आनंदपाल पाल गैंग का इनामी हार्डकोर बदमाश पवन बानूड़ा अरेस्ट, पुलिस कर रही थी सरगर्मी से तलाश

आनंदपाल पाल गैंग का इनामी हार्डकोर बदमाश पवन बानूड़ा अरेस्ट, पुलिस कर रही थी सरगर्मी से तलाश

Nakul Devarshi | Updated: 12 Aug 2019, 11:50:26 AM (IST) Sikar, Sikar, Rajasthan, India

सीकर पुलिस ( Rajasthan Sikar Police ) ने आनंदपाल गैंग ( Anandpal Gang ) के मुख्य सदस्य पवन बानूड़ा ( Pawan Banuda ) को गिरफ्त में लेने में कामयाबी हासिल की है। हत्थे चढ़ा पवन अपराधी बलबीर बानूड़ा ( Balbeer Banuda ) का भतीजे भी है।

सीकर।

राजस्थान की सीकर पुलिस ( Rajasthan sikar police ) को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने आनंदपाल गैंग ( Anandpal Gang ) के मुख्य सदस्य पवन बानूड़ा ( Pawan Banuda ) को गिरफ्त में लेने में कामयाबी हासिल की है। हत्थे चढ़ा पवन अपराधी बलबीर बानूड़ा ( balbeer banuda ) का भतीजे भी है। पुलिस ने उसे हर्ष पहाड़ी के तिराहे से गिरफ्तार किया है।


घोषित का 5 हज़ार का इनाम
पुलिस के मुताबिक़ पवन बानूड़ा बाइपास पर मनोज ओला, रानोली में ओमा ठेहट, बीजू रानोली पर फायरिंग और बकरा मंडी के व्यापारी से 45 लाख रुपए की लूट में मास्टरमाइंड था। उस पर 5 हजार रुपए का इनाम घोषित था।


ऐसे बनाई थी गैंग
एसपी डॉ.गगनदीप सिंगला ने बताया कि पवन बानूड़ा उर्फ पदमनाथ खीचड़ पुत्र हरदेवाराम जाट निवासी बानूड़ा को हर्ष तिराहे से गिरफ्तार किया है। बीकानेर जेल में बलबीर बानूड़ा की मौत का बदला लेने के लिए उसके बेटे सुभाष बानूड़ा ने चचेरे भाई पवन के साथ राजू ठेहट के भाई ओमा ठेहट और मनोज ओला को मारने के लिए मिलकर गैंग बनाई।

 

पवन व सुभाष 9 अगस्त 2018 को आरके मेगा ट्रेड दुकान पर बैठे मनोज ओला पर फायरिंग कर फरार हो गए। 7 नवम्बर 2018 को बीजू रानोली को मारने के लिए फायरिंग की। 13 दिसम्बर को कोछोर से रानोली जाने वाले रास्ते की ओर ओमा ठेहट पर फायरिंग की। इसके अलावा जयपुर के सरुंड थाना इलाके में भी बकरा मंडी व्यापारी से 45 लाख रुपए की लूट की योजना में शामिल था। इसके खिलाफ सीकर के थानों में 7 मुकदमे दर्ज हैं।


आनंदपाल के भाई के पास मिले थे फोन
गौरतलब है कि इसी महीने पुलिस ने उदयपुर केन्द्रीय कारागृह में छापा मारकर अलग-अलग बैरक में कैदियों से 14 मोबाइल बरामद किए थे। इनमें हाई सिक्यूरिटी वार्ड में बंद कुख्यात अपराधी रहे आनंदपाल के भाई रुपेन्द्रपाल उर्फ विक्की के पास एंड्रॉयड मोबाइल मिला था। विक्की व अन्य कैदी इन मोबाइल से किन-किन लोगों से बातचीत कर रहे थे, पुलिस उनकी तफ्तीश कर रही थी।


पुलिस ने बताया था कि जेल में बंद कैदियों द्वारा बाहरी लोगों को धमकाने व कॉल करने की शिकायतें मिल रही थीं। इसपर 250 पुलिसकर्मियों की टीम ने जेल में आकस्मिक छापा मारा। अलग-अलग बैरक में उन्हें 14 मोबाइल मिले थे। इनमें सर्वाधिक छह मोबाइल मैस में आटा व शक्कर के कट्टों में रखे थे। अन्य मोबाइल बैग, बिस्तर के अलावा कैदियों ने दीवारों व फर्श पर गड्डे खोद इन्हें छिपा रखे थे।


पुलिस ने चार्जर, ईयर फोन भी बरामद किए। हाइसिक्यूरिटी वार्ड में विक्की की तलाशी में एंड्रॉयड मोबाइल मिला। इस मोबाइल से वह लगातार बाहरी लोगों से बातचीत के अलावा मैसेज कर रहा था।

 

जेल से संचालित हो रही थी कोई गैंग?

हार्डकोर अपराधी रूपेन्द्रपाल सिंह उर्फ विक्की से एंड्रायड मोबाइल मिलने से संभवत: गैंग संचालित कर रहा था। पुलिस की टीम ने वार्ड में बंद समस्त हार्डकोर अपराधियों की तलाशी ली तो उन्हें विक्की के पास मोबाइल मिल गया।


पुलिस इस मोबाइल की कॉल डिटेल व उससे सोशल मीडिया पर भेजे गए संदेशों की सूची निकलवाई जा रही है। पुलिस ने जिन कैदियों के पास व्यक्तिगत सामान एवं मोबाइल मिले हैं, उन्हें नामजद किया है। सभी के विरुद्ध पुलिस मामला दर्ज करेगी। कॉल डिटेल में कोई नई बात आएगी तो नया मामला दर्ज किया जाएगा।

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned