहुंचा तो ज्यादातर खाद बीज की दुकानों के शटर गिराकर दुकान संचालक नदारद हो चुके थे। स्थानीय किसानों की माने तो मझौली अंचल में रवी ख खरीफ के सीजन में नकली खाद बीज का व्यापार धड़ल्ले से किया जाता है, इतना ही नहीं लाइसेंस धारी व्यापारी भी नकली खाद बीज बेचकर काफ ी मुनाफ ा कमाते हैं और कृषि विभाग के खंड अधिकारी भी ऐसे व्यापारियों को संरक्षण देते हैं, विभाग के अधिकारियों की मेहरबानी और संरक्षण से चल रही खाद बीज की दुकानों में किसान लुटने को मजबूर हो जाता है। अभियान के तहत कृषि विभाग की संयुक्त टीम मझौली बाजार में जांच करने पहुंची लेकिन एक भी दुकान मालिक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। ताज्जुब तो तब हो गया जब कई दुकाने बंद कर दी गई जिन्हें सूचना किसने दिया इस बात को लेकर जांच टीम पर सवाल उठना स्वाभाविक है, क्योंकि मझौली बाजार में जहां दर्जन भर से ज्यादा दुकानों में खाद बीज बेचा जाता है वहीं कई दुकानें बंद मिली या की व्यापारियों द्वारा कहा गया कि इस सीजन में बिक्री के लिए सामान नहीं लाए है और उनके बात को जांच टीम द्वारा यकीन करते हुए कोई एक्शन नहीं लिया गया। जानकारों की माने तो नियमानुसार अगर व्यापारी लाइसेंसधारी है तो सीजन में खाद बीज का सामान रखना जरूरी है, अन्यथा उनका लाइसेंस निरस्त होना चाहिए, जिसके लिए स्थल पंचनामा तैयार करना चाहिए, लेकिन ऐसा भी नहीं किया गया, जिससे स्पष्ट होता है कि किसानों की बात में कहीं न कहीं दम है।
सप्ताह में 2 दिन आते हैं कृषि विकास अधिकारी-
क्षेत्रीय किसानों की माने तो रवी का सीजन चल रहा है और किसान खाद बीज के साथ किसानी संबंधी तकनीकी जानकारी लेने कार्यालय जाता है तो कार्यालय में एक लिपिक के अलावा कोई नहीं मिलता है और न ही कोई समुचित जानकारी देता है, बल्कि सूत्रों से जानकारी मिली है कि कृषि विकास अधिकारी लाल प्रताप सिंह चौहान सप्ताह में मात्र 2 दिन सोमवार को बैठक के लिए एवं गुरुवार को लोक सेवा में ड्यूटी रहती है यही 2 दिन के अलावा सीधी से ही विभाग का संचालन करते हैं जिससे सोचा जा सकता है कि किसानों को शासकीय व विभागीय योजनाओं का भी कितना लाभ मिल रहा है।
इन दुकानों का किया गया निरीक्षण-
जांच टीम द्वारा मझौली के न्यू मुन्ना भाई बीज भंडार को नोटिस, साईं बीज भंडार का खाद्य का सेंपल लिया गया व गुप्ता एजेंसी बीज भंडार व रजनीश खाद भंडार बंद पाया गया, वहीं ग्राम पंचायत दादर की जोगीपहाड़ी में प्रभु भाई बीज भंडार के यहां जांच किया गया, जहां मात्र गेहूं बीज का सेंपल लेकर कार्रवाई की औपचारिकता पूरी की गई। जांच टीम में उत्तम सिंह बागरी सहायक संचालक कृषि एवं जांच टीम प्रभारी केपी पटेल वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी, बीपी द्विवेदी वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी, लालप्रताप सिंह चौहान वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी एवं ओपी जायसवाल ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी थे।
..........जांच टीम द्वारा जांच की गई जहां मझौली बाजार में ज्यादातर दुकाने बंद रहीं। एक दुकान से डीएपी का सेंपल लिया गया है, वहीं जोगी पहाड़ी से भी एक दुकान से गेहूं बीज का सैंपल लिया गया है जिसे जांच के लिए भेजा जाएगा।
उत्तम सिंह बागरी, जांच टीम प्रभारी

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