निरीक्षण के दौरान प्री बोर्ड परीक्षा में नकल कराते मिले शिक्षक, जानिए क्या है मामला

बोर्ड पर लिखकर प्रश्नों का दिया जा रहा था उत्तर, निरीक्षण में मिली कई अनियमितताएं, शिकायत के बाद कलेक्टर के निर्देश पर जिला शिक्षा परियोजना पहुंचे थे विद्यालय की जांच करने, डीपीसी के जांच प्रतिवेदन पर प्रभारी प्रधानाध्यापक सहित शिक्षकों को कलेक्टर ने जारी की नोटिस

सीधी। कक्षा पांचवी और आठवीं की प्री-बोर्ड परीक्षा के दौरान शिक्षक श्यामपट पर उत्तर लिखकर बच्चों को नकल करवा रहे हैं। यह खुलाशा गत दिवस जिला परियोजना समन्वयक जिला शिक्षा केंद्र सीधी डॉ.केएम द्विवेदी के औचक निरीक्षण के दौरान एक स्कूल में हुआ। डीपीसी के जांच प्रतिवेदन के बाद कलेक्टर द्वारा विद्यालय के प्रधानाध्यापक सहित शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। मामला जनपद पंचायत सीधी अंतर्गत शासकीय प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शाला कुर्रवाह का है।
दरअसल उक्त विद्यालय के अतिथि शिक्षक प्रदीप सिंह चौहान द्वारा विद्यालय में चल रही मनमानी को लेकर जनसुनवाई में कलेक्टर के पास शिकायत की गई थी। जिस पर कलेक्टर ने जिला परियोजना समन्वय जिला शिक्षा केंद्र सीधी डॉ.केएम द्विवेदी को जांच के निर्देश दिए थे। कलेक्टर के निर्देश पर जिला परियोजना समन्वय जिला शिक्षा केंद्र सीधी डॉ.केएम द्विवेदी जन शिक्षा केंद अमरवाह के जन शिक्षक के साथ विद्यालय का निरीक्षण एवं जांच करने पहुंचे। निरीक्षण के दौरान विद्यालय परिसर अव्यवस्थित पाया गया। विद्यालय भवन का लंबे समय से रख-रखाव, साफ-सफाई, पेंटिंग आदि कार्य नहीं कराया जाना पाया गया। मध्यान भोजन करते हुए 8 बच्चे जमीन पर अव्यवस्थित तरीके से बैठे पाए गए। विद्यालय के कक्षो में बच्चों के बैठने के लिए टाट पट्टी की व्यवस्था नहीं की गई थी। कक्षा 5वीं एवं 8वीं की प्री-बोर्ड परीक्षाएं संपादित होना पाया गया। निरीक्षण के दौरान अंग्रेजी विषय की उत्तर पुस्तिकाओं के अवलोकन में पाया गया की अधिकांश बच्चों को शब्दों का ज्ञान नहीं था। वहीं प्राथमिक शिक्षक दीनदयाल मिश्रा द्वारा श्यामपट पर उत्तर लिखा जाकर बच्चों को नकल करने के लिए कहा गया है, और बच्चों ने उसे लिखने का प्रयाश भी किया है। विद्यालय के प्रधानाध्यापक शिवराज ङ्क्षसह चौहान बिना किसी सक्षम स्वीकृत के विद्यालय से अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित पाए गए। इसके साथ ही अन्य विषयों की पूर्व में संपादित परीक्षा मूल्यांकन संबंधित अभिलेख चाहे जाने पर संस्था में पदस्थ किसी शिक्षक द्वारा अवलोकन हेतु उपलब्ध नहीं कराया गया एवं तथ्यों को छिपाने का प्रयाश किया गया। विद्यालय के सभी छात्रों का शैक्षणिक स्तर बहुत कमजोर पाया गया, वहीं मिड लाइन एवं इंड लाइन टेस्ट में फर्जी तरीके से अभिलेख तैयार किया जाना पाया गया। उक्त अनियमितताओं का जांच प्रतिवेदन डीपीसी द्वारा कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत किए जाने पर कलेक्टर द्वारा विद्यालय में सही तरीके से अध्यापन कार्य में लापरवाही बरतने के कारण इंद्ररनिया सिंह, दीनदयाल मिश्रा प्राथमिक शिक्षक और शिवराज सिंह चौहान प्रभारी प्रधानाध्यापक को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है। इस आरोप में संबंधितों को निर्देशित किया गया है कि 20 फरवरी को अपना समाधान कारक जवाब प्रस्तुत करें। अपना पक्ष प्रस्तुत नहीं करने की स्थित में आपके विरूद्ध प्रस्तावित कार्रवाई की जाएगी।

Manoj Pandey Bureau Incharge
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