लॉकडाउन में लोन की किश्त नहीं देने पर गई युवक की जान

राजस्थान के सीकर जिले में लॉकडाउन एक युवक के लिए जान लेवा बन गया। युवक लॉकडाउन की मंदी की वजह से लोन की किश्त जमा नहीं करवा पा रहा था।

By: Sachin

Published: 01 Aug 2020, 11:09 AM IST

(A man lost his life for not paying loan installment in lockdown) सीकर. राजस्थान के सीकर जिले में लॉकडाउन एक युवक के लिए जान लेवा बन गया। युवक लॉकडाउन की मंदी की वजह से लोन की किश्त जमा नहीं करवा पा रहा था। जबकि फाइनेंसर उस पर किश्त जमा कराने का लगातार दबाव बना रहा था। लगातार बढ़ रहे दबाव को वह सह नहीं सका और उसने आखिरकार मौत को गले लगा लिया। उसने कमरे में ही पंखे के कुंडे पर फंदा लगाया और कर्ज की जगह जीवन से ही मुक्ति पाली। घटना लक्ष्मणगढ़ की है। जहां मृतक के भाई लालचंद पुत्र भगवानाराम निवासी बीदासर बलारा ने उद्योगनगर थाने में फाइनेंसरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।

यह है मामला
जानकारी के मुताबिक महेश पुत्र भगवानाराम पिछले 10 साल से सीकर में हॉस्टल पर काम करता है। महेश के रिश्तेदार नितेश ने बताया कि वह गांव से गुरुवार सुबह आया था। महेश ने शाम को करीब 4 बजे घर पर फोन किया था। परिजन किसी कार्य में व्यस्त होने के कारण फोन नहीं उठा सके। महेश की मिस कॉल देखकर करीब 30 मिनट के बाद परिजनों ने वापस फोन किए। कई बार फोन करने पर भी उसने जवाब नहीं दिया। परिजन उसे गुरुवार देर रात तक फोन करते रहे। कुछ संदेह होने पर परिजन रात को 10 बजे गांव से सीकर आ गए। बाहर मकान का ताला लगा हुआ था। खिड़की खुली हुई थी। तब वे मकान में अंदर चले गए। एक कमरा उन्हें अंदर से बंद मिला। उन्होंने कमरे की खिड़की को खोल कर देखा तो महेश फंदे से लटका हुआ मिला। उन्होंने उद्योगनगर पुलिस को घटना की सूचना दी। पुलिस ने शव को उतारकर अस्पताल भिजवा दिया। इसके बाद पोस्टमार्टम करवा कर परिजनों को सौंप दिया।

प्लॉट के लिए ले रखा था लोन
बताया जा रहा है कि महेश ने प्लॉट के लिए लोन ले रखा था। लॉकडाउन में मंदी की वजह से वह उसकी किश्त नहीं चुका पा रहा था। जबकि किश्त चुकाने के लिए उस पर दबाव बनाया जा रहा था। इसी के चलते उसने मौत को गले लगा लिया।

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