उपनिदेशक को मिली चार्जशीट तो निदेशक ने पहली बार ली समीक्षा बैठक

डीसी की बैठक में डीडी नहीं बता सकी, किराए के भवन में कितने आंगनबाड़ी केन्द्र

By: Ashish Joshi

Published: 12 Feb 2021, 06:42 PM IST

सीकर. समेकित बाल विकास निदेशक डॉ. प्रतिभा सिंह महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक के लिए पहली बार शुक्रवार को सीकर सर्किट हाउस पहुंची। डॉ. प्रतिभा ने उपनिदेशक व जिले के सभी सीडीपीओ के साथ पूरक पोषाहार एवं आंगनबाड़ी केंद्रों की व्यवस्थाओं को लेकर समीक्षा बैठक ली। गौरतलब है कि पिछले दिनों संभागीय आयुक्त के सीकर दौरे के दौरान बाल विकास विभाग की उपनिदेशक सुमन पारीक को चार्ज शीट मिली थी। हालांकि इस मुद्दें पर निदेशक डॉ. प्रतिभा सिंह का कहना है कि विभाग चार्जशीट के सभी बिंदुओं पर जांच करेगा। जांच में खुलासा होने के बाद ही विभाग की और से अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार निदेशक डॉ.प्रमिला सिंह का शनिवार को उपनिदेशक कार्यालय सहित जिले के कई आंगनबाड़ी केंद्रों पर निरीक्षण भी प्रस्तावित हैं।
अचानक बढ़ गए लाभार्थी
कोरोना समय में विभाग की ओर से पोषाहार सामग्री में किए परिवर्तन के कारण अचानक लाभार्थियों की संख्या बढ़ी हैं। लाभार्थियों को कोरोना महामारी के चलते प्रति माह घर बैठे गेहूं, चावल एवं चना दाल वितरण की जा रही हैं। इससे पहले लाभार्थियों को केवल पंजीरी मिल रही थी। विभाग के स्तर पर हालांकि लाभार्थियों की संख्या में तो बढ़ोत्तरी हुई है, लेकिन कोरोना समय में वितरण में गड़बड़ी के मामले भी बहुत अधिक सामने आए हैं। इसके अलावा आंगनबाड़ी केंद्रों की मॉनिटरिंग के मामले में भी हमेशा विभाग का तंत्र फेल ही रहा है।

1 करोड़ से अधिक का गबन
पूर्व धोद सीडीपीओ राजेंद्र घोसल्या के कार्यकाल में स्वयं सहायता समूह के बिलों में विभागीय जांच में 1 करोड़ से अधिक का गबन सामने आया था। राजस्थान पत्रिका ने मामले का पूरा खुलासा किया उसके बाद विभाग ने डेढ़ लाख रुपए की रिकवरी भी की। लेकिन उसके बाद मामले को दबा दिया गया। शेष राशि की रिकवरी को लेकर विभाग ने आगे कोई कार्रवाई नहीं की। निदेशक डॉ. प्रतिभा सिंह ने संबंधित स्वयं सहायता समूह से रिकवरी के लिए बकाया भुगतान रोकने और विभाग स्तर पर कार्रवाई को आगे बढ़ाने के निर्देश भी दिए हैं।
मार्च से पहले भुगतान का आश्वासन
स्वयं सहायता समूहों के बकाया भुगतान के लिए वित्त विभाग से बजट की मांग की गई हैं। दिसंबर माह तक का भुगतान हो चुका है। संभवतया मार्च से पहले शेष राशि का भुगतान करने का आश्वासन निदेशक ने दिया है। साथ ही उन्होंने कहा विभाग की ओर से विभिन्न प्रकार की खरीद व्यवस्था को भी विकेन्द्रित किया गया है। इससे उपनिदेशक व सीडीपीओ बजट को अपनी जरूरतों के हिसाब से खर्च कर सकते हैं। जिले में दो-तीन कर्मचारियों के पास अतिरिक्त चार्ज होने की जानकारी भी मिली है। जल्द ही कर्मचारियों की नियुक्ति कर दी जाएगी। बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग उपनिदेशक सुमन पारीक, सहायक लेखाधिकारी डीडी कार्यालय श्याम सुंदर शर्मा, सीडीपीओ खंड़ेला कुलदीप मीणा, नीमकाथाना संजय चेतानी, पिपराली राजेंद्र घोसल्या, फतेहपुर प्रियंका मीणा, जूनियर अकाउंटेंट धोद बलदेव उपस्थित रहे।

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