शहर के छत्रसाल कांपलेक्स में फिर सजने लगी वाहन मिस्त्रियों की दुकानें, फैला रहे गंदगी

ऐसे मे कैसे स्वच्छ होगा सीधी शहर, स्वच्छता सर्वेक्षण की तैयारी, फिर भी जिम्मेदार नहीं दे रहे ध्यान, प्रशासन द्वारा अभियान चलाकर वाहन मिस्त्रियों को ट्रांसपोर्ट नगर में किया गया था शिफ्ट

सीधी। शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने की दिशा में पहल तो हो रही है, लेकिन इसमें शहरवासियों का ही सहयोग नहीं मिल पा रहा है। वहीं प्रशासनिक लापरवाही से भी स्वच्छता पर ग्रहण लग रहा है। स्वच्छता सर्वेक्षण २०२० के लिए सीधी नगर पालिका क्षेत्र का सर्वे करने किसी भी दिन दिल्ली से सर्वेक्षण टीम पहुंच सकती है, इसको लेकर नपा द्वारा तैयारियां भी की जा रही हैं, ताकि सर्वेक्षण में सीधी नपा की रैकिंग बेहतर रहे। लेकिन स्वच्छता के परिपेक्ष्य में नपा द्वारा भी कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं को नपा द्वारा नजर अंदाज किया जा रहा है।
जी हां, हम बात कर रहे हैं, शहर के बाहर शिफ्ट किए गए वाहन मैकेनिकों की। उल्लेखनीय है कि सीधी शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने की दिशा में पहल करते हुए जिले के तत्कालीन कलेक्टर अभिषेक सिंह द्वारा करीब पांच माह पूर्व शहर के छत्रसाल स्टेडियम के पास वाहनों का सुधार एवं मरम्मतीकरण करने सहित शहर के अन्य स्थलों में वाहन सुधार का कार्य करने वाले वाहन मैकेनिकों को जमोड़ी स्थित ट्रांसपोर्ट नगर में शिफ्ट किया गया था। यह निर्णय इसलिए लिया गया था ताकि वाहन मैकेनिकों द्वारा वाहनों के मरम्मतीकरण से काफी गंदगी होती थी, साथ ही छत्रसाल स्टेडियम के पास वाहनों की लंबी कतार लग जाती थी, जिससे शहर की सुंदरता पर ग्रहण लग रहा था, शहर को सुंदर और स्वच्छ बनाने के लिए तत्कालीन कलेक्टर द्वारा वाहन मिस्त्रियों को ट्रांसपोर्ट नगर में शिफ्ट किए जाने को निर्णय लेते हुए वाहन मिस्त्रियों की बैठक भी ली गई थी, हलांकि वाहन मिस्त्री पहले शहर के बाहर जाने को तैयार नहीं थे, लेकिन बाद में कलेक्टर की समझाइस पर वह मान गए। मिस्त्रियों को ट्रांसपोर्ट नगर में दुकाने भी उचित दर पर मुहैया कराई गई थी, लेकिन अब वहां से कई मिस्त्री पुन: पुराने स्थल पर आकर काम करने लगे हैं, जिससे छत्रसाल कांपलेक्स में पुरानी स्थिति निर्मित होने लगी है, संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि कुछ वाहन मिस्त्रियों के पुराने स्थल पर काम करने से ट्रांसपोर्ट नगर में दुकान सजाकर बैठे मिस्त्रियों को काम भी नहीं मिल रहा है, वहीं स्थानीय प्रशासन ऐसे मिस्त्रियों को प्रतिबंधित भी नहीं कर रहा है, जिससे हमें आंदोलन की राह अपनानी पड़ रही है।जिला एवं स्थानीय प्रशासन के दो तरफा व्यवहार से शहर के वाहन मैकेनिक काफी नाराज हैं। जहां कुछ वाहन मैकेनिकों को शहर के बाद ट्रांसपोर्ट नगर में शिफ्ट किया जा चुका है वहीं कुछ मिस्त्री स्थानीय प्रशासन की सह पर पुराने स्थलों में काम करने लगे हैं। प्रशासन द्वारा वाहन मिस्त्रियों के साथ अपनाए जा रहे दोहरे मापदंड से वाहन मिस्त्री संघ नाराज हो गया है, और आंदोलन की राह अपना रहा है। संघ द्वारा आज सोमवार को कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर मिस्त्रियों के साथ अपनाए जा रहे दोहरे मापदंड को लेकर ज्ञापन सौंपे जाने का निर्णय लिया गया है।
शहर के बाहर चले गए थे वाहन मैकेनिक-
तत्कालीन कलेक्टर की समझाइश के बाद शहर के छत्रसाल कांपलेक्स सहित अन्य स्थल में काम करने वाले करीब ७० वाहन मिस्त्रियों को ट्रांसपोर्ट नगर भेजा गया था, जिसमें २६ मिस्त्रियों को दुकाने उपलब्ध कराई गई थी, इसके अलावा कुछ मिस्त्री बाईपास में तो कुछ पड़ैनिया जाकर दुकाने खोल लिए थे।
नहीं लगवाए गए अवरोधक, स्थानीय प्रशासन के सह देने का आरोप-
प्रशासन द्वारा वाहन मिस्त्रियों से वायदा किया गया था, कि यहां से स्थानांतरित करने के बाद किसी भी वाहन मिस्त्री को शहर के अंदर कार्य करने नहीं दिया जाएगा। छत्रसाल स्टेडिय कांपलेक्स में वाहन मिस्त्रियों को प्रतिबंधित करने के लिए मार्ग में अवरोधक लगा दिए जाएंगे ताकि वाहन प्रवेश न कर सके, लेकिन नपा द्वारा मार्ग में अवरोधक लगाने का कार्य नहीं किया गया, जिससे करीब दस मिस्त्रियों द्वारा पुन: छत्रसाल कांपलेक्स में दुकाने शुरू कर दी गई हैं, जिससे यहां वाहन सुधार के लिए वाहनों का पुन: जमावड़ा लगने लगा है।
आज सौंपा जाएगा ज्ञापन, मांग पूरी नहीं हुई तो होगा आंदोलन-
मैकेनिक यूनियन के अध्यक्ष मोहम्मद कलीम, उपाध्यक्ष मार्तंड मिश्रा, महामंत्री राकेश विश्वकर्मा, वंशपति साकेत, बाबू मिस्त्री, गब्बर मिस्त्री सहित ट्रांसपोर्ट नगर में कार्य करने वाले अन्य मिस्त्रियों ने बताया कि जिला प्रशासन अपने वायदे पर खरा नहीं उतर रहा है, ट्रांसपोर्ट नगर में आवश्यक सुविधाएं जैसे रैंप एवं नालियों की सफाई आदि व्यवस्था नहीं है। इसके साथ ही छत्रसाल स्टेडिय में करीब दस मिस्त्री आकर फिर से कार्य करने लगे हैं, जिससे हमारा व्यवसाय प्रभावित हो रहा है। यहां नपा द्वारा मार्ग में अवरोधक भी नहीं लगवाए गए, स्थानीय प्रशासन इन मिस्त्रियों को दुकान संचालन के लिए सह दे रहा है। इसे प्रतिबंधित करने की मांग को लेकर आज सोमवार को कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा जाएगा, यदि मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा, फिर भी सुनवाई नहीं हुई तो सभी मिस्त्री एक राय होकर शहर के पुराने स्थलों पर कार्य करने लगेंगे, जिसका जिम्मेदार प्रशासन होगा।
की जाएगी कार्रवाई-
वाहन मिस्त्रियों को ट्रांसपोर्ट नगर में शिफ्ट किया जा चुका है, बीच-बीच में कुछ मिस्त्री आकर छत्रसाल स्टेडियम के पास दुकाने चला रहे थे, जिनके विरूद्ध कार्रवाई की गई थी, यदि पुन: मिस्त्रियों द्वारा दुकाने चलाई जा रही हैं तो कार्रवाई की जाएगी।
अमर बहादुर ङ्क्षसह
सीएमओ, नगर पालिका परिषद सीधी

Manoj Pandey Bureau Incharge
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