पुलिस के खुफिया तंत्र से दो कदम आगे अपराधी

पुलिस के खुफिया तंत्र से दो कदम आगे अपराधी

Vinod Singh Chouhan | Publish: Sep, 16 2018 01:48:56 PM (IST) | Updated: Sep, 16 2018 01:48:57 PM (IST) Sikar, Rajasthan, India

सीकर. जिले में बढ़ रही गैंगवार की लड़ाई में पुलिस का खुफिया तंत्र फेल होता जा रहा है। जबकि अपराधियों द्वारा एक दूसरे के खिलाफ की जाने वाली मुखबिरी बिल्कुल स्टीक बैठ रही है।


सीकर. जिले में बढ़ रही गैंगवार की लड़ाई में पुलिस का खुफिया तंत्र फेल होता जा रहा है। जबकि अपराधियों द्वारा एक दूसरे के खिलाफ की जाने वाली मुखबिरी बिल्कुल स्टीक बैठ रही है। यहीं वजह है कि गोली मारने वाले आते हैं और संबंधित को निशाना बना डालते हैं। इधर, घटना के बाद पुलिस हाइवे व मुख्य मार्गों पर नाकाबंदी में उलझ जाती है और हमलावर वारदात को अंजाम देकर कच्चे रास्तों के सहारे पार हो जाते हैं। स्थिति यह है कि सेवा गांव में बुधवार रात 14 राउंड फायर की घटना को दो दिन बीत चुके हैं। लेकिन, आरोपी अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। जिनके लिए दबिश देने की कार्रवाई जारी है। जानकारी के अनुसार पिछले महीनों में जिले के अंदर अपराध की ऐसी कई वारदातों को अंजाम दिया जा चुका है। जिनमें अपराधियों के पास सामने वाले की पल-पल की खबर थी। जो उनको उनके मुखबिरों द्वारा दी जा रही थी। जबकि पुलिस को इस बात की भनक तक नहीं लगी कि अपराधी हथियार के साथ कब मौके तक पहुंच गया और फायरिंग करने के बाद फरार भी हो गया। उदाहरण के तौर पर नीमकाथाना में आनंदपाल की गैंग व राजू ठेहठ की गैंग के बीच दिन-दहाड़े फायरिंग होना, पाटन के पास बैंक लूटने के दौरान हवाई फायर होना, श्रीमाधोपुर टोल के पास फायरिंग कर लूट व इसके अलावा पिपराली रोड पर आठ अगस्त को हिस्ट्रीशीटर मनोज ओला पर दिनदहाड़े गोलियां बरसाने की घटना ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था की पोल कर रख दी थी। गौर तलब है कि बुधवार की रात हार्डकोर अपराधी सुखदेवाराम के घर अज्ञात हमलावर 14 राउंड फायर कर फरार हो गए थे। इनमें एक पक्ष सुभाष बराल व दूसरा गैंगस्टर राजू ठेहठ की गैंग से जुड़ा होना बताया जा रहा है।

बंद मोबाइल बना परेशानी

फा यरिंग की घटना के बाद सदर थाना पुलिस ने भैरूपुरा, सालासर व कटराथल सहित करीब आधा दर्जन से अधिक जगहों पर दबिश दी। लेकिन, पुलिस को यहां कोई नहीं मिला। थानाधिकारी करण सिंह खंगारोत के अनुसार आरोपियों ने अपने मोबाइल व नेटवर्र्किंग के सारे सिस्टम बंद कर रखे हैं। फिर भी आरोपियों तक पहुंचने का पुलिस पूरा प्रयास कर रही है। आरोपियों की सूचना मिलने वाली हर जगह छापेमारी की जा रही है।

मामले में बरती ढिलाई
हिस्ट्रीशीटर मनोज ओला की फेसबुक पर पोस्ट डालने के बाद कोतवाली पुलिस ने देवेश को दो-तीन दिन पकड़ कर रखा था। लेकिन, पुख्ता कार्रवाई नहीं होने के कारण छूटते ही उसने फिर पोस्ट कर गैंगवार को हवा दे दी। िजसका नतीजा यह रहा है कि मनोज का हार्डकोर साथी सुखदेवाराम देवेश से उलझने उसके घर तक पहुंच गया। इधर, तैश में आकर हमलावर सुखदेवाराम के घर रात दो बजे प्रवेश कर गए और ताबड़-तोड़ गोलियां बरसाकर क्षेत्र को दहशत में ला दिया। हालांकि शंका के आधार पर हमलावरों की रिपोर्ट सदर थाने में दर्ज कराई जा चुकी है। लेकिन, इनमें से एक भी पुलिस के हाथ नहीं लगा है। पुलिस पिस्टल से ठोकी गई गोली के
खाली कारतूस जुटाकर हमलावरों की तलाश कर रही है।

इनका कहना
पुलिस के आरोपियों के नजदीक है। फायरिंग करने वालों के बारे में अहम सुराग लगा है। संभावना है उनको जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
डा. तेजपाल सिंह, एएसपी।

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