मां मेरा क्या कसूर था... मेरी तो अभी आंखें भी नहीं खुली थी, आपने ये क्या कर दिया !

मां मेरा क्या कसूर था... मेरी तो अभी आंखें भी नहीं खुली थी, आपने ये क्या कर दिया !

Naveen Parmuwal | Publish: Aug, 08 2019 01:29:17 PM (IST) Sikar, Sikar, Rajasthan, India

Born Baby Found Alive in Hospital : शिक्षा और व्यवसाय में धाक जमाने वाले सीकर जिला बुधवार को फिर शर्मसार हो गया। जिला मुख्यालय स्थित सरकारी जनाना अस्पताल के पालने में बुधवार सुबह साढ़े छह बजे एक नवजात कन्या मिली।

सीकर.
born baby found Alive in Hospital : मां मेरा क्या कसूर था... मेरी तो अभी आंखें भी नहीं खुली थी। मैं तो आपकी लाड़ली बनकर आपके साथ खुशी-खुशी रहती। लेकिन आपने मेरे साथ ये क्या कर दिया। काश! नवजात बालिका की मां यदि उसके सामने होती तो वो उससे कुछ यही सवाल करती। शिक्षा और व्यवसाय में धाक जमाने वाले सीकर जिला बुधवार को फिर शर्मसार हो गया। जिला मुख्यालय स्थित सरकारी जनाना अस्पताल के पालने में बुधवार सुबह साढ़े छह बजे एक नवजात कन्या मिली ( Born Baby Body Found in Sikar)। पालने की घंटी बजते ही अस्पताल का स्टाफ नवजात को लेकर अस्पताल पहुंचा। स्टाफ ने मासूम का उपचार किया। करीब पौने तीन किलो पूरी तरह स्वस्थ है। अस्पताल के एफबीएनसी वार्ड में भर्ती बच्ची के स्वास्थ्य के बारे में जानने के लिए बाल कल्याण समिति के सदस्य जनाना अस्पताल गए। चिकित्सकों ने बताया कि एक-दो दिन पहले जन्म लेने वाली इस लाडो का जन्म घर पर हुआ है। पूर्ण रूप से स्वस्थ बच्ची को गुरुवार को बाल कल्याण समिति के सुपुर्द कर दिया जाएगा। लीगल-फ्री करके बच्चे को गोद देने की प्रक्रिया की जाएगी।

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हर माह एक लावारिस
बाल कल्याण समिति के सदस्य गिरवर सिंह झाझड ने बताया कि बुधवार सुबह मिली नवजात पूरी तरह स्वस्थ है। जनाना अस्पताल में पिछले चार माह में समिति के पास चार लावारिस नवजात आ चुके हैं। एक बच्ची की अस्पताल में मौत हो चुकी है। फिलहाल समिति के पास एक लडक़ी और एक लडक़ा है। जिन्हें गोद देने की प्रक्रिया चल रही है। एक बच्ची को गोद दिया जा चुका है।

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20 दिन में तीसरी बच्ची मिली
शेखावाटी में पिछले 20 दिन में नवजात बच्ची को फैंकने का यह तीसरा मामला है। इससे पहले नीमकाथाना के राजकीय अस्पताल में टॉयलेट पोट में नवजात बच्ची का शव फंसा मिला था। 24 जून को चूरू के रतनगढ़ कस्बे में 7-8 माह की एक नवजात बच्ची प्लास्टिक की थैली में बंद सडक़ पर पड़ी मिली थी।

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