अनदेखी से खंडहर बना 95 लाख का अरबन हाट बाजार

अनदेखी से खंडहर बना 95 लाख का अरबन हाट बाजार

Puran Singh Shekhawat | Updated: 08 Aug 2019, 05:35:22 PM (IST) Sikar, Sikar, Rajasthan, India

सीकर जिले का एकमात्र हाट बाजार, बननी थी 33 दुकान व कैफेटेरिया, प्रदर्शनी हॉल

प्रोजेक्ट की लागत बढ़ी, तीन करोड़ रुपए प्रस्तावित है हाट बाजार के लिए

सीकर. सरकार भले ही उद्योगों के सरंक्षण के लिए दावा करे लेकिन सीकर जिले का एकमात्र अरबन हाट बाजार केन्द्र और राज्य सरकार की उपेक्षा के कारण खंडहर में तब्दील हो चुका है। बरसों से ध्यान नहीं देने के कारण मुख्य मार्ग की सडक़ पर प्रस्तावित इस भवन में झाड झंकाड़ उग गए हैं। जिससे लघु व्यापारियों का लाभ कमाने का सपना धूमिल होता जा रहा है। राज्य सरकार की ओर से दिए गए 95 लाख रुपए से हुए अधूरे निर्माण के कारण अब प्रोजेक्ट की लागत बढ़ गई है। गौरतलब है कि पिछली कांग्रेस सरकार ने प्रदेश में दो स्थानों अरबन हाट बाजार खोलने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। जिसमें सीकर व अलवर जिले को शामिल किया गया। सीकर में हाट बाजार निर्माण के तीन करोड़ के बजट को स्वीकृति प्रदान की गई। जिसमें 30 फीसदी अनुदान राशि राज्य सरकार व 70 फीसदी अनुदान राशि केंद्र सरकार को देनी थी।

 

यह है प्रोजेक्ट

प्रोजेक्ट के लिए जयपुर रोड पर 10 हजार 320 वर्ग मीटर जमीन का आवंटन किया गया। इसमें कैफैटेरिया, सांस्कृतिक कार्यक्रम परिसर, प्रशासनिक ब्लॉक, 33 दुकान, दो मंजिला भवन जिसमें प्रदर्शनी हॉल व ठहरने की व्यवस्था हो का निर्माण होना था। वर्ष 2011-12 शुरू हुए इस प्रोजेक्ट के तहत केन्द्र को लागत का 70 व राज्य को 30 प्रतिशत खर्च देना था। राज्य सरकार ने अपना भाग देकर प्रोजेक्ट को शुरू करवा दिया लेकिन केन्द्र सरकार ने अपना हिस्सा नहीं दिया।

यह है कारण

जयपुर रोड पर राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान की ओर से अरबन हाट बाजार के लिए से पंाच हजार गज जमीन दी गई। तत्कालीन राज्य सरकार ने निर्माण के लिए 90 लाख रुपए स्वीकृत भी कर दिए। इस राशि से आवास विकास इंस्फ्रास्ट्रक्चर ने आधा अधूरा निर्माण भी कर दिया। लेकिन केंद्र सरकार की ओर से शेष राशि (2.10 करोड़ रुपए) भुगतान नहीं किए जाने से निर्माण कार्य अधूरा रह गया।

 

यह था उद्देश्य

शेखावाटी में लघु उद्योग का व्यापार बहुतायत में होता है। अरबन हाट बाजार खुलने से हैंडीक्राफ्ट, मनिहारी, मूर्तिकला व चर्म इकाई के लघु व्यापारियों को यहां व्यापार करने का मौका मिलता। हाट बाजार में कारोबार करने के लिए उन्हें एक समय सीमा के लिहाज से तय राशि जमा करवानी पड़ती। कम लागत में अच्छा मुनाफा कमाने का मौका मिलता।

इनका कहना है

बरसों से बंद हाट बाजार को कब्जा अब जिला उद्योग केन्द्र को अब मिला है। इस संबंध में आयुक्त से चर्चा की जाएगी।

धर्मेन्द्र शर्मा, महाप्रबंधक जिला उद्योग केन्द्र सीकर

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