वाह री राजस्थान पुलिस, ये कैसा रूतबा...15 साल के लापता बच्चे को 15 घंटे लूट के आरोपियों के साथ हवालात में बंद रखा

सीकर. वाह री राजस्थान पुलिस, ये कैसा तेरा रूतबा है। स्टेशन के बाहर लापता मिले 15 साल के मासूम बच्चे को मारपीट व लूट के आरोप में बंद अन्य आरोपियों के साथ हवालात में लाकर बंद कर दिया।

By: Vikram

Published: 19 Mar 2020, 11:22 AM IST

सीकर. वाह री राजस्थान पुलिस, ये कैसा तेरा रूतबा है। स्टेशन के बाहर लापता मिले 15 साल के मासूम बच्चे को मारपीट व लूट के आरोप में बंद अन्य आरोपियों के साथ हवालात में लाकर बंद कर दिया। जो बच्चा पढ़ाई के दबाव में घर से निकल गया उसे 15 घंटे से ज्यादा हवालात में बंद रखा गया। चाइल्ड लाइन को सूचना देना भी मुनासिब नहीं समझा। उसे रात को खाना भी खिलाया, चाय भी पिलाई, दोपहर को भी खाना खिलाया। शाम को चाइल्ड लाइन को सूचना दी गई। इसके बाद बाल कल्याण समिति के पास पेश किया। यहां से बच्चे को शेल्टर होम भिजवाया। दरअसल हुआ ये कि कोतवाली पुलिस को शाम करीब साढ़े आठ बजे एक 15 साल का बच्चा लावारिश अवस्था में घूमता हुआ मिला। पुलिस की टीम उसे थाने लेकर आ गई। नाम-पता पूछने के बाद उसे कुछ देर थाने में ही बैठा कर रखा। रात को हवालात में बंद कर दिया। उसमें 8-10 अन्य आरोपी युवक भी पहले से बंद थे। दोपहर करीब 2.50 बजे लापता बच्चे की सूचना चाइल्ड लाइन को दी गई। इसके बाद बच्चे को शाम 5.30 बजे बाल कल्याण समिति के सदस्य गजेंद्र सिंह के समक्ष पेश किया गया। काउंसलिंग के बाद परिजनों को सूचना दी गई। बाद में उसे शेल्टर होम भिजवा दिया।

बच्चा बोला-लंबे मोटे सरियों वाले कमरे में बंद रखा

बच्चे ने बताया कि पुलिस ने लंबे-मोटे सरियों वाले कमरे में बंद कर दिया था। वह रात को कमरे में सो गया। कमरे में 8-10 लडक़े भी थे। वह सातवीं कक्षा में गांव के ही स्कूल में पढ़ता है। पिछले पांच दिनों से जगह-जगह भटक रहा है। कभी स्टेशन पर तो कभी ट्रेन में ही सो जाता था। वह 12 मार्च को दौसा स्थित घर से निकल गया था। दौसा से ट्रेन में बैठ कर जयपुर आ गया। जयपुर में स्टेशन पर रूका। ट्रेन में बैठकर झुंझुनूं आ पहुंचा। झुंझुनूं में स्टेशन पर ही सो गया। भूखा प्यासा दिन में ही घूमता रहा। ट्रेन में बैठ कर सीकर आ गया। स्टेशन के बाहर रात को पुलिस ने उसे पकड़ लिया।

शराब के नशे में पिता पढऩे के लिए डांटते

बच्चे ने काउंसलिंग में बताया कि उसे पिता भारतीय सेना में थे। सेवानिवृति लेने के बाद होमगार्ड में नौकरी करते है। उसके पिता का सपना है कि वह फौज में भर्ती होकर देश की रक्षा करें। वह तीन भाई-बहन है। बड़ी बहन की शादी हो चुकी है। वह सातवीं कक्षा में पढ़ता है। पढऩे में सामान्य है। उसके पिता अक्सर घर पर शराब पीकर आते है। उसे पढऩे के लिए डांटते है। पांच दिन पहले भी वह शराब पीकर घर आए। उसे डांटने लगे। नाराज होकर घर से चला गया।


नियम : पुलिस बच्चे को हवालात में बंद नहीं रख सकती अगर किसी बच्चे ने कोई गंभीर अपराध भी कर दिया है तो उसे बाल न्यायालय में पेश किया जाता है। उसे सुधार गृह में रखा जाता है। अगर कोई लापता बच्चा पुलिस को मिलता है तो उसकी तुरंत सूचना चाइल्ड लाइन को देना आवश्यक है। बच्चे को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया जाता है। समिति बच्चे की काउंसलिंग के बाद परिजनों को सूचना देती है।

काउंसलिंग में बच्चे ने हवालात में अन्य आरोपियों के साथ मोटे सरियों वाले कमरे में बंद रखने की बात कहीं है। हालांकि बच्चे को धमकाया या डऱाया नहीं गया। - गजेंद्र सिंह चारण, बाल कल्याण समिति सदस्य

Vikram Reporting
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