scriptAt the age of 11, tiranga was hoisted at 2200 martyrs' memorials | VIDEO: 11 साल की उम्र में 2200 शहीद स्मारकों पर फहराया तिरंगा, अयोध्या राममंदिर के लिए भी भेंट की शहीद के घर की मिट्टी | Patrika News

VIDEO: 11 साल की उम्र में 2200 शहीद स्मारकों पर फहराया तिरंगा, अयोध्या राममंदिर के लिए भी भेंट की शहीद के घर की मिट्टी

शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले, वतन पर मर मिटने वालों का बाकी यहीं निशां होगा..

सीकर

Updated: May 27, 2022 02:45:19 pm

सीकर/ खाटूश्यामजी. शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले, वतन पर मर मिटने वालों का बाकी यहीं निशां होगा...। जब कभी शहीदों की बात होती है तो हर मन देश भक्ति की भावना से भर उनके जज्बे सलाम करने लगता है। लेकिन , आज आपको 11 साल के उस बच्चे से मिलवाते हैं जिसका शहीदों के जज्बे के प्रति भी ऐसा जज्बा है कि हर को उसे भी सलाम कर रहा है। यह शख्श है आगरा के गांव खंदौली का देव पारासर। जो महज 7 साल की उम्र में ही फौजी की पोशाक पहन और हाथ में तिरंगा झंडा लिए देश के शहीदों को नमन करने के लिए 11000 शहीदों और उनके परिवार के सम्मान का संकल्प लेकर देश की यात्रा पर निकल पड़ा। 4 साल की अब तक की यात्रा में वह 2200 शहीद स्मारकों पर श्रद्धांजलि अर्पित कर शहीद परिजनों से मिलकर तिरंगा भेंट कर चुका है। इसी यात्रा के सिलसिले में सीकर आए देव ने खाटूश्यामजी दरबार में भी पिता सतीश पारासर के साथ धोक लगाई। इस दौरान पत्रिका संवाददाता प्रमोद स्वामी से मुलाकात में देव का कहता थान कि 'मुझे देश के हर एक सैनिक और शहीद का सम्मान चाहिए और कुछ नहीं'।

11 साल की उम्र में 2200 शहीद स्मारकों पर फहराया तिरंगा, अयोध्या राममंदिर के लिए भी भेंट की शहीद के घर की मिट्टी
11 साल की उम्र में 2200 शहीद स्मारकों पर फहराया तिरंगा, अयोध्या राममंदिर के लिए भी भेंट की शहीद के घर की मिट्टी

कैलिफोर्निया के बच्चे को देख लिया यात्रा का संकल्प

देव ने बताया कि 2 जुलाई 2018 वह घर पर टीवी देख रहा था। इसी दौरान कैलिफोर्निया में एक बच्चे द्वारा 10 हजार शहीद स्मारकों पर झंडा लगाने की खबर देखी। जिसे अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सम्मानित किया था। इसी खबर ने उसे देश के शहीदों के सम्मान में तिरंगा यात्रा की प्रेरणा दी। जिसके बाद सैनिक वर्दी पहन हाथ में तिरंगा लेकर उसने पिता के साथ यात्रा शुरू कर दी।

4 साल में 6 राज्यों के 2200 शहीदों को दी श्रद्धाजंलि
देव 4 साल में महाराष्ट्र, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, यूपी व एमपी के अनेक श्रद्धांजलि अर्पित कर चुका है। जिसमें शेखावाटी में सीकर जिले के लांपुवा में शहीद महेश कुमार मीणा, पलसाना में शहीद सीताराम कुमावत, खंडेला के रलावता गांव के शहीद सुभाष चंद्र व कोलीड़ा गांव के शहीद भागीरथमल व केशरदेव, जेठड़ी गांव के शहीद भंवरलाल चाहर, जोठड़ी गांव के शहीद हरि सिंह काजला, कटराथल के शहीद नौरंगलाल नेहरा, सीकर के शहीद बनवारीलाल बगडिय़ा, पलथाना के शहीद सुरेन्द्र कुमार, थोरासी के शहीद रामचंद्र भास्कर, कूदन के शहीद मेजर सुरेन्द्र बढासरा, झुंझुनू जिले के गांव पोसाना (उदयपुरवाटी) के शहीद धर्मपाल सिंह, शहीद जोधाराम महला, शहीद बोहितराम ठेवा, शहीद बालाराम, शहीद सेडूराम मेचू, रघुनाथपुरा गांव के करगिल शहीद शंकर सिंह, सीथल गांव के शहीद मनीराम। चुरू जिले के भुखरेड़ी के शहीद मुकेश भास्कर, छाबड़ी कुसुमदेसर के शहीद मूलचंद न्योल, रतनगढ़ के किशन सिंह भींचरी के स्मारम स्थल पर पहुंच सोल्जर बॉय देव ने तिरंगे सहित श्रद्धांजलि अर्पित की।

हादसा भी नहीं डिगा पाया हौंसला
देव के पिता सतीश ने बताया कि 4 साल की यात्रा में अब तक 6 लाख रूपए से भी अधिक खर्च हो चुके है। उन्होंने बताया कि खंदौली में उनका निजी शिक्षण संस्थान है। विद्यालय की कुछ बचत और कोचिंग करवाकर वे यात्रा के रुपयों का प्रबंध करते हैं। यात्रा के दौरान विद्यालय व घर की देखरेख उनकी पत्नी नीरू व मां प्रेम करती है। उन्होंने बताया कि देव के अलावा दो बेटियां अनामिका (16) व कनिष्का (12) है।

दुर्घटना भी नहीं डिगा पाई यात्रा
देव ने बताया कि वर्ष 2018 में यात्रा शुरू करने के तीन माह बाद जब हम शहीद के स्मारक स्थल पर जा रहे थे, तब हरियाणा के सोनीपत के पास हमारी कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। लेकिन गनीमत से किसी को चोट नहीं आई। हादसे के बाद भी वे संकल्प पूरा करने से पीछे नहीं हटे।

कोरोनाकाल में 7 दिन किया हवन- पूजन, राममंदिर के लिए शहीद घर की मिट्टी

देव ने बताया कि कोरोनकाल सबके लिए संकट व सबब वाला समय था। उस दौर में मैंने विद्यालय के सामने जीर्णशीर्ण पड़े शिवालय का पापा को कह जीर्णोद्धार करवाकर पूरे परिवार ने समूचे जगत से कोरोना के खात्में को लेकर 7 दिन तक हवन-पूजन किया। बकौल देव वह अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए भी 15 शहीदों के घरों की मिट्टी भेंट कर चुका है।

आर्मी में डॉक्टर बन सैनिकों की सेवा करना सपना
देव ने बताया कि उसने अभी 7 वीं की परीक्षा दी है। उसका सपना आर्मी में डॉक्टर बनने का है। जिसके जरिए वह देश के सैनिकों की सेवा कर सके । शिक्षा में कोई बाधा नहीं आए इसलिए यात्रा के दौरान पाठ्य पुस्तके अपने साथ ले जाता है। जिनकों यात्रा के दौरान पढता है। उसने बताया कि छुट्टियों के समय यात्रा पर निकलते है। जिससे स्कूल की पढ़ाई भी बाधित ना हो।

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