यहां गरीबों को भी नहीं मिली छत

यहां गरीबों को भी नहीं मिली छत

Suresh Kumar Mishra | Publish: Feb, 03 2016 11:53:00 PM (IST) Sidhi, Madhya Pradesh, India

वित्तीय वर्ष 2015-16 में इंदिरा आवास योजना के तहत मंजूर हुए 2188 मकान, एक माह का समय बाकी, इंदिरा आवास की प्रगति मात्र 43 फीसदी


सीधी
गरीबों को छाया देने के लिए शासन की योजनाएं क्रियान्वित करने में जिला पंचायत लापरवाही बरत रहा है। वित्तीय वर्ष 2015-16 के लिए शासन ने गरीबों को 2188 इंदिरा आवास उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया था, लेकिन सत्र के ग्यारह माह बीतने के बाद पचास फीसदी लक्ष्य भी पूरा नहीं हो पाया है। केंद्र और राज्य सरकार के सबके लिए घर देने के लिए नए सिरे से योजना तैयार करने मे जुटी हैं, लेकिन नौकरशाहों की मनमानी के कारण आवास योजनाओं का लाभ गरीबों को नहीं मिल पा रहा है। वित्तीय वर्ष 2015-16 के ग्यारह माह बीतने को हैं लेकिन अभी तक इस वर्ष मात्र 43 फीसदी गरीबों को आवास स्वीकृत किया गया, जबकि 57 फीसदी गरीबों को आवास की दरकार बनी हुई है।

6852 आवास का लक्ष्य 
मालूम हो कि इंदिरा आवास योजनांतर्गत वित्तीय वर्ष 2012-13 से वित्तीय वर्ष 2015-16 तक के लिए 6852 आवास का लक्ष्य दिया गया था, जिसके एवज में जिला पंचायत ने 5564 प्रकरण स्वीकृत किए। वहीं वर्तमान वित्तीय वर्ष में मात्र 946 इंदिरा आवास स्वीकृत किए गए। ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा बैठक में कलेक्टर द्वारा लापरवाही पर फटकार भी लगाई जा चुकी है तथा लक्ष्य के अनुरूप जल्द आवास स्वीकृत के निर्देश दिए गए हैं। उसके बाद एकमुश्त 946 आवास स्वीकृत किए गए। फिर मामला ठंडे बस्ते मे डाल दिया गया। आवास की मांग को लेकर गरीब जनसुनवाई में आवेदन लेकर भटक रहे हैं।

दूसरी किस्त के लिए लगा रहे चक्कर
विगत चार वर्षों मे 6 852 लक्ष्य के एवज 5564 इंदिरा आवास स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से 3187 गरीबों को आवास की दूसरी किस्त नहीं मिली, जिसके लिए लोग आए दिन जिला पंचायत से लेकर सचिवों और जनपदों के चक्कर काट रहे हैं। सीधी जनपद अंतर्गत वर्ष 2014-15 में स्वीकृत 560 आवास में से एक भी हितग्राही को दूसरी किस्त जारी नहीं की गई। यही आलम सभी विकासखंडों का है। द्वितीय किश्त जारी न हो पाने के कारण गरीबो के आवास पूर्ण नहीं हो पा रहे है। तीन हजार 294 आवास अधूरे पड़े हैं।

इन पर बेरहमी
मझौली जनपद अंतर्गत पांड़ गांव निवासी 65 वर्षीय बृद्ध महिला गनेशिया अपने पोलियो ग्रसित विकलांग पुत्र सुखराम को गोद में लेकर आवास और शौचालय निर्माण की मांग को लेकर नौकरशाहों के दर पर दरखास्त लेकर भटक रही है। इस वृद्ध महिला के दर्द को पत्रिका ने प्रकाशित कर प्रशासन का ध्यान आकृष्ट किया था, लेकिन आवास का आश्वासन देने के बाद भी आवास नहीं दिया गया। इस तरह कई ऐसे लाचार गरीब हैं जिन्हें प्रशासनिक लावरवाही के कारण बजट होने के बाद भी आवास नहीं मिल पा रहा है।

इनको मिलता है मकान

इंदिरा आवास योजना केंद्र सरकार के द्वारा गरीब परिवारों को आवास उपलब्ध कराने के लिए लागू की गई है। इसमें जिन परिवारों का नाम गरीबी रेखा सूची में दर्ज हो और प्रतिक्षा सूची मे आता हो, उन्हें अपना आशियाना बनाने के लिए 75 हजार रुपए जिला पंचायत द्वारा उपलब्ध कराए जाते हैं। इसकी मॉनीटरिंग की जिम्मेवारी पंचायत सचिवों की होती है, लेकिन पूर्व में जिले मे इंदिरा आवास योजना मे व्यापक फर्जीवाड़ा भी किया गया है। अपात्र लोगों को योजना का लाभ दिया गया। मामला विधानसभा मे भी गूंज चुका है।

फैक्ट फाइल

जनपद    लक्ष्य                 
सीधी    497             
सिहावल    567             
मझौली    322              
कुसमी    172              
रामपुर नैकिन    628               
कुल    2188

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