VIDEO: कलेक्ट्रेट पर आमने- सामने हुए भाजयुमो व संयुक्त किसान मोर्चा कार्यकर्ता, पुलिस ने किया बीच बचाव

सीकर. शिक्षक भर्ती परीक्षा रीट की सीबीआई जांच करवाने सहित विभिन्न मांगों को लेकर भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने सोमवार को शहर में रैली निकालकर कलेक्ट्रेट विरोध प्रदर्शन किया।

By: Sachin

Updated: 04 Oct 2021, 03:46 PM IST

सीकर. शिक्षक भर्ती परीक्षा रीट की सीबीआई जांच करवाने सहित विभिन्न मांगों को लेकर भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने सोमवार को शहर में रैली निकालकर कलेक्ट्रेट विरोध प्रदर्शन किया। प्रदेशाध्यक्ष हिमांशु शर्मा की अगुआई में रैली एसके स्कूल मैदान से रवाना हुई। जो राज्य सरकार व शिक्षा मंत्री के खिलाफ नारेबाजी के बीच कल्याण सर्किल होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंची। जहां रास्ते में ही संयुक्त किसान मोर्चा कार्यकर्ताओं ने कृषि कानूनों व लखीमपुर खीरी में किसानों की हत्या के विरोध में रैली को काले झंडे दिखाकर केंद्र सरकार के खिलाफ आका्रेश जताना शुरू कर दिया। इस पर कलेक्ट्रेट के सामने ही एकबारगी दोनों पक्ष आमने- सामने हो गए। जय जवान- जय किसान व केंद्र सरकार विरोधी तो दूसरी ओर मोदी जिंदाबाद के नारे लगाते हुए दोनों पक्ष एक दूसरे के करीब आ गए। तनातनी के माहौल में दोनों पक्ष के कुछ कार्यकर्ता आपस में उलझ भी गए। लेकिन, इसी बीच मौके पर तैनात पुलिस, क्यूआरटी व आरएसी के जवानों ने बीच बचाव कर दोनों पक्षों को अलग- अलग कर दिया। इसके बाद भाजयुमो कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट के दूसरे दरवाजे पर पहुंचे। जहां सभा व काफी देर की नारेबाजी के बाद प्रतिनिधियों ने राज्य सरकार के नाम कलक्टर को ज्ञापन सौंपा। जिसमें रीट परीक्षा में गड़बड़ी की सीबीआई जांच करवाने, शिक्षा मंत्री के इस्तीफा देने व परीक्षा रद्द कर नए सिरे से जल्द करवाने सरीखी मांग रखी गई। मांग पूरी नहीं होने पर प्रदेशस्तर पर आंदोलन को तेज करने की चेतावनी दी गई। इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष इंद्रा चौधरी, भाजयुमो जिलाध्यक्ष स्वदेश शर्मा, कानाराम जाट सहित कई भाजपा पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।

नए सिरे से रीट व शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
प्रदर्शन के दौरान भाजयुमो प्रदेशाध्यक्ष हिमांशु शर्मा ने प्रदेश सरकार व शिक्षा मंत्री पर निशाना साधा। कहा, कि रीट परीक्षा में सरकार व प्रशासन की मिलीभगत से धांधली कर 26 लाख अभ्यर्थियों के साथ अन्याय किया गया है। ऐसे में इस परीक्षा की सीबीआई जांच करवानी चाहिए। शिक्षा मंत्री से इस्तीफा लेकर रीट परीक्षा जल्द नए सिरे से निष्पक्ष तरीके से करवानी चाहिए। चेतावनी भी दी कि यदि सरकार ने मांग नहीं मानी तो आंदोलन को तेज किया जाएगा।

संयुक्त किसान मोर्चा ने किया प्रदर्शन
इससे पहले उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में रविवार को हुई किसानों की मौत के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से कलेक्ट्रेट पर विरोध प्रदर्शन किया गया। हाथ में झंडे लिए कार्यकर्ताओं ने इस दौरान काफी देर तक केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए। सभा के जरिये भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। करीब आधे घंटे चले प्रदर्शन के बाद मोर्चा के प्रतिनिधियों ने राष्ट्रपति के नाम कलक्टर को ज्ञापन सौंपा। जिसमें लखीमपुर खीरी में किसानों की मौत के मामले में केंद्रीय राज्य गृह मंत्री अजय मिश्र को तुरंत पद से बर्खास्त कर उनके खिलाफ सांप्रदायिकता व हिंसा भड़काने का मुकदर्मा दर्ज करने, गाड़ी से कुचलकर किसानों की हत्या के आरोपी बेटे अशीष मिश्रा के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने, मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में एसआईटी से करवाने तथा हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर केा भी हिंसा भड़काने के जुर्म में पद से बर्खास्त करने सरीखी मांग रखी गई। प्रदर्शन के दौरान अखिल भारतीय किसान सभा के महासचिव सागर खाचरिया, पूर्व प्रधान उस्मान खान, किसान यूनियन टिकैत जिलाध्यक्ष दिनेश जाखड़ सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। इसके बाद ही कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट के पहले दरवाजे के पास पहुंचे। जहां से कुछ देर बाद निकली भाजयुमो की रैली को काले झंडे दिखाकर उन्होंने माहौल को गर्मा दिया।

युवक कांग्रेस ने भी खोला मोर्चा
इधर, लखीमपुर खीरी हत्याकांड के विरोध में यूथ कांग्रेस ने भी केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला। कार्यकर्ताओं ने प्रदेश संयुक्त सचिव मुकुल सिंह खीचड़ की अगुआई में जाट बाजार में विरोध प्रदर्शन किया। जो बाद में रैली के रूप में कलेक्ट्रेट पहुंचे। नारे लगाते हुए सरकार के नाम कलक्टर को ज्ञापन भी सौंपा। जिसमें लखीमपुर हत्याकांड के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने व कृषि कानून वापस लेने जैसी मांग रखी गई। कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पर संयुक्त किसान मोर्चा के प्रदर्शन में भी हिस्सा लिया।

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