साहब... बहुत बीमार हूं, चल नहीं सकता...चुनाव में ड्यूटी नहीं कर सकूंगा

चुनाव ( Panchayati Raj Rajasthan ) में ड्यूटी कटाने के लिए जिला प्रशासन के पास तरह-तरह के तर्कों के साथ कर्मचारी पहुंच रहे हैं। कोई परिवार में शादी तो कोई बीमारी की वजह से चुनाव ड्यूटी कटाना चाह रहा है। लेकिन जिला प्रशासन की सबसे बड़ी समस्या यह है कि इन कर्मचारियों को छुट्टी दे तो फिर चुनाव ड्यूटी में लगाएं किसे।

By: Naveen

Published: 03 Jan 2020, 02:57 PM IST

सीकर.

चुनाव ( panchayati raj Rajasthan ) में ड्यूटी कटाने के लिए जिला प्रशासन के पास तरह-तरह के तर्कों के साथ कर्मचारी पहुंच रहे हैं। कोई परिवार में शादी तो कोई बीमारी की वजह से चुनाव ड्यूटी कटाना चाह रहा है। लेकिन जिला प्रशासन की सबसे बड़ी समस्या यह है कि इन कर्मचारियों को छुट्टी दे तो फिर चुनाव ड्यूटी में लगाएं किसे। विधानसभा व लोकसभा चुनाव की तरह पंचायत चुनाव में भी प्रशासन ने अब ड्यूटी कटाने आने वालों पर कार्रवाई करने की तैयारी कर ली है। कार्यावाहक जिला कलक्टर जयप्रकाश ने बताया कि कई कर्मचारी ड्यूटी कटवाने के लिए बिना अनुमति के कार्यालय समय में अपने कार्यालय को छोडकऱ कलक्टे्रट आ जाते हैं।


उन्होंने जिला स्तरीय अधिकारियों एवं विभागीय अधिकारियों को ऐसे अधिकारियों व कार्मिकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए है। अब तक 110 से अधिक प्रार्थना पत्र तो ड्यूटी कटवाने के लिए आ चुके हैं। सूत्रों की मानें तो जिला प्रशासन इन प्रार्थना पत्रों की जांच कर कोई कदम आगे बढ़ाएगा। उन्होंने बताया कि दिव्यांग व महिला कार्मिकों को चुनाव ड्यूटी से पूरी तरह मुक्त रखा है। यदि फिर भी किसी के आदेश जारी हुए है तो वह जिला अधिकारी के जरिए शिकायत दर्ज करा सकते हैं।


अगले चुनाव में बदलेगी तस्वीर
सीकर जिले में महिला कर्मचारियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में अगले चुनाव तक चुनाव ड्यूटी को लेकर पूरी तरह तस्वीर बदल जाएगी। अगले चुनाव में महिला कार्मिकों को चुनाव ड्यूटी में भेजना प्रशासन की भी मजबूरी होगी। प्रदेश में महिला कर्मचारियों की संख्या शेखावाटी में सबसे ज्यादा है।


झूठा पकड़ा तो कार्रवाई
ड्यूटी कटवाने के लिए किसी भी तरह का दवाब डालने व झूठा प्रमाण पत्र पेश करने पर कार्रवाई होगी। कार्यवाहक कलक्टर ने बताया कि चुनाव ड्यूटी के लिए बहानेबाजी करने पर लोक प्रतिनिधि अधिनियम 1951 एवं राजस्थान असैनिक सेवायें (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1958 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।


पहले 07 पर गिरी गाज
पिछले विधानसभा चुनाव में चुनाव प्रशिक्षण व ड्यूटी पर नहीं जाने पर सात कर्मचारियों के खिलाफ प्रशासन ने कार्रवाई की थी। दो कार्मिकों को तत्कालीन निर्वाचन अधिकारी ने एपीओ कर मुख्यालय भेजने के भी आदेश जारी किए थे।


केस 01 साहब...बहुत बीमार हूं चल नहीं सकता
खंडेला इलाके के एक कार्मिक ने जिलास्तरीय अधिकारियों को ड्यूटी कटाने के लिए प्रार्थना पत्र दिया। इसमें बताया कि साहब पिछले दस दिनों से बहुत बीमार हूं इसलिए आगामी चुनाव में ड्यूटी नहीं सकूंगा। प्रार्थना पत्र में कई गंभीर बीमारी होने का भी दावा किया गया है।


केस 02 चुनाव के दौरान परिवार में शादी है...
दांतारामगढ़ इलाके में कार्यरत विद्युत निगम का एक कर्मचारी बुधवार को कलक्ट्रेट में फरियाद लेकर आया। आवेदन में बताया कि जनवरी के आखिरी सप्ताह में परिवार में शादी का कार्यक्रम है। इसलिए वह चुनाव ड्यूटी नहीं कर सकते। शादी का कार्ड लेकर आने को कहा गया है।


बिना अनुमति के कलक्ट्रेट परिसर में चुनाव ड्यूटी कटवाने के लिए आ रहे हैं। ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। किसी अधिकारी-कर्मचारी के किसी तरह की परेशानी है तो वह अपने विभाग के जिला स्तरीय अधिकारी के जरिए आवेदन करें। -जयप्रकाश, कार्यवाहक कलक्टर

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