कोरोना महामारी : जेल में बाहर से आ रहे कैदियों को भी कर रहे क्वारेंटाइन

सीकर. एक तरफ तो कोरोना वायरस के संक्रमण फैलने का खतरा चारों ओर मंडरा रहा है तो दूसरी तरफ जेलों में क्षमता से अधिक कैदी होने से आपस में टकराव हो रहा है। जेल प्रशासन कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए काफी एहतियात बरत रहा है।

By: Vikram

Published: 18 Apr 2020, 08:40 PM IST

सीकर. एक तरफ तो कोरोना वायरस के संक्रमण फैलने का खतरा चारों ओर मंडरा रहा है तो दूसरी तरफ जेलों में क्षमता से अधिक कैदी होने से आपस में टकराव हो रहा है। जेल प्रशासन कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए काफी एहतियात बरत रहा है। फतेहपुर जेल में दो दिन पहले कैदियों के बीच आपसी झगड़े के कारण 20 कैदियों को सीकर जेल में ट्रांसफर किया गया है। फतेहपुर जेल में 47 कैदी हो चुके थे, जबकि वहां पर 27 कैदियों को रखने की ही क्षमता है। फतेहपुर जेल में क्षमता से अधिक कैदी हो गए थे। इसके बाद सीकर जेल में भी अब 280 कैदी हो चुके है, जबकि यहां पर भी 224 कैदियों को रखने की क्षमता है। इनमें 268 पुरूष और 12 महिलाएं है। जिन्हें अलग-अलग बैरक में रखा गया है। लॉकडाउन की घोषणा के बाद से जेल में अलग-अलग अपराध में शामिल 18 नए कैदी भेजे गए। वहीं लॉकडाउन के बाद 11 कैदियों को जमानत मिलने के बाद छोड़ा गया है। लॉकडाउन से पहले जेल में बंद पुराने कैदियों में से केवल चोरी के एक आरोपी को ही जमानत दी गई है। काफी कैदियों की हाईकोर्ट में जमानत पर सुनवाई चल रही है।


नए कैदियों को आइसोलेट कर रहे
अधीक्षक सौरभ स्वामी ने बताया कि बाहर से जेल में आने वाले सभी नए बंदियों को सैनेटाइज व स्क्रीनिंग करके ही प्रवेश दिया जा रहा है। साथ ही उन सभी बंदियों को अलग से आइसोलेट वार्ड़ में ही शिफ्ट किया जा रहा है। एक बड़े बैरक को आइसोलेशन वार्ड के रूप में तैयार किया है। उनकी जेल में ही नियमित स्क्रीनिंग की जाती है। फिलहाल आईसोलेशन वार्ड में 7 बंदी है। उन्हें खाना-पीना भी वार्ड में ही दिया जाता है और एहतियात के तौर पर अन्य कैदियों से बिल्कुल अलग रखा जाता है। लॉकडाउन के बाद जेल में 18 बंदी आए थे। उनमें से 11 की जमानत हो चुकी है।


खुली जेल में 22 बंदियों को कहीं नहीं जाने की हिदायत
सीकर जेल के पास ही खुली जेल है। खुली जेल में अभी 22 बंदी है। सही आचरण के कारण इन्हें खुली जेल में भेजा जाता है। इनमें से काफी बंदी अपने परिवार के साथ ही खुली जेल में रहते है। खुली जेल के बंदियों को बाहर काम करने व आने-जाने की इजाजत होती है। ऐसे में कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव व लॉकडाउन के कारण सभी बंदियों को जेल से कहीं भी बाहर नहीं आने-जाने के लिए हिदायत दी गई है। जेल प्रशासन की ओर से उन्हें मास्क, साबुन सहित अन्य सामग्री उपलब्ध करवाई गई है। साथ ही खाना भी जेल की ओर से दिया जा रहा है।

सीकर जेल की स्थिति
क्षमता : 224
मौजूद : 280
पुरूष : 268
महिला : 12

लॉकडाउन के बाद स्थिति
जेल में आए : 18
जमानत हुई : 11
आईसोलेट : 7

Vikram Reporting
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