बिग मार्ट की फ्रेंचाइजी के नाम पर ठगी करने वालों के पास मिला सोने का भंडार, पुलिस ने किया बरामद

राजस्थान के सीकर जिले में बिग मार्ट की फ्रेंचाइजी देने के नाम पर ठगी करने वाले आरोपी ठगी की रकम को बढ़ाने के लिए सोने में इन्वेस्ट करते थे।

By: Sachin

Published: 21 Sep 2020, 12:41 PM IST

सीकर. राजस्थान के सीकर जिले में बिग मार्ट की फ्रेंचाइजी देने के नाम पर ठगी करने वाले आरोपी ठगी की रकम को बढ़ाने के लिए सोने में इन्वेस्ट करते थे। नोएड़ा पुलिस ने इनके पास से साढ़े तीन किलो सोना बरामद किया था। शातिर ठगों ने 2019 में डीबीएस रिटेल प्रा.लि. कंपनी खोली थी। तब से गिरोह के लोग सोने में इन्वेस्ट करने लगे। तब सोने के दाम 35 हजार रुपए प्रति 10 ग्राम थे। अब सोने के दाम करीब 53 हजार रुपए के करीब है। ऐसे में ठगी के रुपयों को सोने में इंवेस्ट करने लग गए थे। डेढ़ साल पहले खरीदा गया सोना डेढ़ गुणा कीमत बढ़ चुका है। इसके अलावा गैंग के लोग प्रोपर्टी में इंवेस्ट करते थे। इनके पास से दो प्रोपर्टी के दस्तावेज भी बरामद हुए है। एएसआइ हिदायत अली ने बताया कि नेहा चौहान निवासी गाजियाबाद उत्तरप्रदेश व विजय शेखावत निवासी गंगानगर हाल गौतमबुद्ध नगर को गौतम बुद्धनगर से प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया था। दोनों को पूछताछ के बाद कोर्ट में पेश किया गया। जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया है। उन्होंने बताया कि नोएड़ा पुलिस ठगों से पहले से साढ़े तीन किलो सोना, प्रोपर्टी के दस्तावेज व नकद रुपए बरामद कर चुकी है। कंपनी में डायरेक्टर विजय शेखावत, गिरीश गांधी, प्रशांत कुमार, संदीप शर्मा, विशाल, अमित, रिंसी, संजय सतपथी, हरीश कुमार शर्मा, शिवराज सिंह चौहान शामिल है। ठगी के अन्य लोग कई अलग-अलग जेलों में बंद है। उन्हें भी प्रोडक्शन वारंट पर लाकर पूछताछ की जाएगी।

कंपनी के बैंक खाते किए गए सीज

एएसआइ हिदायत अली ने बताया कि कंपनी का मुख्यालय कोलकाता में बनाया गया। बाद में गुरुग्राम में शिफ्ट कर दिया गया। पुलिस ने कंपनी के सारे बैंक खातों को सीज कर दिया है। देशभर में ठगों ने 150 से अधिक लोगों को फ्रेंचाइजी के नाम पर करोड़ों रुपए की चपत लगा दी। इन्होंने उत्तरप्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, गुजरात, महाराष्ट्र के अलावा राजस्थान में बीकानेर, सीकर सहित कई जिलों में 150 से अधिक लोगों के साथ ठगी की गई। ये हाईप्रोफाइल बनकर कर लोगों को टारगेट बनाते थे। उन्हें मार्ट में इंवेस्ट का लालच देकर जल्द रुपए कमाने का झांसा देते थे।


यह था मामला

चिन्मय शर्मा ने मुकदमा दर्ज कराया था कि 22 अप्रैल 2019 को डीबीएस रिटेल प्रा.लि. के साथ अंबेडकर नगर गेट के पास सुपर मार्ट खोलने के लिए 27 लाख रुपए में करार किया था। कंपनी ने 23 लाख का एक प्रतिशत मिनिमम गारंटी इनकम व 50 रुपए प्रति स्कॉयर फीट के हिसाब से किराया व महीने की कुल बिक्री का 10 प्रतिशत मालिक भुगतान, पांच साल करार पूरा होने पर 23 लाख रुपए का रिफंड देने का करार हुआ था। कंपनी ने फरवरी के बाद से कोई भुगतान नहीं किया। 22 मार्च को कंपनी ने मार्ट का संचालन भी बंद कर दिया। उन्होंने मार्ट को 20 हजार रुपए महीने के किराए पर लिया था। पीडि़त ने बैंक से लोन लेकर ठगों के पास रुपए जमा करवाए थे। उनकी लोन की 42932 रुपए की किश्त जाती है।

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