खाटूश्यामजी में दान पात्र घोटाले को देवस्थान विभाग ने माना सही, कठोर कार्रवाई की अनुशंसा

(Devsthan department considers Khatushyamji donated scam right, recommends strict action) सीकर. कोरोनाकाल में बिना अनुमति के खाटूश्यामजी (Khatushyamji) मंदिर ट्रस्ट के दान पात्र लगाने के मामले में देवस्थान विभाग ने मंदिर ट्रस्ट की बड़ी गलती मानी है। देवस्थान विभाग की जयपुर संभाग की टीम ने शनिवार को रिपोर्ट विभाग के कमिश्नर को सौंप दी है।

By: Sachin

Published: 21 Feb 2021, 10:35 AM IST

सीकर. कोरोनाकाल में बिना अनुमति के खाटूश्यामजी मंदिर ट्रस्ट के दान पात्र लगाने के मामले में देवस्थान विभाग ने मंदिर ट्रस्ट की बड़ी गलती मानी है। देवस्थान विभाग की जयपुर संभाग की टीम ने शनिवार को रिपोर्ट विभाग के कमिश्नर को सौंप दी है। इसमें विभाग की जांच टीम ने साफ लिखा कि मंदिर ट्रस्ट ने बिना अनुमति के दान पात्र लगा लिए। मंदिर कमेटी का यह कृत्य सीधे तौर पर अनियमितता की श्रेणी में आता है। विभाग ने माना कि फरवरी महीने में विभाग को मंदिर कमेटी ने अन्य दान पात्रों के भरने की सूचना दी थी, लेकिन इन दान पात्रों के बारे में कभी नहीं बताया। पिछले दिनों वीडियो के साथ शिकायत हुई तब भी मंदिर कमेटी ने इन दान पात्रों के बारे में इंकार कर दिया। विभागीय सूत्रों का दावा है कि मंदिर कमेटी ने सितम्बर व अक्टूबर महीने में इन दान पात्रों को गुपचुप लगा दिया था। इधर, देवस्थान विभाग के कमिश्नर की ओर से सोमवार को राज्य सरकार को इस संबंध में मंदिर कमेटी के खिलाफ कठोर कार्रवाई के लिए पत्र लिखा जाएगा। इन दान पात्रों में 40 लाख से अधिक का दान होने की बात भी सामने आई है।

यह है मामला
पिछले दिनों देवस्थान विभाग को शिकायत मिली कि मंदिर ट्रस्ट ने बिना अनुमति के दान पात्र लगा दिए हैं। शिकायत में इन दानपात्रों को कई बार खोलने का भी आरोप लगाया गया। इसके बाद विभाग की टीम पहुंची तो पहले तो मंदिर कमेटी ने आनाकानी कर पल्ला झाडऩे की कोशिश की लेकिन वीडियो के साक्ष्य के आधार पर जांच हुई तो पूरा सच सामने आ गया।

1990 में विधानसभा में मामला गूंजा तो बदली थी व्यवस्था

वर्ष 1990 में मंदिर कमेटी के दान राशि में अनियमितता बरतने का मामला विधानसभा में भी गूंजा था। इस दौरान तय हुआ कि मंदिर के दानपात्रों पर निगरानी के लिए सीकर जिला कलक्टर की अध्यक्षता में कमेटी बनाई जाए। लेकिन इस दौरान मंदिर कमेटी ने जिला कलक्टर के फैसले को न्यायालय में चुनौती दे दी। इसके बाद राज्य सरकार ने देवस्थान विभाग के जरिए मंदिर ट्रस्ट पर निगरानी की व्यवस्था की। वर्ष 2000 के बाद से खाटूश्यामजी मंदिर क्षेत्र में लगे दान पात्रों पर मंदिर कमेटी के साथ देवस्थान विभाग के भी ताले लगाने के आदेश जारी हुए।

सरकार के निर्णय तक नहीं खुलेगी दान पेटी

फिलहाल विभाग ने जब्त दानपेटियों को सीलबंद कर मंदिर कमेटी को सौंप दिया है। सरकार के निर्णय के बाद ही इन दानपेटियों को खोला जा सकेगा।


पूरी रिपोर्ट करेंगे तलब: संभागीय आयुक्त
बिना अनुमति के मंदिर ट्रस्ट के दानपात्र लगाने के मामले की पूरी रिपोर्ट जल्द तलब की जाएगी। खाटू दरबार में देश-दुनिया के भक्त आते हैं। यहां जितनी बेहतर सुविधाएं होंगी भक्तों को उतना ही फायदा मिलेगा।

डॉ. समित शर्मा, संभागीय आयुक्त, जयपुर

रिपोर्ट जल्द सरकार को भेजेंगे: देवस्थान विभाग
खाटूश्यामजी के मामले में जांच टीम की रिपोर्ट मिल गई है। राज्य सरकार को कठोर कार्रवाई के लिए पत्र लिखा जाएगा। आगे की कार्रवाई राज्य सरकार स्तर से होनी है।
राजेन्द्र भट्ट, कमीश्नर, देवस्थान विभाग

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned