स्कूलों मे गाइड लाइन से हटकर छात्रों से वसूली जा रही प्रवेश शुल्क की राशि

स्कूलों मे गाइड लाइन से हटकर छात्रों से वसूली जा रही प्रवेश शुल्क की राशि
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Manoj Kumar Pandey | Updated: 02 Aug 2019, 09:39:30 PM (IST) Sidhi, Madhya Pradesh, India

मामला जनपद पंचायत कुसमी मे संचालित शासकीय स्कूलों का

पथरौला/सीधी। शासकीय विद्यालयों मे अध्ययन करने वाले छात्रों के अविभावक स्कूल मे वसूली जा रही प्रवेश शुल्क को लेकर काफी परेशान हैं। एक तो शासन द्वारा पहले ही इतना शुल्क निर्धारित कर दिया गया है कि गरीब वर्ग के अभिभावक शुल्क अदा नहीं कर पा रहे हैं, उस पर भी विद्यालय प्रबंधन शासन द्वारा निर्धारित की गई शुल्क से ज्यादा रुपये आदिवासी अंचल के छात्रों से वसूला जा रहा है।
विगत दिवश पत्रिका के भ्रमण के दौरान ऐसा ही एक मामला जनपद के संकुल कंेद्र पोंड़ी अंतर्गत संचालित होने वाली हाई स्कूल तथा हायर सेकेंड्री स्कूल का प्रकाश में आया है। जहां हाई स्कूल बस्तुआ, कोटा, कुंदौर, हायर सेकेंड्री पोंडी, लुरघुटी सहित अन्य स्कूलों के छात्र-छात्राओं ने पत्रिका को बताया कि कक्षा 10वीं और 12वीं मे प्रवेश करनें वाले छात्रों से 1500 सौ रुपये प्रवेश शुल्क लिया गया है। जबकि शासन द्वारा कक्षा 10वीं के लिए 1220 रुपये तथा कक्षा 12वीं के लिए 1260 रुपये परीक्षा सहित सभी शुल्कों को मिलाकर प्रवेश शुल्क निर्धारित किया गया है। लेकिन जिम्मेदारों के द्वारा मनमानी फीस वसूली जा रही है। जिसको लेकर अविभावक काफी परेशान हैं। बताया गया कि शुल्क के अभाव मे बहुत से छात्र स्कूल आना ही शुरू नहीं किए हैं, तो कुछ ने पढ़ाई छोडऩे का मन भी बना लिया है।
शुल्क में नहीं मिलती छूट-
देखा जाय तो सबसे बड़ी समस्या एससी एसटी व निर्धन वर्ग के छात्रों के पास है। छात्रों ने बताया कि शुल्क माफी के नाम पर विद्यालय प्रबंधन के द्वारा प्रवेश के समय रिकॉर्ड तो ले लिए जाते हैं। साथ ही प्रवेश शुल्क भी ले लिया जाता है, और शुल्क माफ हो जाने पर बाद मे राशि वापस करने की बात कही जाती है। किंतु फिर न तो शुल्क माफ होती है, या फिर राशि जिम्मेदार हजम कर जाते हैं, और अविभावक कर्जदार हो जाते हैं। छात्रो ने बताया कि गत वर्ष संबल योजना का कार्ड जमा करवाया गया था। लेकिन शुल्क के नाम पर ली गई राशि आज तक वापस नहीं की गई है। और इस साल नया सवेरा तथा अनुविभागीय कार्यालय से जारी किया गया जाति प्रमाण पत्र शुल्क माफी के नाम पर लिया जा रहा है। हलांकि विद्यालय प्रबंधन द्वारा शुल्क माफी से संबंधित सही जानकारी सभी छात्रों को समय पर नहीं दी जाती है। जिसके कारण गरीब छात्र योजना से वंचित रह जाते हैं, और जिम्मेदार अपना जुगाड़ फिट कर लेते हैं।
छात्र-छात्रओं ने सुनाया दर्द-
.........प्रवेश शुल्क के नाम पर 1500 सौ रुपये लिया गया है तथा जाति प्रमाण पत्र भी लिया गया है। शुल्क माफी के बाद राशि वापस करने को बोला गया है। पिता ने कर्जा लेकर शुल्क दिया है।
अभयराज पनिका, कक्षा 10 हाई स्कूल बस्तुआ
........प्रवेश शुल्क 1500 रुपये यह कहकर लिया गया है कि शुल्क माफ हो जाने पर ली गई राशि वापस कर दी जाएगी। पिछले साल की शुल्क आज तक वापस नहीं हुई है।
मुकेश सिंह गोंड़, कक्षा 10वीं हाई स्कूल बस्तुआ
.........पिता जी लकवा ग्रस्त हैं। मां ने सूद मे पैसे लेकर शुल्क के नाम पर 1500 रुपये दिए थे। हम लोगों के लिए तो शुल्क माफी की सुविधा सरकार द्वारा दी ही नहीं गई है।
स्नेहा विश्वकर्मा, कक्षा 10वीं, शाउमावि पोंड़ी
..........प्रवेश शुल्क के नाम पर स्कूल मे 1500 रुपये सभी छात्रों से लिया गया है। कुछ लोगों को शुल्क माफ होने पर पैसे वापस करने कहा गया है। लेकिन गत वर्ष का पैसा अभी तक वापस नहीं हुआ है।
रीनू साहू, कक्षा 12वीं शाउमावि पोंड़ी
शाला विकास के लिए ली जा रही अतिरिक्त राशि-
परीक्षा सहित नामांकन शुल्क मिलाकर 10वीं के लिए 1220 तथा 12वीं के लिए 1260 रुपये प्रवेश शुल्क निर्धारित की गई है। जो पैसा ज्यादा लिया जा रहा है वो शाला विकास के लिए है। जो सभी स्कूल अपने हिसाब से ले रहे हैं। एससी एसटी के छात्रों को समय से जाति प्रमाण पत्र जमा करने पर शुल्क माफी का लाभ मिलेगा।
नवल सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी सीधी

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