धौलपुर 'अनसेफ', झालावाड़ 'सेफ'

(Dholpur has maximum adulteration. Jhalawar safe in rajasthan) प्रदेश में मिलावट रोकने के लिए सरकारी दावे पूरी तरफ कागजी साबित हो रहे हैं। प्रदेश में 14 महीने में स्वास्थ्य विभाग की ओर से 8397 सैम्पल लिए गए।

By: Sachin

Published: 27 Feb 2021, 10:37 AM IST

सीकर. प्रदेश में मिलावट रोकने के लिए सरकारी दावे पूरी तरफ कागजी साबित हो रहे हैं। प्रदेश में 14 महीने में स्वास्थ्य विभाग की ओर से 8397 सैम्पल लिए गए। इनमें से 2153 नमूने मिलावटी पाए गए। सबसे ज्यादा मिलावट का खेल धौलपुर में सामने आया है। यहां 14 महीनों में खाद्य सामग्री के 31 अनसेफ मामले सामने आए हैं। वहीं झालावाड़ में इस दरम्यान एक भी मिलावट का मामला सामने नहीं आया है। प्रदेश की राजधानी मिलावट के मामलों में दूसरे नंबर पर है। इधर, जोधपुर में भी 24 नमूने अनसेफ मिले हैं। हैरानी की बात यह है कि प्रदेश में लगातार मिलावट के मामले सामने आने के बाद भी विभाग पुराने मामलों का निस्तारण नहीं कर पा रहा है। लगभग एक साल में सामने आए मिलावट के 2153 मामलों में से महज 784 में जांच पूरी हो सकी। जबकि 1369 मामले अब तक जांच में उलझे हुए हैं।


जिलावार समझें मिलावट का खेल

जिला -- सब स्टैण्डर्ड -- अनसेफ
अजमेर 39 -- 22

भीलवाड़ा 20 -- 10
नागौर 44 -- 15

टोंक 63 -- 15
बीकानेर 55 -- 4

चूरू 35 -- 4
श्रींगंगानगर 21 -- 8

हनुमानगढ़ 29 -- 4
जयपुर 271 -- 27

दौसा 27 -- 4
सीकर 46 -- 8

झुंझुनूं 25 -- 10
अलवर 63 -- 12

जोधपुर 33 -- 24
जैसलमेर 13 -- 1

बाड़मेर 35 -- 14
जालौर 15 -- 7

पाली 21 -- 13
सिरोही 31 -- 6

कोटा 42 -- 3
बांरा 27 -- 2

बूंदी 13 -- 6
झालावाड़ 13 -- 0

उदयपुर 31 -- 5
चित्तौडगढ़़ 35 -- 9

प्रतापगढ़ 13 -- 5
डूंगरपुर 22 -- 6

बांसवाड़ा 40 -- 1
राजसमंद 34 -- 8

भरतपुर 71 -- 18
धौलपुर 67 -- 31

सवाईमाधोपुर 33 -- 4
करौली 15 -- 2


नया फरमान: अब बनेगा खाद्य सुरक्षा निदेशालय

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बुधवार को बजट में माना कि शुद्ध के लिए युद्ध अभियान होली-दिवाली तक सीमित रह जाता है, लेकिन अब पूरे सालभर यह अभियान चलाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बजट में खाद्य सुरक्षा निदेशालय बनाने की घोषणा की है।

लापरवाही: प्रदेश में 46 पद खाली

प्रदेश के सभी जिलों में खाद्य सुरक्षा अधिकारी के 98 पद सृजित हैं, जबकि फिलहाल 52 पदों पर ही अधिकारी कार्यरत हैं। प्रदेश में 46 पद रिक्त हैं। इन अधिकारियों के पास भी संसाधनों का टोटा है।

603 मामले मिसब्रांड के भी

आमजन की सेहत से खिलवाड़ करने से विभिन्न कंपनियां भी नहीं चूक रही है। प्रदेश में पिछले 14 महीने में 603 मामले मिसब्रांड के भी सामने आए हैं। सबसे ज्यादा जयपुर में 76 व टोंक जिले में 55 मामले सामने आए हैं।

1242 नमूने मानकों पर खरे नहीं
आमजन को जिस खाद्य सामग्री को अच्छी गुणवत्ता के नाम पर बेचा जा रहा है, उनमें से भी कुछ सामग्री मानकों पर खरी नहीं उतर रही है। प्रदेश में 14 महीने मेें 1242 नमूने मानकों पर खरे हीं उतरे।

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