10 साल बाद भी विवि धरातल पर नहीं आया

खुद के भवन को तरस रहा पंडित दीनदयाल उपाध्याय शेखावाटी विवि, स्टाफ भी पूरा नही

By: Vinod Chauhan

Published: 20 Jul 2018, 05:55 PM IST

सीकर. झुंझुनूं व सीकर के विद्यार्थियों के लिए करीब दस वर्ष पहले जिस विवि की घोषणा की गई थी वह आज भी पूरी तरह से धरातल पर नहीं आया है। इसके पीछे राजनीतिक इच्छा शक्ति व बजट की कमी प्रमुख कारण माने जा रहे हैं। हालत यह हैं कि ना तो विवि के पास खुद का भवन है ना ही खुद का स्टाफ। भवन व जुगाड़ के स्टाफ से ही कार्य चलाया जा रहा है। दस वर्ष में पंडित दीनदयाल उपाध्याय शेखावाटी विश्व विद्यालय के पास दस तो दूर एक कमरा भी खुद का नसीब नहीं हुआ। लंबे संघर्ष के दौरान विद्यार्थियों ने जो सपने देखे थे वे अभी भी साकार नहीं हो रहे।

जानिए कब क्या हुआ

- विवि खोलने की घोषणा 2008 में हुई।
- घोषणा कागजों से बाहर नहीं आई।
- इसके बाद सीकर व झुंझुनूं में वर्ष 2010 से 12 तक जोरदार विरोध प्रदर्शन हुआ।
- 24 अगस्त 2012 को शेखावाटी विवि का गजट नोटिफिकेशन जारी हुआ।
- 17 मई 2012 को कटराथल में जमीन का आवंटन।
- 22 जून 2013 को कुलपति की नियुक्ति।
- पहली कुलपति डॉ विमलेश चौधरी रही।
- बोम का गठन 10 मई को हुआ।
- चार जून 2014 को बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट की पहली बैठक।
- एक अप्रेल 2015 को क्षेत्राधिकार का नोटिफिकेशन जारी।
- घोषणा के समय इसका नाम शेखावाटी विवि रखा गया। लेकिन प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद 2014 में इसे बदल कर पंडित दीनदयाल उपाध्याय शेखावाटी विवि कर दिया गया।

विवाद भी छाए

- चारदीवारी के निर्माण कार्य के भुगतान को लेकर भी विवाद हुआ। कटराथल स्थित जमीन पर चार दीवारी के निर्माण कार्य में इंडियन रोड कांग्रेस के नियमों के मुताबिक स्टेट हाइवे से 40 मीटर दूर होना चाहिए।
- ऑडिट रिपोर्ट में बताया कि जितनी राशि खर्च की गई उसके मुताबिक कार्य नहीं हुए।
- तत्कालीन कुलपति के वाहन की लॉक बुक में दूरी बढ़ाकर भुगतान में करने की शिकायत चर्चा का विषय बनी। कुलपति की सरकारी गाड़ी से सीकर-जयपुर और लक्ष्मणगढ़ स्थित मोदी विवि जाने की बात सामने आई।
- संबद्धता को लेकर खूब विवाद हुआ। मामला हाइकोर्ट तक भी पहुंचा।

वर्तमान हाल

श्रीकल्याण राजकीय बालिका महाविद्यालय के पीछे कुछ कमरों में विवि चल रहा है। कटराथल में भी भवन का निर्माण चल रहा है। इसका शिलान्यास उच्च शिक्षा मंत्री किरण माहेश्वरी ने किया था। शिलान्यास के बाद इसकी शिलान्यास पट्टिका को कोई उखाड़ ले गया। भवन में सबसे पहले एडम ब्लॉक बन रहा है। इसके बेसमेंट का अधिकतर कार्य पूरा हो गया है। कार्य 5 फरवरी 2018 को शुरू हुआ। पूर्ण करणी की तिथि 4 दिसम्बर 2018 तय की गई है। इसके बाद अन्य भवनों का निर्माण होगा। वर्तमान कुलपित प्रो बीएएल शर्मा भवन कार्य का नियमित निरीक्षण कर इसे समय पर शुरू करवाना चाह रहे हैं।


जुगाड़ का स्टाफ


विवि के लिए कुल 53 स्वीकृत पद हैं। इनमें से अशैक्षिणिक के 23 पदों पर भर्ती की अनुमति मिली हुई है। इसके चलते रजिस्ट्रार, डिप्टी रजिस्ट्रार, परीक्षा नियंत्रक, दो सहायक कुलसचिव, सहायक लेखा अधिकारी द्वितीय, विधि अधिकारी, एक निजी सहायक, दो अनुभाग अधिकारी, बाबू, एलडिसी व यूडीसी सहित कई महत्वपूर्ण पद भी खाली चल रहे है। यहां जुगाड़ के कर्मचारियों/ अधिकारियों से काम चलाया जा रहा है।


इनका कहना है


दस साल पहले विवि के लिए जो सपना देखा था वह अभी तक पूरा नहीं हुआ है। सरकार यदि समय पर बजट देती तो अब तक विवि का भवन बनकर तैयार हो जाता। अब जल्द से जल्द भवन बनना चाहिए। स्टाफ की भी नियुक्ति होनी चाहिए।
महेश पालीवाल, छात्र नेता, सीकर


एडम ब्लॉक के बेसमेंट का अधिकांश कार्य पूरा हो चुका। शेष भी तेजी से चल रहा है। निर्माण के लिए 12 करोड़ रुपए की मंजूरी मिली है। इसकी दो किश्त मिल चुकी है।
अशोक महला, मीडिया प्रभारी , पंडित दीनदयाल उपाध्याय शेखावाटी विवि, सीकर

Vinod Chauhan
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