प्रदेश में सिपाही से लेकर एसपी तक 200 पुलिसकर्मी ने खाई रिश्वत, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की इस रिपोर्ट में हुआ चौंका देने वाला खुलासा

अधिकारी भी रिश्वत लेने में रहे हैं। 2014 में रिश्वत लेते कोटा के तत्कालीन एसपी सत्यवीर सिंह को एसीबी ने रिश्वत लेते रंगे हाथों आरोपी बनाया।

By: vishwanath saini

Updated: 10 Feb 2018, 12:04 PM IST

जोगेन्द्र सिंह गौड़
सीकर. अपराधियों में डर और आमजन में विश्वास का नारा देने वाली पुलिस का खुद का ईमान डगमगा रहा है। हालात यह हैं कि खाकी पर रिश्वत का रंग इस कद्र घुल रहा है कि स्थिति बेहद चौंकाने वाली है। जी हां, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा हाल ही में जारी की गई सूची में सामने आया है कि पिछले चार साल के दौरान प्रदेश में रिश्वत लेते हुए 200 पुलिसकर्मियों को मौके पर पकड़ा गया है। खास बात यह है कि रिश्वत लेने में थाने के सिपाही से लेकर पूरा जिला संभालने वाले एसपी तक शामिल हैं।जानकारी के अनुसार भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में वर्ष 2014 से 2017 के दौरान अकेले पुलिस विभाग के 200 भ्रष्ट अफसर व कांस्टेबलों को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया है।

 

शर्म की बात यह है कि इनमें दर्जनों उप निरीक्षक, निरीक्षक व हेडकांस्टेबल सहित कांस्टेबल दोषी मिले। जो कि, परिवादी से पैसे लेकर उसके पक्ष में रिपोर्ट तैयार कर देने व आरोपितों से सांठ-गांठ कर उसे बचाकर निकाल देने की एवज में अपनी जेब गर्म करते पाए गए थे। मामले चिंतनीय ऐसे भी है। क्योंकि, भ्रष्टाचार की यह जड़ प्रदेश के प्रत्येक जिले में फैली हुई मिली। जिसमें प्रदेश की राजधानी जयपुर इन सबसे दो कदम आगे निकली। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने अकेले जयपुर जिले में 38 पुलिस वालों को गिरफ्तार किया है। जबकि जैसलमेर , जालौर, सिरोही, झालावाड़ व डूंगरपुर जिले में रिश्वत लेने वाले पुलिस के केवल एक-एक कार्मिक शामिल हैं। इधर, रिश्वत लेने में जयपुर के बाद सीकर जिला दूसरे नंबर पर है। यहां 13 भ्रष्ट अफसरों को काली कमाई लेते एसीबी की टीम ने रंगे हाथों धरा है। जबकि भीलवाड़ा, उदयपुर व अलवर 12-12 गिरफ्तारियों के साथ तीसरे नंबर पर निकल कर सामने आए हैं।

 

 

रिश्वत लेने में अधिकारी भी नहीं अछूते
अधिकारी भी रिश्वत लेने में रहे हैं। 2014 में रिश्वत लेते कोटा के तत्कालीन एसपी सत्यवीर सिंह को एसीबी ने रिश्वत लेते रंगे हाथों आरोपी बनाया। इसके अलावा रींगस के उपअधीक्षक पुलिस नाथूराम महरानिया व उदयपुर के तत्कालीन उपअधीक्षक पुलिस मनीष शर्मा रिश्वत के भ्रष्टाचार में डूबे हुए मिले। जिनको गिरफ्तार के बाद हवालात का रूख करना पड़ा।

 

सीकर में चार साल में 13 पुलिसकर्मी नामजद
4 साल में सीकर के 13 पुलिस कार्मियों के गिरेबा तक एसीबी के हाथ पहुंचे। मौके पर रिश्वत लेते चांदमल, सांवरमल, झाबर सिंह, रामनिवास, श्रवण कुमार, श्रीराम, महेशचन्द, मोहनलाल, गिरधारीलाल, होशियार सिंह, बनवारीलाल तथा महेश कुमार को नामजद किया गया।

 

114 काट रहे कोर्ट के चक्कर
ब्यूरो की ओर से पुलिस विभाग के खिलाफ रिश्वत के कुल 275 प्रकरण दर्ज किए गए। जिनमें 155 में चालान कर दिया गया है और छह मामलों में एफआर लगा देने के बाद 114 प्रकरण अनुसंधान में लंबित होने के कारण भ्रष्ट पुलिस कर्मियों को कोर्ट के चक्कर लगाने पड रहे हैं।

vishwanath saini Desk
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