राजस्थान में 11 हजार बेरोजगारों का पूरा होगा नौकरी का सपना, प्रशासनिक सुधार विभाग ने भेजा पत्र

प्रदेश के बेरोजगारों के लिए राहतभरी खबर है। एलडीसी भर्ती (LDC Recruitment) में पुराने नियमों के आधार पर जिला आवंटन करने पर सीएम तक पहुंची शिकायतों के बाद अब प्रशासनिक सुधार विभाग ने नए नियमों के साथ चयनितों को नियुक्ति देने के लिए सभी विभागों को पत्र लिखा है। ऐसे में प्रदेश के 11 हजार से अधिक बेरोजगारों की नौकरी की राह जल्द खुलेगी।

By: Sachin

Published: 24 May 2020, 02:27 PM IST

सीकर. प्रदेश के बेरोजगारों के लिए राहतभरी खबर है। एलडीसी भर्ती में पुराने नियमों के आधार पर जिला आवंटन करने पर सीएम तक पहुंची शिकायतों के बाद अब प्रशासनिक सुधार विभाग ने नए नियमों के साथ चयनितों को नियुक्ति देने के लिए सभी विभागों को पत्र लिखा है। ऐसे में प्रदेश के 11 हजार से अधिक बेरोजगारों की नौकरी की राह जल्द खुलेगी। सूत्रों की माने तो जून महीने के पहले सप्ताह तक कई विभागों की ओर से नए सिरे से आदेश जारी किए जा सकते हैं। नए नियमों से पदस्थापन होने से बेरोजगारों की नौकरी की राह आसान हो सकेगी। क्योंकि पिछले दिनों एलडीसी भर्ती के चयनितों को विभाग आवंटित कर दिए गए थे। लेकिन पदस्थापन में कई पेच की वजह से मामला उलझ गया था। इस दौरान अभ्यर्थियों ने न्यायालय में जाने की तैयारी भी कर ली थी। अब सरकार स्तर पर पेच सुलझने से बेरोजगारों को काफी राहत मिली है। गौरतलब है कि राजस्थान पत्रिका ने पिछले दिनों ही अटकी भर्तियों से जल्द खुलेगा लॉकडाउन शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। इसके बाद सरकारी महमकों ने बेरोजगारों को राहत देने के लिए तैयारी तेज कर दी है।

यह अटका था पेच, सीएम तक पहुंची थी शिकायत


प्रशासनिक सुधार विभाग ने कई अभ्यर्थियों को ऐसे जिले आवंटित कर दिए, जहां रिक्त पदों की संख्या कम थी। ऐसे में जिला अधिकारियों के सामने उनकी नियुक्ति करवाना भी चुनौती बना हुआ था। मामला सीएमओ तक पहुंचा। कई जनप्रतिनिधियों ने भी इस संबंध में आपत्ति दर्ज कराई। इससे पहले स्वास्थ्य विभाग कार्यकर्ताओं की नियुक्तियों में भी लापरवाही सामने आई थी।


शहीद परिवारों के आश्रितों को भी वरीयता

नए भर्ती नियमों के तहत शहीद परिवार के आश्रितों को भी नियुक्ति में वरीयता दी जाएगी। यदि प्रथम नियुक्ति के समय उस जिले में पद रिक्त नहीं है तो बाद में पद रिक्त होने पर पहली वरीयता शहीद परिवार को दिए जाने का प्रावधान किया गया है। असाध्य रोग से पीडि़त चयनितों को भी वरीयती श्रेणी में शामिल किया गया है।

अब इन नियमों के आधार पर नियुक्ति


दिव्यांग, विधवा, परित्यक्ता, एकल महिला, भूतपूर्व सैनिक, खिलाड़ी व पति-पत्नी के प्रकरणों के अभ्यर्थियों को पहले वरीयता से नियुक्ति दी जाएगी। इसके बाद शेष अभ्यर्थियों को काउंसलिंग के आधार पर बुलाकर प्रथम नियुक्ति दी जानी है।

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