आनंदपाल का जानी दुश्मन रहा गैंगस्टर राजू ठेहट बरी, 13 साल पुराने मुकदमे में मिला संदेह का लाभ

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By: nakul

Published: 15 Nov 2018, 08:37 AM IST

सीकर।

शेखावाटी के दो बड़े गैंगस्टर राजू ठेहट और उसके गुर्गे मोहन मांडोता को न्यायालय ने 13 साल पुराने मुकदमे में बुधवार को बरी कर दिया। मामला 2005 का है। इन दोनों गैंगस्टर पर एक घर में घुसकर हमला करने और हत्या का प्रयास करने सहित लूटपाट का मामला दर्ज हुआ था। कोर्ट ने दोनों को संदेह का लाभ देकर बरी किया है। हालांकि कोर्ट ने भले ही दोनों को इस मामले में बरी किया है लेकिन, फिलहाल इनके जेल से बाहर आने संभावना कम है। क्योंकि इनके खिलाफ पहले से ही एक मामले में आजीवन कारावास की सजा हो चुकी है।

 

आनंदपाल गैंग का जानी दुश्मन और सीकर के गैंगस्टर राजू ठेहट को पिछले दिनों ही विजयपाल हत्याकांड में आजीवन कारवास की सजा सुनाई गई थी। सीकर की एडीजे कोर्ट संख्या चार ने राजू ठेहट के साथ ही उसके गुर्गे मोहन माडोता को भी आजीवन कारावास की सजा के साथ 50 हजार के जुर्माने से दंडित किया था।

 

ये था मामला
इन दोनों ने साल 2005 में रानोली में विजय पाल और भंवर लाल के साथ जमकर मारपीट की थी। जिसमें विजयपाल की मौत हो गई थी। जबकि भंवर लाल गंभीर रूप से घायल हो गया था। घटना के बाद दोनों फरार हो गए थे। जिन्हें एटीएस ने झारखंड से गिरफ्तार किया था। अपर लोक अभियोजक रमेश पारीक के अनुसार इसके बाद से यह मामला एडीजे संख्या 4 में चल रहा था। जिस पर एडीजे सुरेंद्र पुरोहित ने दोनों को यह सजा सुनाई।

 

गौरतलब है कि राजू ठेहट सीकर के ठेहट गांव का रहने वाला है। जो एनकाउंटर में मारे गए गैंगस्टर आनंदपाल का सबसे बड़ा दुश्मन रहा है। राजू ठेहट पर सीकर, अलवर और नागौर जिले में हत्या और लूट के ढाई दर्जन से भी ज्यादा मामले दर्ज हैं।

 

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