24 घंटे में कोरोना से तीन की मौत, अगला सप्ताह खतरनाक

राजस्थान के सीकर जिले में कोरोना का खतरा लगातार बड़ा होता जा रहा है। कोरोना संक्रमण के स्ट्रेन बदलने के कारण पिछले 24 घंटे के दौरान तीन लोगों ने दम तोड़ दिया।

By: Sachin

Updated: 20 Nov 2020, 01:49 PM IST

सीकर. राजस्थान के सीकर जिले में कोरोना का खतरा लगातार बड़ा होता जा रहा है। कोरोना संक्रमण के स्ट्रेन बदलने के कारण पिछले 24 घंटे के दौरान तीन लोगों ने दम तोड़ दिया। वहीं गुरुवार को जिले में 88 नए कोरोना पॉजिटिव मिले। जिनमें सीकर शहर में 39, फतेहपुर ब्लॉक में 9, खण्डेला ब्लाक में 7, कूदन ब्लॉक में 1, लक्ष्मणगढ ब्लॉक में 9, पिपराली ब्लाक में 4, श्रीमाधोपुर क्षेत्र में 12 और दांता ब्लॉक में 7 नए कोरोना पाजिटिव है। संक्रमितों में कल्याण अस्तपाल के एक चिकित्सक, मिर्जवास के चिकित्सक और जीएनएमटीसी के एक शख्स की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। वहीं शहर में पिता व दो पुत्र की रिपोर्ट संक्रमित मिली। लक्षणों के आधार पर मरीजों को होम आइसोलेशन या कोविड सेंटर भेजा गया। 85 शख्स ठीक हुए। 1580 मरीजों का उपचार चल रहा है।


पॉजिटिव चिकित्सकों पर नजर नहीं
कोरोना संक्रमण की चपेट में आने वाले चिकित्सकों के होम आइसोलेशन में होने के बावजूद निगरानी की कमजोर व्यवस्था है। कई पॉजिटिव चिकित्सक केवल एक शील्ड की आड में मरीजों का उपचार कर रहे हैं। यही कारण है कि एक बार पॉजिटिव हो चुके दोबारा पॉजिटिव हो गए। इसके अलावा कोरोना संक्रमितों की मौत होने के बावजूद विभाग की ओर से इनकी एंट्री नहीं दिखाने के कारण भी सवालिया निशान लग रहे हैं। गुरुवार को हुई तीन मौत के बाद आंकड़ा 65 तक पहुंच गया है। निजी चिकित्सक के अनुसार स्थिति भयावह हो रही है लेकिन जब आंकडों में रिकवरी रेट गिरती है तो अगले दिन ही डिस्चार्ज मरीजों की संख्या बढ़ जाती है।


अगला सप्ताह हो सकता है घातक
चिकित्सकों के अनुसार शहर में दीपावली और रामा-श्यामा पर पर जिस तरह की लोगो ने लापरवाही बरती है उस लिहाज से सीकर में भी दिल्ली व अन्य शहरों में नए संक्रमित मिलने का सिलसिला बढ़ सकता है। त्योहार पर लोगों का सोशल डिस्टेंसिंग नहीं अपनाने का असर अधिकतम 10 दिन में सामने आ जाएगा। कारण कोरोना संक्रमित बिना चिकित्सकीय सलाह के अधिकतम 5 से 7 दिन तक ही रह सकता है, संक्रमण के असर पर तकलीफ बढ़ेगी उस स्थिति में उसे इलाज के लिए चिकित्सक के पास जाना ही होगा। बाहर से आए और दूसरे शहर से होकर आए लोगों ने अगर दूसरों को संक्रमित किया है तो इसकी जानकारी परिवार या करीबी के बीमार होने से पता चल जाएगी। हालांकि सर्दी बढऩे से निमोनिया के मरीज बढ़ेंगे ऐसे में शुरूआत होते ही चिकित्सकीय सलाह से इलाज जरूरी है। इस समय में यदि कोरोना संक्रमण भी तेज हुआ तो परेशानी बढ़ सकती है।

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