चाचा पढऩे के लिए टोकता, इसलिए बेटे का काट दिया गला, लोग बनाते रहे वीडियो

रोते-बिलखते जिस चचेरे भाई को हमेशा याद किया उसी ने ही आज सबसे बड़ा दर्द दे दिया। मासूम को गोद में खिलाने वाले चचेरे भाई ने ही ब्लेड़ से गला रेत कर हत्या कर डाली।

By: Sachin

Published: 09 Jan 2021, 10:31 AM IST

सीकर/खाचरियावास. रोते-बिलखते जिस चचेरे भाई को हमेशा याद किया उसी ने ही आज सबसे बड़ा दर्द दे दिया। मासूम को गोद में खिलाने वाले चचेरे भाई ने ही ब्लेड़ से गला रेत कर हत्या कर डाली। करड गांव में शुक्रवार दोपहर को दिल दहलाने वाली घटना हुई। 10 साल के मासूम चचेरे भाई की हत्यारे भाई ने ब्लेड़ से गला रेत कर हत्या कर दी। हत्या करते देख कर गांव के लोग दौड़ कर आए। ग्रामीणों ने हत्यारे की धुनाई कर डाली। लहुलुहान अवस्था में मासूम चौक में ही पड़ा तड़पता रहा। घटना के दो वीडियों भी सोशल मीडिया पर वायरल हुए है। एक वीडियों में हत्यारा मासूम को मारते हुए दिखाई दे रहा है। वहीं दूसरे वीडियों में वह लोगों को घटना के बारे में बता रहा है। घटना की सूचना मिलते ही दांतारामगढ़ पुलिस व खाचरियावास चौकी से जाप्ता पहुंच गया। ग्रामीणों ने आरोपी युवक को पुलिस के हवाले कर दिया। दांतारामगढ़ थानाधिकारी हिम्मत सिंह ने बताया कि कैलाश पुत्र मंगलचंद रैगर निवासी करड को गिरफ्तार कर लिया है। उन्होंने बताया कि दोपहर करीब एक बजे कैलाश ने चचेरे भाई 10 साल के उत्तम अलोरिया पुत्र गोपाल लाल रैगर की ब्लेड़ से गला रेत कर हत्या कर दी। उसका शव चौक में पड़ा हुआ था। हत्या की सूचना मिलने के बाद डीएसपी सहित अन्य पुलिस अधिकारी पहुंचे। बच्चे के शव को मोर्चरी में भिजवाया। पुलिस ने शव
का पोस्टमार्टम करवा कर परिजनों को सौंप दिया। फिलहाल पुलिस हत्या के आरोपी से पूछताछ कर रही है।

दोनों भाईयों को मारने की योजना बनाई
जांच में पता लगा कि कैलाश घर से उत्तम व उसके छोटे भाई को घर से बहला-फुसला कर साथ लाया था। उत्तम स्कूल में पोषाहार लेने के लिए जा रहा था। कैलाश गली में दोनों भाईयों को पीटता हुआ ले जा रहा था। तभी 7 साल का छोटा भाई वहां से भाग गया। उत्तम गली में आगे भाग रहा था और कैलाश उसके पीछे पकडऩे के लिए दौड़ रहा था। गली में राशन डीलर के पास काफी लोग बैठे हुए थे। उन्होंने उसे पीछे भागते हुए भी देखा था। वह उत्तम को पकड़ कर पुराने पटवार भवन के पास ले आया और मारपीट करने लग गया। इसके बाद उसे नीचे पटक डाला। ब्लेड़ निकाल कर गला काट डाला।


दोनों परिवारों के बीच में अक्सर हो रहा विवाद

हत्यारा कैलाश तीन भाई और दो बहनों में सबसे बड़ा है। वहीं मृतक उत्तम की पांच बहनें और दो भाई है। वह पांचवीं कक्षा में पढ़ रहा था। उनका पूरा परिवार आसपास ही रहता है। ग्रामीणों ने बताया कि उनके परिवार के बीच में अक्सर विवाद होता रहता है। दोनों के पिता मजदूरी करते है। कैलाश ने आईटीआई कर रखी है और वह प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा है। बयानों में हत्यारे युवक ने बताया कि चाचा उसे रोजाना पढ़ाई के लिए टोकता था। चाचा ने कुछ दिन पहे उसके साथ मारपीट भी की थी। इसी बात को लेकर उसने रंजिश पाल ली। उसने चचेरे भाई को ब्लेड से गला काट कर मार डाला।


दो वीडियों हुए सोशल मीडिया पर वायरल

पहला वीडियों : बच्चे की चीख सुनकर दौड़े ग्रामीण
मासूम की हत्या के दौरान सामने बैठे युवकों ने उसका वीडियों बना लिया। ग्रामीणों ने बताया कि बच्चे की चीख सुनकर वह भाग कर गए। वीडियों ने ग्रामीण उसे पकडऩे के लिए दौड रहे है। वह मासूम को नीचे पटक कर ब्लेड से गला रेत रहा था। लोगों को देखकर वह भागने लगता है। खून से लथपथ मासूम उत्तम वहीं पड़ा रहता है। उसकी मौके पर ही तड़प कर मौत हो गई। ग्रामीण चिल्लाते हुए कैलाश को पकडऩे के लिए पीछे दौड़ते है और कैलाश को पकड़ लेते है। बच्चे को मारने पर ग्रामीणों ने उसकी धुनाई भी कर डाली। युवकों ने उसका वीडियों भी बना लिया। बच्चे को ग्रामीण व परिजन अस्पताल लेकर गए। जहां पर उसकी मौत हो गई।


दूसरा वीडियों : हां, मैंने ही मारा है, मेरी दुश्मनी थी
हां, मैने ही मारा है। मेरी दुश्मनी थी। पुलिस भी पूछेंगी तो यहीं बोलूंगा मैने ही मारा है। मैं आठवीं कक्षा में था। मैं पढऩे काफी कमजोर था। मेरी नौकरी नहीं लग सकती थी। मैंने बालाजी की भक्ति की। तब मैं पढऩे में बहुत होशियार हो गया। दूसरे स्थान पर आ गया। तब मैं बारहवीं में आ गया। फिर कोचिंग करने लग गया। तब मेरासहीं काम हो गया। लोग पूछने लगे कि इसे किसने मारा है। वह बोला-मैंने ही मारा है। अब मेरी तसल्ली पूरी हो गई है।


मासूम को बचाने की बजाय वीडियों बनाते रहे ग्रामीण

हत्यारे चचेरे भाई कैलाश ने पटवार भवन के पास मासूम उत्तम का तेजधार ब्लेड से गला रेत डाला। मासूम की चीख सुनकर सामने बैठे ग्रामीण दौड़ कर आए। हैरानी की बात है कि ग्रामीण हत्यारे को पकडऩे में जुट गए। उसे मारने पीटने में जुट गए। वहीं दूसरी ओर तड़पते हुए मासूम का वीडियों बनाते रहे। उसके गले से खून निकलता रहा। तड़प-तड़प कर मासूम की मौत हो गई। ग्रामीणों ने हत्यारे को भी भाग कर पकड़ लिया और उससे मासूम बच्चे को मारने की वजह पूछने में लग गए। कुछ लोग वहां पर खड़े होकर तमाशा देखने में लगे रहे। किसी का भी दिल तड़पते हुए मासूम को अस्पताल ले जाने के लिए नहीं पसीजा। किसी ने भी नहीं सोचा कि उसे उठाकर वह खुद अस्पताल ले जाएं। लोग एंबुलेंस को बुलाने की बात करते रहे। मासूम वहीं खून से लथपथ पड़ा रहा। जिंदगी और मौत के पायदान पर खड़ा होकर जूझता रहा। शायद हत्यारे को पकडऩे और वीडियों बनाने की बजाय सभी ग्रामीण बच्चे को तुरंत अस्पताल लेकर जाते तो मासूम की दर्दनाक मौत नहीं होती। अस्पताल में उसका समय पर इलाज शुरू हो जाता।

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