आखिरी दिन बाबा ने दिया आशीर्वाद...गुड बाय टेक केअर

खाटू मेले के 10 दिन हुए पूरे।

By: Gaurav

Updated: 07 Mar 2020, 07:02 PM IST

खाटूश्यामजी. शेखावाटी की प्रसिद्ध धार्मिक स्थली खाटू नगरी में चल रहे दस दिवसीय फाल्गुनी लक्खी मेले का समापन द्वादशी शनिवार को हुआ। मेले के अंतिम दिन भक्तों ने बाबा श्याम का दीदार कर नम अंाखों से दरबार से विदाई लेकर अपने अपने गंतव्य की ओर लौट गए। वहीं अनेक श्याम दरबार व अनेक धर्मशालाओं के बाहर भक्तों ने एक दूसरे को गुलाल लगाकर मेले की बधाई दी। द्वादशी पर भक्तों ने लखदातार को जात जड़ूले चढ़ाए व खीर चूरमें व सवामणी का भोग लगाकर अपने परिवार की खुशहाली की कामना की। सम्पमर्ण मेले में तकरीबन पच्चीस लाख के करीब श्रद्धालुओं ने बाबा श्याम की चौखट पर शीश नवाया। खाटू मेले का अंतिम दिन ग्रामीणों के नाम रहा। पूरे मेले में ग्रामीण परिवेश नजर आया। रविवार के दिन भीड़ को देखते हुए प्रशासन व पुलिस का जाप्ता तैनात रहेगा। वहीं स्काउट ने मेले से विदाई लेकर अपने गांव की ओर प्रस्थान कर गए। मेले के दौरान पुलिस ने अनेक महिला पुरूष को श्रद्धालुओं की जेब काटते गिरफ्तार किया।


मंदिर शिखर पर चढ़ा सूरजगढ़ दरबार का ध्वज
द्वादशी के दिन सूरजगढ़ श्याम दरबार की ओर से वर्षभर लहराने वाला 371 वां निशान श्रद्धापूर्वक दरबार के शिखर पर चढ़ाया गया। प्रधान सेवक हजारीलाल इंदोरिया के सानिध्य में ढ़ोल ताशो के साथ नाचते गाते बाबा श्याम के मंदिर में पहुंचे। जहां सवा 11 बजे निशान अर्पित किया गया। यात्रा में ओमप्रकाश सैनी, कुरड़ाराम सैनी, जुगलकिशोर, निशानधारी विष्णु, रूकमानंद सैनी, हरिराम सैनी, प्रभु सैनी सहित हजारों की तादाद तें श्याम भक्त शामिल थे। गौरतलब है कि निशान यात्रा के पदयात्री खाटू में निशान अर्पित करने के बाद वापिस सूरजगढ पैदल ही चलकर जाते है।


भक्तों की आंखे हुई नम
मेले के समापन के दिन बाबा श्याम से विदाई पर भक्तों की आंखे नम हो गई। श्याम भक्तों लिए बाबा श्याम का मेला होली दिवाली के त्यौंहार से भी बढकऱ है। प्रदेश सहित कोलकाता, मुम्बई, दिल्ली, बंगलौर, अहमदाबाद, आसाम,बिहार,पंजाब, हरियाणा सहित देशभर सहित विदेशों से आने वाले श्याम भक्तों को श्याम का फाल्गुन मेले का बेसब्र्री से इंतजार रहता है। जिसके लिये वे एक महिने पहले ही खाटू आने की तैयारियां शुरू कर देते है। अलग अलग स्थानों पर बसे हुए परिवार के सदस्यों व मित्रजन जो वर्ष भर में अपनों से नहीं मिल सकते वे बाबा श्याम के फाल्गुनी मेले के माध्यम से एक दूसरे से मिलते है। लखदातारी श्याम की नगरी में इन दिनों फाल्गुन महोत्सव की धूम मची हुई है।

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