एमपी गजब है: पांच कक्षाओं में 10 बच्चे, और शिक्षकों की संख्या जानकर चौंक जाएंगे आप

एमपी गजब है: पांच कक्षाओं में 10 बच्चे, और शिक्षकों की संख्या जानकर चौंक जाएंगे आप

Sonelal Kushwaha | Publish: Oct, 14 2018 02:41:25 AM (IST) Sidhi, Madhya Pradesh, India

सीधी जिले के रामपुर नैकिन क्षेत्र की प्राथमिक शाला लोढ़ौटा का मामला, निरीक्षण के दौरान खुली पोल

रामपुर नैकिन. मप्र के सीधी जिले में संचालित सरकारी स्कूलों की वास्तविकता देख हर कोई हैरान रह जाता है। कहीं शिक्षकों के अभाव में ताला नहीं खुल पाता तो कहीं। 10 बच्चों के लिए तीन-तीन शिक्षक पदस्थ कर दिए जाते हैं। शनिवार को रामपुर नैकिन ब्लॉक की प्राथमिक शाला लोढ़ौटा के औचक निरीक्षण पर पहुंचे तहसीलदार बीएम शुक्ला व नायब तहसीलदार सुधीरमोहन अग्रवाल भी यह स्थित देखकर हैरान रह गए। बताया कि यहां कक्षा 1 से 5 तक में मात्र 10 बच्चे उपस्थित थे। जबकि उन्हें पढ़ाने के लिए तीन शिक्षक पदस्थ हैं। इसके बाद भी शैक्षणिक स्तर न्यून है। अफसरों से चर्चा के दौरान ग्रामीणों ने बताया कि मध्याह्न भोजन कभी कभार ही बनता है।

बंद मिले ज्यादातर स्कूल
इसके पहले शासकीय प्राथमिक, माध्यमिक विद्यालय झांझ में देखा कि शिवबालक साहू ने विद्यालय मैदान पर मवेशी बंध रखे हैं। इस पर उन्होंने कार्रवाई की। बच्चों ने यहा भी गुणवत्ताविहीन मध्याह्न भोजन की शिकायत की। माध्यमिक विद्यालय घटोखर में व्यवस्थाएं ठीक थीं। 2.45 बजे माध्यमिक विद्यालय तितिरा शुक्लान विद्यालय व 4 बजे माध्यमिक शाला बेलकसरी बंद मिले। ग्रामीणों ने बताया, विद्यालय 3 बजे ही बंद हो जाता है। राजस्व निरीक्षण धर्मदास साकेत व पटवारी बृजनंदन साकेत उपस्थित रहे।

इधर, बच्चों को नसीब नहीं हो रही टाट पट्टी
पथरौला. निलंबन के एक माह बाद भी प्रभार न मिलने से माध्यमिक शाला मेढ़की में अव्यवस्था का महौल है। प्राथमिक शाला की प्रधानाध्यापिक प्रभा गुप्ता व माध्यमिक शाला के प्रधानाध्यापक सतीष मिश्रा ने जरूरी रेकॉर्ड भी कमरे में कैद कर दिए हैं। इससे छात्रों की मैपिंग, रजिस्ट्रेशन संबंधी जरूरी कार्य भी नहीं हो पा रहे। टाट, पट्टी न होने से बच्चों को जमीन पर बैठना पड़ रहा है। प्रभार दिलवाने को लेकर विभागीय अधिकारी भी लापरवाह बने हुए हैं। इससे पठन पाठन भी प्रभावित हो रहा है।

ग्रामीणों ने की थी तालाबंदी
दरअसल, माध्यमिक शाला मेढ़की में शिक्षकों की मनमानी से तंग होकर ग्रमीणों ने 4 सितंबर से बच्चों को विद्यालय भेजना बंद कर दिया था। साथ ही कलेक्टर दिलीप कुमार व अन्य अफसरों से लिखित शिकायत की थी। कार्रवाई न होने पर 11 सितंबर को उन्होंने सरपंच प्रेमवती बैगा की अगुवाई में स्कूल में ताला बंद आंदोलन शुरू कर दिया और पेड़ के नीचे बच्चों को पढाना शुरू कर दिया था।

निलंबन के बाद नहीं सौंपा प्रभार
कलेक्टर दिलीप कुमार ने जनपद सीइओ एसएन दुबे को विद्यालय भेजकर 13 सितंबर को 3 शिक्षकों को निलंबित कर दिया था। साथ ही 14 सितंबर दूसरे शिक्षकों की व्यवस्था की गई, लेकिन विद्यालय का प्रभार अब नहीं दिलाया गया। न ही कार्यालय व आलमारियों की चाभी सौंपी। ग्रमीणों ने कलेक्टर का ध्यान आकृष्ट कराते प्रभार दिलाए जाने की मांग की गई है, ताकि विद्यालयों की व्यवस्थाएं पटरी पर आ सकें।

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