चार साल में 2000 महिलाओं से लूट

चार साल में 2000 महिलाओं से लूट

vishwanath saini | Publish: Feb, 16 2018 02:13:49 AM (IST) Sikar, Rajasthan, India

सरकार के राज में सबसे अधिक लूट का शिकार महिलाएं ही हुई


जोगेन्द्र सिंह गौड़

सीकर. महिलाओं की सुरक्षा का दम भरने वाली सरकार के राज में सबसे अधिक लूट का शिकार महिलाएं ही हुई हैं। बानगी यह है कि पिछले चार साल की हुकुमत में करीब दो हजार महिलाओं के साथ लूट की वारदातें हुई हैं। घटना के दौरान इन महिलाओं के मंगलसूत्र तक आरोपित लूट कर ले गए। लेकिन, सरकार हाथ पे हाथ धरे बेठी रही। हालात चौंकाने वाले इसलिए भी हैं कि लूट का शिकार हुई इन महिलाओं में ७२२ महिलाएं वे हैं जो कि, प्रदेश की राजधानी जयपुर में निवास कर रही थीं। जानकारी के अनुसार पुलिस विभाग द्वारा जारी इन आंकड़ों में एक जनवरी २०१४ से ३१ जनवरी २०१८ तक प्रदेश में महिलाओं के साथ लूट के १९३१ प्रकरण दर्ज किए गए। जिनमें महिलाओं के मंगलसूत्र लूट कर ले जाने के अलावा उनके
हाथ से नकदी, चेन, गहने व मोबाइल तक आरोपित दिन-दहाडे़
छीन ले गए। हालांकि घटना के बाद पुलिस चेती भी लेकिन, अपने ढीले रवैये के कारण आधे मामलों में ही बरामदी कर फिसड्डी साबित हुई। इनमें सबसे ज्यादा घटना अकेले जयपुर जिले में घटी। जहां जयपुर उत्तर में ४३, जयपुर दक्षिण में १९७, जयपुर पूर्व में २३३ व जयपुर ग्रामीण में लूट का शिकार होने वाली ४९ पीडि़त महिलाएं शामिल हैं। जबकि १२१ महिलाओं के साथ लूट की वारदात में कोटा जिला दूसरे और तीसरा नंबर अजमेर जिले का है। यहां ११२ महिलाओं ने लूट के प्रकरण दर्ज कराकर उनके साथ न्याय करने की गुहार पुलिस के सामने
लगाई हैं।
क भी जिला नहीं अछूता
स्थिति यह है कि लूट की इन घटनाओं में प्रदेश का एक भी जिला अछूता नहीं है। जहां किसी महिला को नहीं लूटा गया है। हालांकि जीआरपी जोधपुर , कोटा ग्रामीण व सिरोही जिला ही एेसा खुश नसीब रहा है। जहां केवल एक-एक महिला के साथ लूट की वारदात हुई। बाकी सभी जिलों में लूट का यह आंकड़ा दिन-बदिन बढ़ता चला गया था।

 

बरामदगी में अटके हजार मामले
ूलूट के इन दो हजार मामलों में १०९९ घटनाएं एेसी हैं। जिनमें पुलिस एक फुटी कौड़ी तक बरामद नहीं कर पाई है। जबकि मौके पर ही आमजन की सजगता के कारण १८३५ आरोपित गिरफ्तार कर लिए गए थे। केवल ८३२ प्रकरण एेसे हैं। जिनमें पुलिस ने बरामगी के प्रयास किए हैं।

 

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

Ad Block is Banned