शहर का एकत्रित कचरा कहां करें डंप, नहीं मिल पा रहा सुरक्षित स्थान

बार-बार जगह बदलने को मजबूर नगरपालिका प्रशासन, उत्पन्न हो रही विवाद की स्थिति, वर्षों से जारी प्रयाश के बाद भी नहीं हो पा रहा समस्या का समाधान

By: Manoj Pandey

Published: 19 Mar 2020, 09:41 PM IST

सीधी। सीधी शहर से प्रतिदिन डोर टू डोर एकत्रित होने वाले कचरे को डंप करने के लिए नगर पालिका को सुरक्षित स्थान नहीं मिल पा रहा है। नगर पालिका द्वारा जहां कचरा डंप किया जाना शुरू किया जाता है वहीं विवाद की स्थिति निर्मित होने लगती है। ऐसे में नपा के अधिकारियों द्वारा स्थल परिवर्तित करना पड़ता है। कई बार तो विवाद इतना बढ़ जाता है कि कचरा फेंकने वाले वाहन चालकों के साथ स्थानीय लोगों द्वारा मारपीट तक की जा चुकी है। इस समस्या के निजात हेतु नपा के अधिकारियों द्वारा कलेक्टर को कई बार कचरा डंपिंग के लिए एक सुरक्षित स्थान जो बस्ती से दूर हो मुहैया कराए जाने की मांग की जा चुकी है, लेकिन जिला प्रशासन द्वारा अब तक ऐसी भूमि या स्थान उपलब्ध नहीं कराया जा सका है जहां प्रतिदिन का कचरा डंप किया जा सके, जिससे विवाद की स्थिति समाप्त नहीं हो पा रही है।
उल्लेखनीय है कि नगर पालिका परिषद सीधी के गठन को करीब ७३ वर्ष हो गए हैं, लेकिन अभी तक नगर पालिका परिषद शहर से प्रतिदिन एकत्रित होने वाले कचरे के विनष्टीकरण की व्यवस्था नहीं बना पाई है। लिहाजा शहर का एकत्रित कचरा खुले स्थान में फेंका जा रहा है। ये अलग बात है कि पिछले दो वर्ष से शहर का कचरा शहर के बजाय जिला प्रशासन द्वारा बरमानी गांव में उपलब्ध कराए गए करीब आठ एकड़ भूमि में फेंका जा रहा है। जबकि इसके पूर्व तक नगर पालिका के पास ऐसी चिन्हांकित भूमि या स्थल नहीं था जहां शहर से एकत्रित होने वाले कचरा फेंका जा सके।
वर्ष 1946 में हुआ था नपा का गठन-
नगर पालिका परिषद सीधी का गठन वर्ष 1946 में हुआ था, तब शहर का क्षेत्र काफी कम था, लेकिन अब सीधी नगर पालिका में कुल 24 वार्ड हैं, और यहां की आबादी करीब 55 हजार है। शहर का क्षेत्र तो और आबादी तो लगातार बढ़ती जा रही है, जिससे शहर में गंदगी और कचरा भी बढ़ता जा रहा है, लेकिन नगर पालिका के पास कचरा एकत्रीकरण के साथ ही कचरा के निष्पादन व विनष्टीकरण जैसे संसाधनों में बृद्धि नहीं हो पाई है।
माह भर में सैकड़ों ट्राली एकत्रित होता है कचरा-
विभागीय सूत्रों की माने तो नगर पालिका सीधी के विभिन्न मुहल्लों से प्रतिदिन 10 से 15 ट्राली प्रतिदिन कचरा एकत्रित होता है, जब कभी शहर में कोई बड़े आयोजन हो जाते हैं तो इसकी संख्या बढ़ जाती है, इस प्रकार माह भर में सैकड़ो ट्राली नगर पालिका क्षेत्र से कचरा एकत्रित होता है।
पहले एक जगह किया जाता है डंप, फिर भेजा जाता है बरमानी-
शहर से प्रतिदिन छोटे वाहनों से डोर टू डोर एकत्रित किए जाने वाले कचरे को एक जगह डंप किया जाता है। इसके बाद बड़े वाहनों में लोड कर प्रशासन द्वारा करीब 18 किमी दूर बरमानी गांव में उपलब्ध कराई गई भूमि में फेंकने के लिए भिजवाया जाता है। लेकिन शहर में कचरा डंप करने के लिए नपा के पास सुरक्षित स्थान नहीं है। इसलिए नपा को बार-बार स्थानीय लोगों के विरोध का सामना करने पडऩे के साथ ही स्थान परिवर्तित करना पड़ता है। कुछ दिनों तक शहर से एकत्रित कचरा मड़रिया में डंप किया जाता था, जहां विवाद के बाद स्थान बदलकर नवीन बस स्टैंड में डंप किया जाने लगा। जब यहां भी विवाद की स्थिति निर्मित हुई तो वार्ड क्रमांक-21 हरिजन बस्ती में डंप किया जाने लगा, यहां भी स्थानीय लोगों ने लगातार विरोध किया तो नपा के अधिकारियों ने फिर स्थान बदलकर बाईपास मड़रिया में कचरा डंप करना शुरू किया लेकिन यहां भी विगत दिनों जेसीबी चालक के साथ मारपीट की गई। अब नपा के अधिकारी कचरा डंप करने के स्थान को लेकर काफी परेशान हैं।
दो वर्ष पूर्व मिली कचरा फेंकने के लिए भूमि-
शहर से एकत्रित होने वाले कचरे को फेंकने के लिए दो वर्ष पूर्व तक नगर पालिका के पास चिन्हांकित स्थल या भूमि नहीं थी, जिससे नगर पालिका क्षेत्र से एकत्रित होने वाला कचरा शहर में ही यत्र-तत्र खाली पड़े स्थानों में फेंका जाता था। नगर पालिका द्वारा जिला प्रशासन से कचरा फेंकने के लिए भूमि उपलब्ध कराने हेतु लगातार पत्राचार व प्रयाश के बाद करीब दो वर्ष पूर्व जिला मुख्यालय से करीब 18 किमी दूर बरमानी गांव में करीब आठ एकड़ भूमि मुहैया कराई गई, जहां अब नगर पालिका का कचरा खुले में फेंका जा रहा है। बीच बीच में यहां आग लगाकर ही कचरे का विनष्टीकरण किया जाता है। लेकिन शहर में डोर टू डोर कचरा डंप करने के लिए अभी स्थान की समस्या बनी हुई है।

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