आश्वासनों में बीत गया साल, नहीं शुरू हुआ रेलवे रिजर्वेशन काउंटर

सीधी में रेल लाने की कवायदों के बीच रिजर्वेशन काउंटर की सुविधा से भी वंचित हुए मुख्यालय के लोग, जर्जर भवन की वजह से बंद हुआ था काउंटर, साल भर में नहीं ढूंढ पाए नया भवन, रेल की टिकट लेने 50 से 80 किमी की लगानी पड़ रही दौड़, मड़वास, व्योहारी या रीवा रेलवे स्टेशन जाना पड़ता है काउंटर टिकट लेने के लिए

By: Manoj Pandey

Updated: 03 Jan 2020, 01:51 PM IST

सीधी। रेलवे लाइन से अछूते सीधी जिला मुख्यालय में पिछले करीब एक वर्ष से रेलवे रिजर्वेशन का काउंटर भी बंद कर दिया गया है। ऐसी स्थिति में रेलवे का काउंटर टिकट लेने के लिए जिला मुख्यालय के लोगों को करीब 50 से 80 किमी की दूरी तय करनी पड़ रही है। जहां एक ओर सीधी जिला मुख्यालय मे रेल लाने को लेकर जनप्रतिनिधियों में श्रेय लेने के होड़ लगी हुई है, वहीं दूसरी ओर रेल का सपना तो अभी फिलहाल अधूरा ही है, जिला मुख्यालय में जो रेलवे रिजर्वेशन काउंटर था उसमें भी ताला लग जा्रने से लोगों को काउंटर टिकट लेने के लिए परेशान होना पड़ रहा है। बता दें कि सीधी जिला मुख्यालय से नजदीकी रेलवे स्टेशन की बात करें तो कटनी-चोपन रेलवे लाइन का मड़वास रेलवे स्टेशन सबसे नजदीक है, जिसकी दूरी करीब पचास की किमी है। इसके अलावा इसी रेलवे लाइन में व्योहारी रेलवे स्टेशन जो करीब ८० किमी दूरी पर हैं। वहीं रीवा रेलवे स्टेशन की दूरी भी करीब ८० किमी के आस-पास ही है, लिहाजा रेलवे रिजर्वेशन की काउंटर टिकट लेने के लिए सीधी जिला मुख्यालय के लोगों को पचास से अस्सी किमी का सफर तय करना पड़ रहा है।
बताते चलें कि जिला मुख्यालय के कलेक्ट्रेट परिसर में करीब दस वर्ष पूर्व रेलवे रिजर्वेशन काउंटर खोला गया था। जिला मुख्यालय में रेलवे रिजर्वेशन काउंटर खुलने से रेल में सफर करने वालों को रिजर्वेशन के लिए काफी सुविधा मिल रही थी। लेकिन करीब एक माह पूर्व इस रिजर्वेशन काउंटर को अचानक बंद कर दिया गया। जिसकी वजह भवन का काफी जर्जर होना बताया जा रहा है। रेलवे रिजर्वेशन का काउंटर बंद होने से काउंटर टिकट लेने के लिए काफी समस्या हो गई है, ऐसे लोगों को पचास से अस्सी किमी सफर तय करना पड़ रहा है।
क्या हो रहा नुकशान-
रेलवे रिजर्वेशन काउंटर बंद होने से लोगों को ऑनलाइन टिकट मजबूरी में बुक कराना पड़ रहा है, ऐसे में ऑन लाइन चार्ज में लोगों को करीब 100 से 200 रूपए तक अतिरिक्त खर्च करना पड़ता है। इसके साथ ही यदि ऑनलाइन टिकट वेटिंग में है और टिकट कन्फर्म नहीं हुआ तो ऑटोमेटिक कैंसिल हो जाता है, ऐसी स्थिति में यदि संबंधित व्यक्ति ट्रेन में सवार हो गया तो वह बिना टिकट हो जाता है। इसके अलावा भी काउंटर टिकट के कई फायदे हैं, जिससे लोग वंचित हो रहे हैं।
अभी नहीं मिल पाया नया स्थल-
कलेक्ट्रेट परिसर के जिस भवन में रेलवे रिजर्वेशन काउंटर संचालित किया जा रहा था, वह काफी जर्जर था, जिसके चलते रिजर्वेशन काउंटर अस्थाई तौर पर बंद किया गया है। जिला प्रशासन द्वारा अभी नया भवन उपलब्ध नहीं करवाने के कारण रिजर्वेशन काउंटर संचालित नहीं हो पाया है। इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
प्रियंका दीक्षित
सीपीआरओ, पश्चिम मध्य रेलवे जबलपुर

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